वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में कनाडाई डॉलर के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती लगातार जारी है, जिससे कनाडाई मुद्रा फिसलकर अपने दो महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई है। दोनों देशों के केंद्रीय बैंकों के मौद्रिक नीति रुख में बढ़ता अंतर इस समय विनिमय दरों को सबसे अधिक प्रभावित कर रहा है। एक तरफ जहां अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मजबूत आंकड़े और केंद्रीय बैंक की सख्त टिप्पणियां ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी का रास्ता खुला रखे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ कनाडा में कमजोर घरेलू मांग और सुस्त खुदरा व्यापार मुद्रा को सहारा देने में नाकाम साबित हो रहे हैं। कच्चे तेल से मिलने वाला पारंपरिक समर्थन भी इस बार अमेरिकी बॉन्ड यील्ड की आक्रामक बढ़त के सामने टिक नहीं पा रहा है।
बॉन्ड यील्ड का बढ़ता अंतर अमेरिकी डॉलर को दे रहा मजबूती
विदेशी मुद्रा बाजार में यूएसडी/सीएडी की ताजा तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका और कनाडा की अल्पकालिक सरकारी बॉन्ड यील्ड के बीच चौड़ा होता अंतर है। दो साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड लगभग 4.89% के आसपास कारोबार कर रही है, जो बुधवार को छुए गए 4.94% के शिखर से मामूली नीचे है। उल्लेखनीय है कि 4.94% का स्तर वर्ष 2004 के बाद का उच्चतम स्तर दर्ज किया गया था।
इसके विपरीत, कनाडा के दो साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड 3.40% के करीब बनी हुई है। इस तरह दोनों देशों की दो वर्षीय यील्ड के बीच लगभग 150 आधार अंकों यानी बेसिस पॉइंट्स का बड़ा अंतर पैदा हो चुका है। यील्ड का यह व्यापक फासला पूरी तरह से अमेरिकी डॉलर के पक्ष में काम कर रहा है, क्योंकि वैश्विक निवेशक बेहतर रिटर्न की तलाश में अमेरिकी परिसंपत्तियों की ओर पूंजी स्थानांतरित कर रहे हैं।
फेडरल रिजर्व की ओर से नीतिगत दरों को लेकर सख्त रुख के संकेतों ने ग्रीनबैक यानी अमेरिकी डॉलर की मांग को व्यापक बाजार में बढ़ावा दिया है। छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा की स्थिति दर्शाने वाला अमेरिकी डॉलर सूचकांक यानी डीएक्सवाई लगभग 101.37 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो 29 जुलाई के बाद का इसका उच्चतम स्तर है।
कनाडा में कमजोर खुदरा बिक्री ने बढ़ाई मुद्रा की परेशानी
कनाडा के घरेलू मोर्चे से आए ताजा आर्थिक आंकड़े भी राष्ट्रीय मुद्रा को कोई राहत नहीं दे सके। सांख्यिकीय आंकड़ों के अनुसार, जुलाई महीने में कनाडा की कुल खुदरा बिक्री में महीने-दर-महीने आधार पर 0.7% की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि यह गिरावट अर्थशास्त्रियों द्वारा लगाए गए 0.8% संकुचन के अनुमान से मामूली रूप से बेहतर रही, लेकिन इससे उपभोक्ता खर्च में आई सुस्ती साफ दिखाई देती है। इसके अलावा, ऑटोमोबाइल क्षेत्र को बाहर रखकर गणना की गई खुदरा बिक्री में भी 0.7% की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह साबित होता है कि सुस्ती केवल वाहन खरीद तक सीमित नहीं थी बल्कि व्यापक खुदरा व्यापार में फैली हुई थी।
फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ कनाडा के रुख में गहराता अंतर
नीतिगत स्तर पर दोनों पड़ोसी देशों के केंद्रीय बैंकों के दृष्टिकोण में स्पष्ट अलगाव देखने को मिल रहा है। अमेरिका में महंगाई केंद्रीय बैंक के 2% के तय लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है, जिसके चलते फेडरल रिजर्व के अधिकारियों ने एक और दर वृद्धि का विकल्प मेज पर बरकरार रखा है।
