पारिवारिक व्लॉगिंग की दुनिया के जाने-माने चेहरे सौरव जोशी के एक नए वीडियो को लेकर इंटरनेट पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। इस वीडियो में एक पारिवारिक खेल के दौरान सौरव जोशी अपनी पत्नी अवंतिका भट्ट को एक अजीबोगरीब चुनौती देते हुए नजर आए। यह डेयर अपने पालतू कुत्ते ओरियो के बर्तन से पानी पीने से जुड़ा था। इस घटना का वीडियो क्लिप जैसे ही विभिन्न डिजिटल मंचों पर प्रसारित हुआ, लोगों ने इसे लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त करना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर छिड़ी इस बहस के साथ ही अब बड़ी संख्या में लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि अवंतिका भट्ट की पृष्ठभूमि क्या है, उनका परिवार कहां से है और उन्होंने कहां तक पढ़ाई की है।
खेल के दौरान दिया गया डेयर और बढ़ा विवाद
सौरव जोशी ने अपने ताजा व्लॉग में पूरे परिवार के साथ मिलकर एक मजेदार खेल आयोजित किया था। इस गेम के नियमों के तहत सदस्यों को एक-दूसरे को कुछ चुनौतीपूर्ण काम या डेयर सौंपने थे। इसी क्रम में सौरव ने अपनी पत्नी अवंतिका भट्ट के सामने एक अनोखा टास्क रखा, जिसमें उन्हें अपने पालतू कुत्ते ओरियो के पीने के पानी वाले कटोरे से पानी पीना था। अवंतिका ने शुरुआत में इस बात पर गहरा संकोच व्यक्त किया और ऐसा करने से साफ मना कर दिया।
इसके बाद सौरव ने उन्हें समझाते हुए कहा कि वे केवल एक घूंट पानी पी लें। सौरव खुद उस कटोरे को उठाकर अवंतिका के नजदीक ले आए और उन्हें आश्वस्त किया कि इस बर्तन में पूरी तरह से ताजा और साफ पानी भरा गया है। आखिरकार पति के कहने और बार-बार भरोसा दिलाने पर अवंतिका ने उस चुनौती को स्वीकार कर लिया और कटोरे से पानी का एक घूंट पी लिया।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं और नाराजगी
जैसे ही यह प्रसंग सोशल मीडिया और रेडिट जैसे मंचों पर सामने आया, दर्शकों और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी तादाद में लोगों ने इसे गैर-जिम्मेदाराना और अशोभनीय व्यवहार बताया। कई उपयोगकर्ताओं का कहना था कि केवल डिजिटल कंटेंट तैयार करने और दर्शकों का ध्यान खींचने के लिए इस हद तक चले जाना किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है। कई लोगों ने इसे एक महिला और जीवनसाथी के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाला कदम बताया।
इस पूरे मामले पर विभिन्न सार्वजनिक हस्तियों ने भी अपनी राय व्यक्त की। सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कराने वाले शिक्षक और रिजॉल्व आईएएस के संस्थापक अमित किलहोर ने इस कृत्य की कड़ी आलोचना करते हुए सौरव जोशी के इस व्यवहार को लेकर आपत्ति दर्ज कराई और उन पर गंभीर टिप्पणी की। अधिकांश दर्शकों का तर्क था कि पालतू जानवरों से प्यार अपनी जगह है, लेकिन घरेलू खेल के नाम पर किसी इंसान को कुत्ते के बर्तन से पानी पीने के लिए विवश या प्रेरित करना मर्यादा के खिलाफ है।
अवंतिका भट्ट की शिक्षा और पृष्ठभूमि
इस अप्रिय विवाद के बाद इंटरनेट पर अवंतिका भट्ट के व्यक्तिगत जीवन और उनकी शैक्षिक योग्यता को लेकर व्यापक स्तर पर खोजबीन शुरू हो गई है। अवंतिका मूल रूप से उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर की रहने वाली हैं। उनका जन्म और प्रारंभिक पालन-पोषण हल्द्वानी में ही संपन्न हुआ। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा भी इसी शहर से पूरी की।
बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत अवंतिका आगे की उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली आ गईं। विभिन्न प्रोफाइल विवरणों और विवरणों के अनुसार, उन्होंने दिल्ली में फाइनेंस के क्षेत्र में डिग्री की पढ़ाई की। इसके अतिरिक्त कुछ स्थानों पर उनके नाम के साथ सीए अर्थात चार्टर्ड अकाउंटेंट का उल्लेख भी मिलता है। हालांकि, इस बात की कोई आधिकारिक या पक्की पुष्टि सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है। अपनी डिग्री या व्यावसायिक पहचान को लेकर न तो अवंतिका ने कभी खुलकर कोई विस्तृत बयान दिया है और न ही सौरव जोशी ने इस संदर्भ में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है।
