शाम की गरमा-गरम चाय की चुस्कियों के साथ अक्सर कुछ नमकीन और खस्ता चबाने का मन करता है। दुकानों पर मिलने वाली नमकीन स्वाद में तो लाजवाब लगती है, मगर मैदे की अधिकता और बार-बार गर्म किए गए तेल की वजह से हर कोई इसे रोजाना खाने से हिचकता है। ऐसे में अपनी रसोई में मौजूद सामान्य गेहूं के आटे और थोड़ी सी सूजी का इस्तेमाल करके बेहद क्रिस्पी नाश्ता खुद तैयार किया जा सकता है। घर पर बना यह स्नैक न केवल हल्का रहता है, बल्कि साबुत मसालों के मेल से इसमें एक सौंधी सी महक भी आती है जो चाय के जायके को दोगुना कर देती है।
स्वाद बढ़ाने के लिए जरूरी सामग्री और उसका नाप
इस स्वादिष्ट नाश्ते की तैयारी के लिए बहुत ज्यादा तामझाम की दरकार नहीं होती। मुख्य आधार के रूप में 2 कप गेहूं का आटा निकालें और उसमें अतिरिक्त खस्तापन जोड़ने के लिए 4 बड़े चम्मच बारीक सूजी शामिल करें। खुशबूदार फ्लेवर देने के लिए 1 छोटा चम्मच अजवाइन, 1 छोटा चम्मच कलौंजी और आधा छोटा चम्मच जीरा साथ रखें। इसके अलावा 1 छोटा चम्मच सादा नमक स्वाद अनुसार लें। आटे में सही मोयन देने के लिए 3 बड़े चम्मच तेल की जरूरत होगी, जबकि तलने का काम पूरा करने के लिए अलग से तेल कड़ाही में रखना होगा। नाश्ता तैयार होने पर ऊपर से चटपटा ट्विस्ट देने के लिए आधा छोटा चम्मच चाट मसाला और 1 बड़ा चम्मच नूडल या मैजिक मसाला रख लें।
मोयन की सही पहचान और आटा तैयार करने की विधि
एक फैले हुए गहरे बर्तन या परात में आटा और बारीक सूजी को एक साथ छानकर डालें। अब इस सूखे मिश्रण में जीरा, अजवाइन, कलौंजी तथा नमक डालकर हाथों से अच्छी तरह मिला दें ताकि सारे दाने पूरे आटे में बिखर जाएं। इसके बाद 3 बड़े चम्मच तेल इसमें डालें और हथेलियों से रगड़ते हुए आटे में मोयन को एकसार करें। मोयन की मात्रा सही बैठी है या नहीं, इसकी जांच करने का सबसे सरल नुस्खा यह है कि थोड़े से आटे को मुट्ठी में भींचकर देखें। यदि आटा आसानी से बंध जाता है और ढीला होकर बिखरता नहीं, तो समझें कि मोयन एकदम दुरुस्त है।
अब थोड़ा-सा सादा पानी छिड़कते हुए आटा लगाना शुरू करें। यहां सबसे जरूरी सावधानी यह रखनी है कि आटा किसी भी सूरत में मुलायम या गीला न होने पाए, इसे सामान्य रोटी के आटे की तुलना में काफी सख्त गूंथना होगा। अगर आटा ढीला रह गया तो पापड़ी कभी भी मनमुताबिक खस्ता नहीं बन पाएगी। आटा पूरी तरह बंध जाने के बाद उसे लगभग 10 मिनट के लिए किसी गीले या सूखे कपड़े से ढंककर विश्राम दें, जिससे सूजी नमी सोखकर अच्छी तरह सेट हो जाए।
बेलने की तकनीक और कांटे से छेद करने का फायदा
विश्राम के बाद गूंथे हुए आटे को दोबारा चिकना करें और उसमें से छोटी-छोटी लोइयां काट लें। एक पेड़ा चकले पर रखकर बेलन की सहायता से एक समान शीट की तरह फैलाएं। बेलते वक्त इस बात का ख्याल रखें कि शीट न तो बहुत मोटी रहे और न ही कागज जैसी पारदर्शी हो; पतली पूरी के बराबर मोटाई इसके लिए आदर्श मानी जाती है। अब इस बेली हुई शीट पर एक कांटे वाले चम्मच से थोड़ी-थोड़ी दूरी पर छोटे छेद बना दें। यह छोटा सा कदम बेहद अहम है क्योंकि छेद करने से तलते समय पापड़ी पूरी की तरह फूलती नहीं है और अंदर तक तेल पहुंचकर उसे बेहद कुरकुरा बना देता है।
इसके बाद किसी तेज धार वाले छोटे गिलास या गोल कुकी कटर से उस शीट में से एक समान आकार की गोल टिकिया काट लें। किनारों से छूटे अतिरिक्त आटे को समेटकर दोबारा लोई में मिला लें और फिर से बेलकर नई टिकिया काटते जाएं। इस तरह सारी कच्ची पापड़ियां पहले से काटकर एक थाली में सजाकर रख लें ताकि तलते वक्त कोई हड़बड़ी न हो।
तलने के दौरान आंच का संतुलन और धीमी सिकाई
कड़ाही में पर्याप्त तेल डालकर गैस पर चढ़ाएं, लेकिन तेल को धुएं के स्तर तक खौलने न दें। कड़ाही में पापड़ियों को डालते समय गैस की लौ को धीमे से मध्यम के बीच स्थिर रखें। तेज आंच पर डालने की भूल कतई न करें, क्योंकि अत्यधिक गर्म तेल में पड़ते ही पापड़ी ऊपर से तुरंत लाल हो जाएगी जबकि उसकी भीतरी परतें कच्ची और नरम रह जाएंगी। धैर्यपूर्वक धीमी से मध्यम आंच पर इन्हें उलटते-पलटते रहें ताकि दोनों तरफ एक समान बादामी रंगत चढ़ सके।
जब दोनों तरफ से रंग हल्का सुनहरा हो जाए और झाग आना बंद हो जाए, तब कलछी की मदद से इन्हें तेल से बाहर निकालें। छलनी पर रखकर कुछ सेकंड रोकें ताकि बचा हुआ अतिरिक्त तेल कड़ाही में वापस टपक जाए। इसके बाद इन्हें किसी प्लेट पर ठंडा होने के लिए फैला दें।
मसालेदार तड़का और लंबे समय तक सुरक्षित रखने का तरीका
जब ये पापड़ियां हल्की गुनगुनी रह जाएं, तब इनके ऊपर तैयार किया हुआ चाट मसाला और मैजिक या नूडल मसाला चारों तरफ छिड़क दें। अगर आप तीखा या चटपटा कम पसंद करते हैं तो मसालों का अनुपात अपनी पसंद के अनुसार घटा सकते हैं। यह नाश्ता शाम की चाय के साथ सीधे परोसने के लिए तैयार है। जब पापड़ियां कमरे के तापमान पर पूरी तरह ठंडी हो जाएं, तब इन्हें कांच या स्टील के एयरटाइट डिब्बे में बंद करके रख दें। सीलन और हवा से बचाकर रखने पर यह नाश्ता कई दिनों तक अपनी ताजगी और खस्तापन बरकरार रखता है।



















