दीपावली के खास मौके पर जब पूरा देश घरों में रोशनी और खुशियों के पर्व का जश्न मना रहा था, तब उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में एक अनोखी घटना ने सनसनी फैला दी। एक युवती अपनी प्रेम कहानी को मुकाम तक पहुंचाने की जिद में ऐसा कदम उठा बैठी कि पूरा इलाका सकते में आ गया। प्रेमी के साथ विवाह करने की मांग पूरी न होने से खफा होकर युवती सीधे एक ऊंचे मोबाइल टावर पर जा पहुंची। टावर की ऊंचाई पर बैठकर उसने साफ चेतावनी दी कि जब तक उसकी शादी की बात पक्की नहीं की जाती, वह जमीन पर कदम नहीं रखेगी। इस अप्रत्याशित और खतरनाक ड्रामे के कारण मौके पर भारी तमाशजीवियों का हुजूम जमा हो गया और प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। लगातार चार घंटे तक चले इस घटनाक्रम के बाद आखिरकार स्थानीय पुलिस और समझदार नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से युवती को सकुशल नीचे उतार लिया गया, जिसके बाद जाकर सभी ने राहत की सांस ली।
घोसी थाना क्षेत्र के सर्वोदय डिग्री कॉलेज के सामने का मामला
यह पूरी घटना उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के घोसी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाके की है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस मामले के केंद्र में दादनपुर गांव की रहने वाली 20 साल की कशिश राजभर हैं, जिनके पिता का नाम रामाश्रय राजभर है। कशिश का दिल कोपागंज थाना क्षेत्र के रोहुआर गांव के एक युवक पर आया था और वह उसी के साथ अपना जीवन बिताना चाहती थी। युवती ने इस रिश्ते और अपनी शादी की इच्छा को लेकर पहले ही अपने परिजनों के सामने खुलकर बात रखी थी, लेकिन घर वालों ने इस संबंध को स्वीकार करने से साफ इंकार कर दिया। परिजनों की असहमति और शादी से इनकार से क्षुब्ध होकर कशिश ने极端 कदम उठाया और वह घोसी कस्बे में बने सर्वोदय डिग्री कॉलेज के ठीक सामने स्थित एक मोबाइल टावर पर जा चढ़ी।
देखते ही देखते जुट गई भारी भीड़ और पहुंची पुलिस
जब आम दिनों की तरह लोग अपने कामों में व्यस्त थे, तभी अचानक किसी की नजर टावर पर चढ़ी हुई युवती पर पड़ी, जिससे आसपास के क्षेत्र में भारी हड़कंप मच गया। कुछ ही पलों में वहां बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ एकत्र हो गई और लोग इस बात को लेकर कयास लगाने लगे कि मा माजरा क्या है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फौरन स्थानीय पुलिस को इस बात की सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस बल भी आनन-फानन में मौके पर पहुंच गया। टावर के ऊपरी हिस्से पर बैठी युवती लगातार इस बात पर अड़ी हुई थी कि जब तक उसके प्रेमी से उसकी शादी कराने का ठोस भरोसा नहीं दिलाया जाएगा, वह नीचे नहीं उतरेगी। पुलिस अधिकारियों और मौके पर मौजूद लोगों ने उसे कई तरह से समझाने और मनाने का प्रयास किया, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थी।
चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टला संकट
पुलिसकर्मियों और वहां मौजूद स्थानीय नागरिकों ने बेहद धैर्य के साथ युवती को काफी देर तक बातचीत के जरिए शांत करने की कोशिश की। करीब चार घंटे तक चले इस तनावपूर्ण ड्रामे के बाद आखिरकार युवती को सुरक्षित रूप से टावर से नीचे उतारने में सफलता मिल गई। सुरक्षित नीचे आने के बाद पुलिस ने बिना देर किए उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया ताकि परिवार के लोग उसे समझा सकें। दीपावली के पवित्र त्योहार के दिन सामने आई इस अजीबोगरीब घटना की चर्चा पूरे जिले में फैल गई। टावर पर युवती के चढ़ने से लेकर उसके सकुशल नीचे उतरने तक का पूरा सफर बेहद तनावपूर्ण रहा और स्थानीय लोग सांस थामे इस पूरे घटनाक्रम को देखते रहे। युवती के सही-सलामत नीचे उतर आने के बाद ही पुलिस प्रशासन और वहां मौजूद नागरिकों ने चैन की सांस ली।



















