रामेश्वरम को देश के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में गिना जाता है, जिसका गहरा नाता रामायण काल और भगवान राम से है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, लंका पर आक्रमण करने से पहले भगवान राम ने यहीं पर भगवान शिव की आराधना की थी, जिससे इस पावन भूमि की महत्ता और अधिक बढ़ जाती है। इसी आस्था के केंद्र के रूप में रामनाथस्वामी मंदिर स्थित है, जहाँ रोजाना देश-विदेश से श्रद्धालु मत्स्य टेकने पहुँचते हैं। यह स्थान राम और शिव दोनों की उपासना का मुख्य संगम स्थल माना जाता है।
रामनाथस्वामी मंदिर और बारह ज्योतिर्लिंग
यह भव्य मंदिर देश के बारह प्रतिष्ठित ज्योतिर्लिंगों में शुमार है। रामनाथस्वामी मंदिर की वास्तुकला और विशालता देखने लायक है। यहाँ के अनगिनत और लंबे गलियारे तथा भारी-भरकम नक्काशीदार स्तंभ आगंतुकों का मन मोह लेते हैं। जो लोग वास्तुकला और धार्मिक इतिहास में रुचि रखते हैं, उनके लिए यह परिसर किसी आश्चर्य से कम नहीं है। मंदिर के ये लंबे गलियारे दुनिया भर में अपनी अनूठी बनावट के लिए विशेष पहचान रखते हैं।
समुद्र तट और तीर्थ कुंडों का महत्व
यह धार्मिक स्थल विशाल समुद्र के किनारे बसा है, जो इसकी खूबसूरती में चार चाँद लगाता है। मंदिर के साथ समुद्र का यह अनूठा संयोजन तीर्थयात्रा के अनुभव को पूरी तरह बदल देता है। इसके अलावा, रामनाथस्वामी मंदिर के परिसर के भीतर बाईस तीर्थ कुंड बने हुए हैं। इन पवित्र कुंडों के जल से स्नान करने की प्राचीन परंपरा है, जिसे पूरा करने के लिए पर्यटक दूर-दूर से आते हैं।
धनुषकोडी और रामायण की यादें
रामेश्वरम केवल एक मंदिर का नाम नहीं है, बल्कि यह रामायण काल से जुड़ी तमाम स्मृतियों का जीवंत क्षेत्र है। यहाँ की हर गली और कोने में महाकाव्य से जुड़े प्रसंग सुनने को मिलते हैं। इसी भूभाग का एक बेहद खास हिस्सा धनुषकोडी है, जिसे रामायण की कथाओं के साथ गहराई से जोड़ा जाता है। यहाँ का विस्तृत नीला समुद्र, सफेद रेत और प्राकृतिक सौंदर्य इस तीर्थ को बाकी जगहों से बिल्कुल अलग बनाता है।
आईआरसीटीसी का दिव्य दक्षिण यात्रा पैकेज
यदि आप रामेश्वरम के साथ दक्षिण भारत के अन्य प्रसिद्ध मंदिरों के भी दर्शन करना चाहते हैं, तो आईआरसीटीसी के दिव्य दक्षिण यात्रा विथ अरुणाचलम-चिदंबरम पैकेज का लाभ उठा सकते हैं। यह विशेष सफर भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन के माध्यम से संचालित किया जाएगा, जो कुल सात रात और आठ दिन का होगा। इस सिंगल टूर पैकेज में कुल सात महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को शामिल किया गया है।
यात्रा में शामिल प्रमुख स्थल और ट्रेन रूट
इस पूरे टूर पैकेज के दौरान यात्रियों को तिरुवन्नामलाई, रामेश्वरम, मदुरै, कन्याकुमारी, त्रिची, तंजावुर और चिदंबरम के दर्शन कराए जाएंगे। ट्रेन में बोर्डिंग और डी-बोर्डिंग के लिए सिकंदराबाद, जंगांव, काजीपेट, वारंगल, महबूबाबाद, खम्मम, माधिरा, विजयवाड़ा, तेनाली, ओंगोल, नेल्लोर, गुडूर और रेणिगुंटा स्टेशनों को चुना गया है।
किराया और सीटों की पूरी जानकारी
इस यात्रा के लिए स्लीपर, थर्ड एसी और सेकंड एसी के विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। इकोनॉमी स्लीपर श्रेणी में प्रति वयस्क किराया चौदह हजार पाँच सौ रुपये, स्टैंडर्ड थर्ड एसी में इक्कीस हजार सात सौ रुपये और कम्फर्ट सेकंड एसी में सत्ताईस हजार नौ रुपये निर्धारित किया गया है। बच्चों के लिए भी रियायती दरें तय की गई हैं। भारतीय रेलवे की भारत गौरव ट्रेन योजना के तहत इस टूर में लगभग तैंतीस प्रतिशत की विशेष छूट भी शामिल की गई है और इसमें कुल सात सौ पाँच सीटें उपलब्ध हैं। यात्रा की प्रस्तावित तिथि चौबीस मई दो हजार छब्बीस तय की गई थी, इसलिए किसी भी बुकिंग से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पूरी जानकारी जरूर जाँच लें।



















