सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों गेमैक्सिंग नाम का एक बेहद अनोखा और आकर्षक ब्यूटी ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है। आसान शब्दों में समझें तो इस ट्रेंड का मुख्य उद्देश्य अपने लुक और रोजमर्रा की चीजों में ज्यादा से ज्यादा चमक, रंग और सजावट जोड़ना है। इसके लिए लोग छोटे-छोटे चमकीले स्टोन, राइनस्टोन, ग्लिटर और नकली जेम्स का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। पारंपरिक मेकअप की सीमाओं को तोड़ते हुए यह ट्रेंड लोगों को साधारण दिखने वाली चीजों और साधारण मेकअप को एक चमकदार और ग्लैमरस अंदाज देने की पूरी आजादी देता है। चेहरे की खूबसूरती बढ़ाने से लेकर रोजमर्रा की निजी वस्तुओं को सजाने तक, यह ट्रेंड इंटरनेट पर लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
आई मेकअप और हेयरस्टाइल में सजावटी स्टोन का जलवा
ब्यूटी वर्ल्ड की बात करें तो गेमैक्सिंग का सबसे ज्यादा असर चेहरे के मेकअप, खास तौर पर आंखों के आसपास देखने को मिल रहा है। मेकअप लवर्स और कंटेंट क्रिएटर्स अपनी आंखों के कोनों पर, आईलाइनर की विंग्स के साथ या आईशैडो के ऊपर छोटे-छोटे चमकीले स्टोन लगा रहे हैं। इससे साधारण से साधारण आई मेकअप भी पलक झपकते ही किसी पार्टी या फेस्टिव लुक में बदल जाता है। यह तरीका उन लोगों के लिए बेहद आसान है जो बिना ज्यादा मेहनत किए एक ग्लैमरस लुक पाना चाहते हैं। मेकअप के अलावा हेयरस्टाइल में भी इसका खूब इस्तेमाल हो रहा है। बालों की चोटियों, जूड़ों और पिंस पर चमकीले स्टोन और एक्सेसरीज लगाकर पूरे लुक को बेहद आकर्षक और चमकदार बनाया जा रहा है।
चेहरे से आगे निकलकर लाइफस्टाइल एक्सेसरीज तक पहुंचा ट्रेंड
गेमैक्सिंग की सबसे खास बात यह है कि यह सिर्फ मेकअप या पहनावे तक सीमित नहीं है। इसे एक संपूर्ण लाइफस्टाइल ट्रेंड माना जा रहा है क्योंकि लोग अपनी पर्सनल चीजों को भी चमकीले जेम्स से सजा रहे हैं। आजकल सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो की भरमार है जिनमें लोग अपने स्मार्टफोन कवर, हेडफोन केस, पानी की बोतलें, कॉफी कप और कॉस्मेटिक पैकेजिंग पर अपनी पसंद के रंग-बिरंगे स्टोन चिपकाते नजर आते हैं। किसी सादी और साधारण वस्तु को अपनी रचनात्मकता से एक नया और अनूठा रूप देना इस ट्रेंड की मुख्य खासियत है। इससे न केवल चीजें सुंदर दिखती हैं, बल्कि उनमें एक व्यक्तिगत पहचान भी जुड़ जाती है।
90 के दशक और 2000s के रेट्रो फैशन की यादें हुईं ताजा
फैशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि गेमैक्सिंग ट्रेंड में 90 के दशक और 2000s के दौर के चमकदार फैशन की साफ झलक दिखाई देती है। उस दौर में ग्लिटर, राइनस्टोन वाले कपड़े, चमकीली एक्सेसरीज और बॉडी आर्ट काफी लोकप्रिय हुआ करते थे। अब वही पुराना स्टाइल सोशल मीडिया के जरिए एक नए अवतार में वापस लौट आया है। आज की युवा पीढ़ी और जेन-जी क्रिएटर्स इस रेट्रो स्टाइल को आधुनिक अंदाज में अपना रहे हैं। वे पुराने समय के इस सजावटी ट्रेंड में नए रंग, पैटर्न और डिजाइन जोड़कर इसे आज के डिजिटल दौर के हिसाब से ज्यादा आकर्षक और ट्रेंडी बना रहे हैं।
व्हिम्सिमैक्सिंग और क्रिएटिव एक्सप्रेशन की बढ़ती चाहत
गेमैक्सिंग को इंटरनेट पर चल रहे एक बड़े ट्रेंड व्हिम्सिमैक्सिंग से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पिछले कुछ सालों में जहां सादा, न्यूट्रल और मिनिमलिस्ट लुक का बोलबाला था, वहीं अब लोग उस सादगी से बोर होकर ज्यादा सजावटी और एक्सप्रेसिव स्टाइल को पसंद कर रहे हैं। व्हिम्सिमैक्सिंग का मतलब ही है सादे लुक के बजाय रंगीन, मजेदार और चमकीली चीजों को अपनाना। इस ट्रेंड में कोई कठोर नियम नहीं हैं, जो लोगों को अपनी पसंद के हिसाब से प्रयोग करने की आजादी देता है। कोई चाहे तो आंखों पर सिर्फ एक छोटा स्टोन लगा सकता है, या फिर अपने पूरे फोन कवर को पत्थरों से ढक सकता है। सोशल मीडिया पर खुद को दूसरों से अलग और खास दिखाने की चाहत ने इस ट्रेंड को और ज्यादा लोकप्रिय बना दिया है।



















