उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में स्थित एक विशेष एमपी-एमएलए अदालत आज यानी सोमवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मानहानि के एक पुराने मामले में अपना निर्णय सुनाएगी। लगभग आठ साल लंबे कानूनी संघर्ष के बाद आने वाले इस फैसले के दौरान राहुल गांधी स्वयं अदालत में उपस्थित रहेंगे। उनकी मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए स्थानीय जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और पूरे परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
फैसले की तारीख और अदालती प्रक्रिया
शिकायतकर्ता पक्ष के वकील संतोष कुमार पांडेय ने जानकारी दी कि विशेष एमपी-एमएलए अदालत के न्यायाधीश शुभम वर्मा ने बीते 13 अक्टूबर को इस मामले की सुनवाई पूरी करते हुए फैसले के लिए 26 अक्टूबर की तारीख मुकर्रर की थी। हालांकि आज अदालत का रुख साफ होने के बाद राहुल गांधी को व्यक्तिगत तौर पर पेश होना पड़ रहा है। रायबरेली से सांसद राहुल गांधी के आज पूर्वाह्न करीब 11 बजे सुल्तानपुर अदालत पहुंचने की संभावना है। उनके आगमन को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने अदालत परिसर से लेकर आसपास के रास्तों तक कड़ा पहरा बिठा दिया है ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था से निपटा जा सके।
क्या है पूरा विवाद और मानहानि का मामला
इस कानूनी लड़ाई की शुरुआत चार अगस्त 2018 को हुई थी, जब भारतीय जनता पार्टी के नेता और जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के विरुद्ध मानहानि का मुकदमा दायर किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उसी वर्ष बेंगलुरु में एक चुनावी सभा के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष और मौजूदा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ अपमानजनक और आपत्तिजनक बयानबाजी की थी। कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान आठ मई 2018 को बेंगलुरु की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बयान दिया गया था।
बयान और कानूनी इतिहास
बेंगलुरु में आयोजित उस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने वर्ष 2005 के सोहराबुद्दीन शेख फर्जी एनकाउंटर मामले का जिक्र करते हुए कहा था कि देश के लोग यह भूल गए हैं कि भाजपा अध्यक्ष इस मामले में हत्या के आरोपी रह चुके हैं। उन्होंने शुचिता और ईमानदारी की बात करने वाली पार्टी पर सवाल उठाए थे। हालांकि इस मामले में वर्ष 2014 में ही अमित शाह को अदालत से बरी कर दिया जा चुका था। इसके अलावा वर्ष 2016 में देश की सर्वोच्च अदालत ने भी उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें भाजपा अध्यक्ष के खिलाफ लगे आरोपों की नए सिरे से जांच कराने की मांग की गई थी।
पूर्व की पेशियां और कानूनी दांव-पेच
इस प्रकरण में अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को तलब किया था, जिसके बाद उन्होंने अदालत में हाजिर होकर जमानत हासिल की थी। मुकदमे की कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी की आवाज के नमूनों का मिलान करवाने की एक अर्जी निचली अदालत में दी थी, जिसे अदालत ने नामंजूर कर दिया था। इस आदेश के खिलाफ सेशन कोर्ट में रिवीजन याचिका दाखिल की गई, जो वहां से भी खारिज हो गई। मामला यहीं नहीं रुका और इलाहाबाद हाई कोर्ट में भी दोनों अदालतों के फैसलों को चुनौती दी गई, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। इन तमाम कानूनी प्रक्रियाओं के बीच आज राहुल गांधी इस मामले में चौथी बार व्यक्तिगत रूप से अदालत के सामने पेश होने जा रहे हैं।



















