उत्तर प्रदेश के एटा स्थित एक सरकारी मेडिकल कॉलेज में मरीजों के इलाज के लिए बनी डायलिसिस यूनिट खुद खतरे की वजह बन गई, जब वहां छत का एक हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। हीमोडायलिसिस यूनिट में उस समय कई मरीज इलाज करा रहे थे, तभी सिर के ऊपर से प्लास्टर टूटकर गिरने लगा और वार्ड में अफरा-तफरी मच गई। मलबे की चपेट में आने से एक तीमारदार को चोट लगी, हालांकि किसी की जान जाने जैसी नौबत नहीं आई और बड़ा हादसा टल गया। घटना का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बिस्तर के पास गिरा भारी मलबा, मरीज बाल-बाल बचा
वायरल वीडियो में डायलिसिस वार्ड की बदहाल तस्वीर साफ नजर आती है। फर्श पर टूटा हुआ प्लास्टर, ईंटों के टुकड़े और मलबा बिखरा हुआ है, जो अस्पताल भवन की जर्जर हालत की गवाही देता है। वीडियो का सबसे डरावना हिस्सा वह है, जिसमें एक मरीज बिस्तर पर लेटा हुआ इलाज करा रहा है और ठीक उसी बिस्तर पर, उसके पैरों के करीब, छत से टूटकर गिरा एक बड़ा और वजनी टुकड़ा पड़ा दिखता है। अगर यही मलबा थोड़ा ऊपर मरीज के सिर या छाती की तरफ गिरता, तो उसकी जान पर बन आती।
पहले भी की गई थी शिकायत, अफसरों ने नहीं दिया ध्यान
छत गिरने की खबर फैलते ही डायलिसिस करा रहे बाकी मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। मौजूद तीमारदारों का कहना है कि यूनिट की छत से प्लास्टर पहले से लटक रहा था और भवन की जर्जर हालत को लेकर वे पहले भी अस्पताल प्रशासन को सूचित कर चुके थे। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने उस शिकायत पर ध्यान नहीं दिया और समय रहते मरम्मत का काम नहीं कराया गया, जिसका नतीजा अब इस हादसे के रूप में सामने आया है। इस लापरवाही ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के कामकाज के तरीके पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
सीएमएस को दी गई सूचना, जांच का भरोसा
हादसे के तुरंत बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और स्टाफ मौके पर पहुंचा। घटना की जानकारी सीएमएस (CMS) को दे दी गई है। जिम्मेदार अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी लापरवाही सामने आएगी, उसके लिए जरूरी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मरीजों और उनके परिजनों में डर का माहौल बना हुआ है और वे यूनिट की मरम्मत जल्द कराए जाने की मांग कर रहे हैं।




















