अटलांटिक महासागर में इस वर्ष उष्णकटिबंधीय तूफानों की खामोशी के बीच एक अनोखा मौसमी तंत्र सक्रिय हो रहा है। आमतौर पर सर्दियों के मध्य में नजर आने वाले नोरईस्टर चक्रवात ने पतझड़ के मध्य में ही दस्तक दे दी है। यह मौसमी तंत्र पारंपरिक सर्दियों के नोरईस्टर की तरह बर्फबारी या पाला लाने के बजाय उष्णकटिबंधीय मौसम जैसा प्रभाव पैदा कर सकता है। बुधवार को उत्तरी कैरोलिना के आउटर बैंक्स से कुछ सौ मील की दूरी पर इस प्रणाली के बीज बनने शुरू हुए थे। यह पूरा सिस्टम सप्ताहांत के दौरान न्यू इंग्लैंड की दिशा में आगे बढ़ेगा और अगले सप्ताह की शुरुआत में धीरे-धीरे कमजोर पड़ेगा।
तटीय इलाकों में तेज हवाओं और बाढ़ का बड़ा जोखिम
नोरईस्टर असल में एक विशेष प्रकार की निम्न दबाव प्रणाली होती है, जिसे तटरेखाओं से टकराने वाली तीव्र उत्तर-पूर्वी हवाओं के कारण यह नाम मिला है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, उत्तरी कैरोलिना से लेकर नोवा स्कोशिया तक के तटीय इलाकों में लगातार और बेहद तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। विशेषकर न्यू इंग्लैंड के तटीय क्षेत्रों में शुक्रवार और शनिवार के दौरान हवाओं के सबसे भयानक झोंके देखने को मिल सकते हैं, जहां इनकी रफ्तार 60 से 70 मील प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
इस तंत्र के प्रभाव से समूचे क्षेत्र के तटीय इलाकों में पानी भरने, समुद्र तट के कटाव, जानलेवा रिप करंट और बेहद उबड़-खाबड़ लहरों की गंभीर आशंका बनी हुई है। मौसम की इस मार के चलते कई जगहों पर बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा है। इसके अतिरिक्त, तेज हवाओं और बारिश के कारण न्यूयॉर्क और बोस्टन के हवाई अड्डों पर उड़ानों में देरी होने की पूरी संभावना है।
कंप्यूटर मॉडलों में रास्ते को लेकर अनिश्चितता
मौसम के कंप्यूटर मॉडल अब भी इस बात पर पूरी तरह एकमत नहीं हैं कि यह तूफान तट के कितना करीब से गुजरेगा या फिर यह कितने समय तक इलाके में बना रहेगा। इस प्रभाव का सटीक आकलन करने के लिए ये दोनों ही कारक बेहद महत्वपूर्ण हैं। यदि यह तंत्र धीमी गति से तट के अधिक निकट ट्रैक करता है, तो क्षेत्र में बहुत तेज हवाएं चलेंगी और मूसलाधार बारिश दर्ज की जाएगी। इसके विपरीत, यदि यह प्रणाली तेज गति से आगे बढ़ती है या इसका केंद्र समुद्र में तट से दूर रहता है, तो तटीय इलाकों में इसका असर तुलनात्मक रूप से कम देखने को मिलेगा।
उष्णकटिबंधीय और गैर-उष्णकटिबंधीय प्रणालियों का मिश्रण
उत्तरी अमेरिका में शक्तिशाली जेट स्ट्रीम के प्रवाह के कारण नोरईस्टर मुख्य रूप से अक्टूबर और अप्रैल के महीनों के बीच सक्रिय होते हैं। मौसम के इतने शुरुआती चरण में इस तरह के शक्तिशाली नोरईस्टर का उभरना बेहद असामान्य माना जाता है। मौसम विज्ञान की दृष्टि से नोरईस्टर को गैर-उष्णकटिबंधीय या एक्स्ट्राट्रॉपिकल प्रणाली माना जाता है, जो अपनी अधिकांश ऊर्जा वायुमंडल के ऊपरी स्तर की तेज हवाओं से खींचते हैं। यह प्रक्रिया सामान्य हरिकेन से काफी अलग होती है, जो मुख्य रूप से असामान्य रूप से गर्म महासागरीय जल से ऊर्जा प्राप्त करते हैं। हालांकि, निम्न दबाव प्रणालियों के स्वरूप इतने व्यापक होते हैं कि उन्हें स्पष्ट रूप से उष्णकटिबंधीय या गैर-उष्णकटिबंधीय की श्रेणी में बांटना कई बार जटिल हो जाता है, और यह चक्रवात इसका सबसे सटीक उदाहरण है।
कुछ कंप्यूटर मॉडलों के विश्लेषण से संकेत मिलता है कि पूर्वोत्तर तटरेखा से दूर गहराते हुए यह नोरईस्टर कुछ उष्णकटिबंधीय विशेषताएं भी हासिल कर सकता है। सामान्यतः पूर्ण गैर-उष्णकटिबंधीय प्रणालियों के केंद्र में हर स्तर पर ठंडी हवा पाई जाती है। इसके विपरीत, इस नोरईस्टर के केंद्र में अल्प समय के लिए एक उथला गर्म कोर विकसित हो सकता है, जो कि आमतौर पर उष्णकटिबंधीय तूफानों और हरिकेन में देखा जाता है। इसके अतिरिक्त, बादलों की संरचना, हवाओं का फैलाव और केंद्र के करीब गरज-चमक के साथ आंधी की गतिविधियां भी इसे उष्णकटिबंधीय रूप दे सकती हैं। हालांकि इसे किसी हरिकेन की तरह औपचारिक नाम मिलने की संभावना नहीं है, फिर भी स्थानीय निवासियों के लिए बाढ़, हवा से होने वाले नुकसान और बिजली कटौती के खतरों को लेकर सतर्क रहना जरूरी है।
अल नीनो का प्रभाव और आगामी सर्दियों के संकेत
अटलांटिक बेसिन में इस साल तूफानी हलचल में ऐतिहासिक शांति दर्ज की गई है। इस समय तक वर्ष की सामान्य उष्णकटिबंधीय गतिविधि 10 प्रतिशत से भी कम स्तर पर चल रही है। वर्ष 1966 में उपग्रह युग की शुरुआत के बाद से यह पहला अवसर है जब मौसम इतने लंबे समय तक बिना किसी हरिकेन के बीता है। तूफानी मौसम का यह शांत दौर अल नीनो का एक स्पष्ट लक्षण है, जिसमें उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर का अत्यधिक गर्म पानी वायुमंडल में ऐसी स्थितियां पैदा कर देता है जो अटलांटिक में उष्णकटिबंधीय तूफानों के निर्माण के लिए अनुकूल नहीं होतीं।
हालांकि, सर्दियों के मौसम में स्थितियां बदल जाती हैं। अल नीनो के मजबूत होने के साथ यह चक्रवात आने वाले सर्दियों के महीनों की एक संभावित पूर्व-झलक पेश करता है। जब अल नीनो की घटनाएं अत्यधिक मजबूत होती हैं, तो ठंडे महीनों के दौरान दक्षिणी अमेरिका में एक सक्रिय तूफान ट्रैक विकसित होने की प्रवृत्ति होती है, जो आगे चलकर पूर्वी समुद्र तट पर तटीय तूफानों की आवृत्ति को बढ़ा सकता है।



















