उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अमर शहीद भगत सिंह की जयंती के मौके पर प्रदेश की जनता और विद्यार्थियों के नाम एक विशेष पत्र लिखा है जिसे 'योगी की पाती' नाम दिया गया है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने महान क्रांतिकारी के बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित की है और युवाओं से उनके जीवन के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में याद दिलाया कि किस प्रकार भगत सिंह ने मात्र तेईस वर्ष की अल्पायु में देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। उन्होंने कहा कि यह जयंती हर नागरिक को राष्ट्रधर्म को सर्वोच्च स्थान देते हुए अपने संकल्पों को नई ऊर्जा से भरने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भगत सिंह ने उस दौर में देश को अंग्रेजों की परतंत्रता की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया था।
सामाजिक बुराइयों से मुक्ति और अदम्य साहस
पत्र में मुख्यमंत्री ने वर्तमान समय में समाज को घेरने वाली कुरीतियों का जिक्र किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज जाति-पाति, नशे की लत और अन्य तमाम सामाजिक बुराइयों के शिकंजे से समाज को बाहर निकालने के लिए भगत सिंह के अदम्य साहस और उनकी अटूट राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा लेनी बेहद जरूरी है।
भगत सिंह का अध्ययनशील व्यक्तित्व
सीएम योगी ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि भगत सिंह केवल एक क्रांतिकारी नहीं बल्कि एक गंभीर अध्येता भी थे। वह हिंदी, उर्दू, पंजाबी और अंग्रेजी जैसी कई भाषाओं के अच्छे ज्ञाता थे। उनके बहुआयामी जीवन से आज की पीढ़ी को यह सीख मिलती है कि कैसे ज्ञान को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया जा सकता है, सीखने की ललक को हमेशा जिंदा रखा जा सकता है और अपने संकल्पों को ठोस कर्मों में बदला जा सकता है।
युवाओं के लिए सरकारी योजनाओं का प्रसार
पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि जब युवा शक्ति ज्ञान के साथ कौशल से लैस होती है, तब वह अपनी प्रतिभा को सही सामर्थ्य में बदलकर अपने सपनों को साकार कर सकती है। इसी उद्देश्य के साथ उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, नए उद्यम और नवाचार के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ने के लिए जरूरी संसाधन और सहायता मुहैया करा रही है।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का जिक्र किया जिसके माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराई जाती है। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के जरिए प्रदेश में नए उद्यम स्थापित करने और रोजगार के अवसर पैदा करने की बात कही, साथ ही स्टार्टअप नीति के माध्यम से नवाचार और उद्यमशीलता को बढ़ावा दिए जाने पर भी जोर दिया।
पुस्तकालयों और डिजिटल लाइब्रेरी का नेटवर्क
'योगी की पाती' के जरिए मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे उत्तर प्रदेश में ज्ञान के उपलब्ध साधनों का अधिकतम लाभ उठाएं। उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश के हर जिले में भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर आधुनिक पुस्तकालयों और डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण किया जा रहा है, ताकि राज्य के हर कोने में युवा आसानी से ज्ञान तक पहुंच सकें।
किताबों को जीवन का सच्चा मित्र बनाएं
अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री ने युवाओं से आग्रह किया कि वे किताबों को अपना पक्का मित्र बनाएं, जीवन में सवाल पूछने की आदत डालें, नए विचारों को समझें और अपनी जिज्ञासा की भावना को कभी मरने न दें। उन्होंने रेखांकित किया कि एक अच्छी पुस्तक किसी भी युवा के मन में नया विचार जगाने की क्षमता रखती है और एक अकेला सही विचार पूरे समाज को एक बिल्कुल नई दिशा दे सकता है।





















