उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में दुर्गा पूजा के समापन के अवसर पर एक बड़ा हादसा हुआ है। खागा कोतवाली क्षेत्र के बैजूपुर चक कटोघन गांव में मूर्ति विसर्जन के सिलसिले में जुटे लोगों के बीच यह दुर्घटना घटी, जहां तालाब में उतरने वाले पांच दोस्तों में से तीन की डूबने से जान चली गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया है और स्थानीय निवासियों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है।
विसर्जन यात्रा के दौरान तालाब में उतरे युवक
प्राप्त विवरण के अनुसार ग्रामीण दुर्गा माता की प्रतिमा को ट्रैक्टर-ट्राली पर लादकर नौबस्ता घाट की ओर ले जा रहे थे। यात्रा के दौरान ही रास्ते में पड़ने वाले एक तालाब में ग्रामीणों ने मूर्ति का विसर्जन आरंभ कर दिया। इसी बीच जुलूस में शामिल पांच दोस्त तालाब में स्नान करने के लिए उतर गए। पानी की गहराई का सटीक अंदाजा न होने की वजह से पांचों युवक एक-एक करके डूबने लगे। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत शोर मचाया और पुलिस को इसकी सूचना दी।
अस्पताल में तीन मृत घोषित, दो गंभीर रूप से घायल
मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय निवासियों ने काफी प्रयासों के बाद पांचों युवकों को पानी से बाहर निकाला। सभी को तुरंत नजदीकी हरदो अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीन युवकों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, दो अन्य युवकों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल फतेहपुर रेफर कर दिया गया है। इस हादसे में जान गंवाने वाले युवकों की पहचान आदित्य पुत्र राजू साहू (उम्र 20 वर्ष), राजा साहू पुत्र बबलू (उम्र 18 वर्ष) और अभिमन्यु पुत्र गोवर्धन साहू (उम्र 16 वर्ष) के रूप में हुई है। जबकि इस दुर्घटना में घायल हुए हर्ष और यशवंत का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
मातम में बदलीं दुर्गा पूजा की खुशियां
हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिजन तुरंत अस्पताल पहुंच गए, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल है। बैजूपुर चक कटोघन गांव में इस त्रासद घटना के बाद पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई स्तब्ध है। गांव में दुर्गा पूजा के पर्व की जो खुशियां थीं, वे अचानक गहरे शोक और कोहराम में बदल गई हैं।
प्रशासन की लोगों से अपील
घटना की जानकारी मिलने के बाद खागा कोतवाली पुलिस ने सभी शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। इस पूरे घटनाक्रम पर खागा के एसडीएम ने बताया कि ग्रामीण नौबस्ता घाट जाने के बजाय रास्ते के तालाब में ही विसर्जन कर रहे थे, जिसके दौरान यह हादसा हुआ। पुलिस और प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे मूर्ति विसर्जन के लिए केवल चिन्हित और सुरक्षित घाटों का ही उपयोग करें।



