न्यूयॉर्क फेड के प्रेसिडेंट जॉन विलियम्स ने मुद्रास्फीति की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा, "हमें मुद्रास्फीति को समय पर लक्ष्य पर वापस लाने की आवश्यकता है।" उन्होंने आगे जोड़ा कि वर्ष के अंत तक एक और ब्याज दर वृद्धि देखना उचित है। वित्तीय बाजारों में ब्याज दरों की दिशा तय करने वाले सीएमई फेडवॉच टूल के आंकड़े भी इस बात की पुष्टि करते हैं। इस टूल के अनुसार, अक्टूबर की बैठक में नीतिगत दर वृद्धि की संभावना बढ़कर लगभग 65% तक पहुंच गई है, जो ठीक एक सप्ताह पहले 55% पर थी।
इसके ठीक उलट, बैंक ऑफ कनाडा ने इस महीने की शुरुआत में हुई अपनी नीतिगत बैठक में ब्याज दर को लगातार सातवीं बार 2.25% पर अपरिवर्तित रखा था। कनाडाई केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया था कि ऊर्जा की ऊंची कीमतों का असर व्यापक मुद्रास्फीति में फैलने के पुख्ता संकेत बहुत कम हैं। कनाडा में जुलाई के दौरान गैसोलीन को छोड़कर मुद्रास्फीति 2.2% रही थी, जबकि मुख्य मुद्रास्फीति उपाय केंद्रीय बैंक के 2% लक्ष्य के काफी करीब दर्ज किए गए थे। इस नीतिगत स्थिरता के कारण कनाडाई डॉलर को ब्याज दर अंतर से कोई समर्थन नहीं मिल पा रहा है।
वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले कनाडाई डॉलर का प्रदर्शन
मुद्रा विनिमय बाजारों में आज कनाडाई डॉलर ने अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले मिलाजुला रुख दिखाया। हालांकि अमेरिकी डॉलर के सामने इसे बड़ा नुकसान उठाना पड़ा, लेकिन स्विस फ्रैंक के मुकाबले कनाडाई डॉलर सबसे मजबूत स्थिति में देखा गया। वैश्विक मुद्रा बाजार के हीट मैप से स्पष्ट होता है कि कनाडाई डॉलर का प्रदर्शन विभिन्न मुद्राओं के मुकाबले अलग-अलग रहा है, जहां अमेरिकी डॉलर जैसी उच्च प्रतिफल वाली मुद्राएं इस पर पूरी तरह हावी रहीं।
एशियाई और यूरोपीय बाजारों से अन्य प्रमुख करेंसी अपडेट
वैश्विक विदेशी मुद्रा और कमोडिटी बाजारों में अन्य परिसंपत्तियों पर भी महत्वपूर्ण हलचल देखी गई
- ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट: एशियाई सत्र में गुरुवार को एयूडी/यूएसडी गिरकर 0.7000 के स्तर की तरफ बढ़ गया। ऑस्ट्रेलिया के अगस्त रोजगार आंकड़ों में बेरोजगारी दर बढ़कर 4.6% पर पहुंच गई, जबकि बाजार का अनुमान 4.5% का था। हालांकि, रोजगार परिवर्तन में 39.5 हजार की बढ़त दर्ज हुई, जिसने विश्लेषकों के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया। इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली अहम बैठक से पहले मुद्रा व्यापारी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
- जापानी येन और बैंक ऑफ जापान का बड़ा कदम: यूएसडी/जेपीवाई तीन सप्ताह के उच्च स्तर से पीछे हटते हुए गुरुवार को एशियाई सत्र में 158.00 के करीब नुकसान दर्ज करता रहा। जापानी बॉन्ड यील्ड में उछाल और मुद्रा हस्तक्षेप के बढ़ते जोखिम ने येन को सहारा दिया। वहीं दूसरी ओर, बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। यह कदम मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में उठाया गया है और बाजार काफी हफ्तों से इसकी उम्मीद कर रहा था।
- सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन कमजोरी: यूरोपीय सत्र के पहले भाग में सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन नकारात्मक रुझान बना रहा और यह 4,300 डॉलर प्रति औंस के नीचे एक सप्ताह के निचले स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। कमोडिटी व्यापारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली बैठक के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि बाजार को किसी बड़े अप्रत्याशित समझौते की उम्मीद कम है, फिर भी प्रतिभागी दुर्लभ धातुओं, प्रौद्योगिकी प्रतिबंधों और मौजूदा व्यापार समझौते के विस्तार से जुड़े किसी भी घटनाक्रम पर बारीक नजर बनाए हुए हैं।


















