त्रिपुरा में स्थानीय शासन को लेकर चुनावी बिगुल बज चुका है। राज्य निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि अगरतला नगर निगम समेत कुल 21 शहरी स्थानीय निकायों में आगामी 27 नवंबर को मतदान कराया जाएगा। इस बड़े चुनावी ऐलान के साथ ही राज्य भर की नगर परिषदों और नगर पंचायतों में आदर्श आचार संहिता और चुनावी प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी तरह सक्रिय हो गई है। चुनावों की इस औपचारिक घोषणा से शहरी क्षेत्रों में राजनीतिक हलचल अचानक तेज हो गई है।
नामांकन, जांच और नाम वापसी की अहम तारीखें
एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्य निर्वाचन आयुक्त प्रदीप कुमार चक्रवर्ती ने पूरी चुनावी समय-सारणी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित निर्वाचन अधिकारी 30 अक्टूबर को इस चुनाव की वैधानिक अधिसूचना जारी करेंगे। अधिसूचना जारी होते ही प्रत्याशी अपने पर्चे दाखिल कर सकेंगे। कार्यक्रम के मुताबिक, नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 नवंबर तय की गई है। इसके ठीक अगले दिन, यानी 7 नवंबर को नामांकन पत्रों की संवीक्षा या जांच की जाएगी। जो उम्मीदवार चुनावी मैदान से अपना नाम वापस लेना चाहते हैं, वे 10 नवंबर तक अपना पर्चा वापस ले सकते हैं। इसके बाद 27 नवंबर को मतदान कराया जाएगा और 2 दिसंबर को मतों की गणना संपन्न होगी।
मतदाताओं के आंकड़े और महिला भागीदारी
इस संवाददाता सम्मेलन के दौरान राज्य के पुलिस महानिदेशक जी.एस. राव और राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव अनुराग सेन भी मौजूद थे। अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस बार शहरी निकाय चुनावों में कुल 6,29,903 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के पात्र हैं। राज्य के मतदाता ढांचे की सबसे खास बात यह है कि यहां पुरुष मतदाताओं की तुलना में महिला मतदाताओं की संख्या अधिक है। कुल मतदाताओं में 3,21,743 महिलाएं, 3,08,115 पुरुष और 45 थर्ड-जेंडर श्रेणी के मतदाता शामिल हैं, जो स्थानीय स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाएंगे।
सीटों का गणित और आरक्षण का ब्योरा
राज्य के 21 शहरी स्थानीय निकायों के तहत कुल 345 वार्डों या सीटों पर मतदान कराया जाएगा। इनमें अकेले अगरतला नगर निगम के भीतर 51 सीटें आती हैं। बाकी बची 294 सीटें राज्य की 13 नगर परिषदों और सात नगर पंचायतों के बीच विभाजित हैं। सामाजिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए कुल 345 सीटों में से 162 सीटें महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रखी गई हैं। इसके अलावा 80 सीटें अनुसूचित जाति वर्ग के प्रत्याशियों के लिए और नौ सीटें अनुसूचित जनजाति वर्ग के उम्मीदवारों के लिए सुरक्षित की गई हैं।
मतदान केंद्र, मतगणना हॉल और सुरक्षा व्यवस्था
प्रशासनिक स्तर पर चुनाव को निष्पक्ष और सुचारू रूप से पूरा कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि चुनावी निगरानी के लिए पूरे राज्य में 23 निर्वाचन अधिकारी और 81 सहायक निर्वाचन अधिकारी तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही विभिन्न अनुमंडलों में स्थित निर्दिष्ट केंद्रों पर संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की देखरेख में कुल 23 मतगणना हॉल स्थापित किए जाएंगे। नगर विकास विभाग ने इन चुनावों के मद्देनजर मतदान केंद्रों की अंतिम सूची पहले ही जारी कर दी है, जिसके तहत अगरतला नगर निगम, 13 नगर परिषदों और सात नगर पंचायतों को मिलाकर कुल 783 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इससे पहले चुनावी तैयारियों को पुख्ता करते हुए 15 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन भी पूरा कर लिया गया था।



