पारिवारिक संबंध और सोशल मीडिया उपस्थिति
अवंतिका भट्ट के पिता हल्द्वानी क्षेत्र के एक अत्यंत प्रतिष्ठित और जाने-माने ज्योतिषी माने जाते हैं। विभिन्न जानकारियों के मुताबिक अवंतिका और सौरव के परिवारों के बीच कई वर्षों से घनिष्ठ संबंध और मित्रता रही है। दोनों के पिता एक-दूसरे को लंबे समय से जानते थे, जिसके चलते दोनों परिवारों का मेलजोल काफी पुराना बताया जाता है।
अवंतिका स्वयं किसी भी प्रकार की नियमित कंटेंट क्रिएटर नहीं हैं और न ही वे स्वतंत्र रूप से वीडियो निर्माण करती हैं। इसके बावजूद इंस्टाग्राम जैसे मंच पर उनके प्रशंसकों और फॉलोअर्स की संख्या लाखों में है। वे अपने निजी जीवन को काफी हद तक सादगीपूर्ण और कैमरे की चकाचौंध से दूर रखना पसंद करती हैं। यह भी बताया जाता है कि अवंतिका को पालतू जानवरों, विशेषकर कुत्तों से अत्यधिक लगाव और स्नेह है।
सौरव जोशी का डिजिटल सफर और निजी जीवन
सौरव जोशी आज देश के अग्रणी और सबसे लोकप्रिय यूट्यूबर्स में गिने जाते हैं। उन्होंने ललित कला यानी फाइन आर्ट्स में औपचारिक शिक्षा प्राप्त की है। कला और रेखाचित्रों के प्रति अपने रुझान को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने साल 2017 के आसपास अपना पहला डिजिटल चैनल 'सौरव जोशी आर्ट्स' प्रारंभ किया था। इस चैनल पर वे विभिन्न स्केच और अपनी कलाकृतियों से जुड़े वीडियो साझा किया करते थे।
उन्हें व्यापक राष्ट्रीय पहचान और असीम लोकप्रियता साल 2019 में शुरू किए गए 'सौरव जोशी व्लॉग्स' से हासिल हुई। इस चैनल पर अपने दैनिक जीवन, पारिवारिक गतिविधियों, उत्तराखंड के परिवेश और यात्राओं के वीडियो प्रस्तुत करके उन्होंने करोड़ों दर्शकों का दिल जीता और बहुत कम समय में रिकॉर्ड दर्शक संख्या जुटाई। शुरुआत के एक लंबे समय तक सौरव ने अवंतिका की पहचान और चेहरे को सार्वजनिक मंचों से पूरी तरह गोपनीय रखा था। पारिवारिक वीडियो में वे अक्सर अपना चेहरा ढककर ही नजर आती थीं। पिछले साल के अंतिम महीनों में सौरव ने पहली बार अवंतिका का चेहरा अपने व्लॉग के माध्यम से दुनिया के सामने प्रस्तुत किया। इसके कुछ ही समय बाद दोनों ने ऋषिकेश में एक निजी और सादे पारिवारिक समारोह में विवाह कर लिया।
कैमरे और निजी रिश्तों के बीच पहले भी उठे हैं सवाल
यह पहली बार नहीं है जब यह लोकप्रिय जोड़ा दर्शकों और आलोचकों के निशाने पर आया है। शादी के आयोजनों के समय भी सौरव के रवैये को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जताई थी। विवाह के कार्यक्रमों के दौरान कई उपयोगकर्ताओं ने यह रेखांकित किया था कि अवंतिका अपने पति से कुछ निजी संवाद करना चाह रही थीं, लेकिन सौरव का पूरा ध्यान लगातार अपने व्लॉगिंग कैमरे पर ही केंद्रित बना रहा।
इसी तरह इस वर्ष फरवरी के महीने में भी इस दंपती के कुछ वीडियो इंटरनेट पर व्यापक रूप से साझा किए गए थे। उन वीडियो क्लिप्स में दोनों के मध्य आपसी मतभेद, असहमति और तनाव के क्षण स्पष्ट दिखाई दे रहे थे। एक विशेष क्लिप में अवंतिका नाराज होकर वाहन से बाहर निकलती हुई नजर आई थीं। कई दर्शकों का यह मानना था कि सौरव अपनी पत्नी की भावनाओं और उनकी नाराजगी को गंभीरता से लेने के बजाय स्थिति को हल्के में ले रहे थे। इन तमाम घटनाओं के बाद से ही सोशल मीडिया पर यह बहस लगातार तेज हो रही है कि क्या एक व्लॉगर के जीवन में कैमरा और कंटेंट का निर्माण उनके निजी पारिवारिक रिश्तों और आपसी सम्मान से भी अधिक महत्वपूर्ण हो चुका है।


















