स्टार प्लस के सबसे पसंदीदा धारावाहिक अनुपमा का 29 जून 2026 का एपिसोड दर्शकों के दिल को हिलाकर रख देने वाला है। जब शाह परिवार मेहंदी की रस्म में डूबा था और हर तरफ खुशियों का माहौल था, तभी एक दुश्मन की घिनौनी साजिश ने पूरे उत्सव को पलक झपकते मातम में बदल दिया। अनुपमा अब अकेले दम पर अपने पोते की बेगुनाही के लिए लड़ती हुई नजर आएगी।
मेहंदी की रौनक में पुलिस की अचानक दस्तक
एपिसोड की शुरुआत में घर का माहौल बेहद गर्मजोशी से भरा था। शाह परिवार के सभी सदस्य अंश और मीनू की शादी की मेहंदी रस्म में पूरी तरह रंगे हुए थे। घर में ढोल-नगाड़े बज रहे थे, हंसी-ठहाके गूंज रहे थे और हर तरफ जश्न की लहर थी। तभी अचानक पुलिस वाले घर के अंदर आ गए। पुलिस को देखते ही संगीत की धुन थम गई और पूरे परिवार पर एक भारी सन्नाटा छा गया। सब के सब सदमे में आ गए। वहीं थोड़ी दूर खड़ा विलेन गौतम गांधी यह सारा नजारा देखकर मन ही मन संतुष्ट था, क्योंकि यह पूरी चाल उसी ने चली थी।
अंश पर लगा संगीन इल्जाम, परिवार स्तब्ध
पुलिस ने घर में कदम रखते ही सीधे अंश का नाम लिया और उसे गिरफ्तार करने की घोषणा कर दी। यह सुनकर अनुपमा समेत पूरा परिवार हक्का-बक्का रह गया। पुलिस ने बताया कि अंश पर एक लड़की के साथ बदतमीजी और छेड़छाड़ करने का बेहद गंभीर आरोप लगा है। अंश ने हाथ जोड़कर पुलिस को यह समझाने की पूरी कोशिश की कि वह निर्दोष है और उसने कैफे में उस लड़की की केवल मदद की थी। अनुपमा भी पुलिस के सामने बार-बार गिड़गिड़ाती रही, मिन्नतें करती रही, लेकिन पुलिस ने किसी की एक नहीं सुनी। आखिरकार पुलिस अंश को जबरन अपने साथ ले गई और मेहंदी की यह रात गम की रात बन गई।
सड़क पर दौड़ती और गिरती अनुपमा
जब अनुपमा ने अपना पोता पुलिस की गाड़ी में जाते देखा, तो वह खुद को संभाल नहीं पाई। वह बदहवास होकर सड़क पर उस गाड़ी के पीछे दौड़ने लगी। दौड़ते-दौड़ते वह सड़क पर गिर गई और उसे चोट भी आई, लेकिन अनुपमा की ममता किसी चोट से नहीं रुकती। वह फौरन उठी और बिना एक पल की देरी किए सीधे पुलिस थाने की तरफ चल पड़ी। उसके मन में बस एक ही संकल्प था कि चाहे जो हो जाए, वह अंश की बेगुनाही साबित करके रहेगी।
दिग्विजय करेंगे मदद या बढ़ाएंगे मुसीबत?
थाने पहुंचने के बाद अनुपमा को जल्दी समझ आ गया कि अकेली उसकी गुजारिशें काफी नहीं हैं। इस कठिन घड़ी में उसे किसी मजबूत सहारे की जरूरत है। एपिसोड का सबसे बड़ा सस्पेंस यही है कि दिग्विजय इस मुश्किल में कदम रखेगा या नहीं। अनुपमा की पूरी उम्मीद है कि दिग्विजय इस कानूनी पचड़े से अंश को बाहर निकालने में उसकी मदद करेगा। लेकिन शो का असली ट्विस्ट यह है कि कहीं दिग्विजय गौतम गांधी के इशारे पर चलते हुए अनुपमा की मुश्किलें और न बढ़ा दे। दोनों संभावनाएं मौजूद हैं और दर्शकों को जवाब अगले एपिसोड में मिलेगा।
झूठ की नींव को हिलाई अनुपमा की ममता ने
थाने के अंदर अनुपमा उस लड़की और उसके साथी के सामने हाथ जोड़कर खड़ी हो गई, जिन्होंने अंश पर यह झूठा मुकदमा दायर किया था। अनुपमा रोते हुए उस लड़की को बताती है कि उसके पोते की शादी बिल्कुल करीब है और यह फर्जी आरोप उसका पूरा करियर और उसकी जिंदगी तबाह कर देगा। अनुपमा की बातों में जो सच्चा दर्द और ममता थी, वह उस लड़की के दिल को छू गई। उसके मन में हलचल मचने लगी और उसे यह एहसास होने लगा कि उसने पैसों के लालच में एक बेकसूर इंसान को बर्बाद करने की कोशिश की है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह लड़की अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर पुलिस और कोर्ट के सामने सच बोलेगी और गौतम गांधी की इस पूरी साजिश का परदाफाश करेगी? इसका जवाब आने वाले एपिसोड में मिलेगा।













