छत्तीसगढ़ की अहिवारा विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के मौजूदा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाडा का 30 अक्टूबर को निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उनका उपचार हैदराबाद स्थित एक निजी अस्पताल में किया जा रहा था। अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके देहावसान की सूचना मिलते ही दुर्ग जिले समेत पूरे इलाके में शोक फैल गया। अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में वे अहिवारा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर दो बार विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए थे।
ढाई दशक से अधिक समय तक शिक्षा जगत में दीं सेवाएं
राजनीतिक जीवन में सक्रिय भागीदारी निभाने से पहले डोमनलाल कोर्सेवाडा एक कर्मठ शिक्षक के तौर पर जाने जाते थे। उनका जन्म 12 अगस्त 1948 को हुआ था। उन्होंने शिक्षण कार्य को अपना ध्येय बनाया और लगभग 26 वर्षों तक अध्यापन के जरिए हजारों छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया। उनके पेशेवर सफर की शुरुआत वर्ष 1972 में सहायक शिक्षक के तौर पर हुई थी। बाद में अपनी योग्यता और कार्यकुशलता के बल पर वे व्याख्याता के पद तक पहुंचे। वर्ष 1998 में व्याख्याता पद से सेवानिवृत्ति लेने तक वे पूरी निष्ठा के साथ शिक्षण कार्य में जुटे रहे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने जनसेवा के उद्देश्य से सक्रिय राजनीति की ओर रुख किया और अहिवारा इलाके में एक लोकप्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की।
चुनावी राजनीति का सफर और अहिवारा से दोहरी जीत
शिक्षा विभाग से विदाई लेने के उपरांत डोमनलाल कोर्सेवाडा भारतीय जनता पार्टी से जुड़े। पार्टी ने वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में उन पर भरोसा जताते हुए अहिवारा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया। अपने पहले ही चुनावी मुकाबले में उन्होंने जबरदस्त सफलता दर्ज की और कांग्रेस के प्रत्याशी निर्मल कोसरे को लगभग 25000 वोटों के भारी अंतर से शिकस्त दी। इस शानदार जीत के साथ उन्होंने राज्य विधानसभा में पहली बार प्रवेश किया। इसके बाद वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर उन्हें अहिवारा से चुनावी रण में उतारा। क्षेत्र की जनता ने उनके प्रति पुनः विश्वास जताया और वे दूसरी बार निर्वाचित होकर सदन पहुंचे।
मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने जताया गहरा दुख
विधायक कोर्सेवाडा के निधन पर राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा शोक प्रकट किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर अपनी संवेदनाएं साझा करते हुए लिखा कि वे इस दुखद समाचार से स्तब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने उनके सरल स्वभाव, आम जनता के प्रति संवेदनशीलता और संगठन के प्रति अटूट निष्ठा को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने भी उनके जाने को पार्टी संगठन के लिए एक अपूर्णीय क्षति करार दिया और कहा कि संगठन तथा विधानसभा दोनों में उनके योगदान को हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा।
राजधानी रायपुर में होने वाली भाजपा रैली स्थगित
विधायक के आकस्मिक निधन के सम्मान में भारतीय जनता पार्टी ने अपने तय संगठनात्मक कार्यक्रमों में बदलाव किया है। राजधानी रायपुर में 31 अक्टूबर को आयोजित होने वाली पार्टी की ‘लोकतंत्र बचाओ रैली’ को स्थगित कर दिया गया है। इस संबंध में संकेत मिले हैं कि अब यह रैली आगामी 5 नवंबर को आयोजित की जा सकती है।



















