उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद खौफनाक घटना सामने आई है। यहां एक व्यक्ति ने अपनी ही लिव इन पार्टनर की बेरहमी से हत्या कर दी। इस जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद, आरोपी ने इसे एक दुर्घटना साबित करने की पूरी साजिश रची। उसने अपने ही दो बेटों और एक अन्य साथी के साथ मिलकर युवती के शव को एक बोरे में बंद किया और फिर उसे रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। शुरुआत में पुलिस भी इसे एक सामान्य हादसा मानकर चल रही थी। अज्ञात शव मिलने के बाद पुलिस ने शिनाख्त के लिए युवती की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किए थे। लगभग एक महीने तक यह मामला दुर्घटना ही माना जाता रहा। लेकिन, जब युवती के पिता और भाई ने इन तस्वीरों को देखा, तो उन्होंने शव की पहचान अपनी बेटी के रूप में की। इसके बाद उन्होंने सीधे लिव इन पार्टनर पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया। शिकायत मिलते ही पुलिस ने इस मामले की नए सिरे से जांच शुरू की, जिसमें इस पूरी खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हो गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें जेल भेज दिया गया है।
पंचायत के बाद शहर लेकर आया था आरोपी
इस पूरे मामले की शुरुआत एक अवैध और उलझे हुए रिश्ते से हुई। 45 साल के आरोपी गंगासागर ने गांव में ही रहने वाली अपनी 20 वर्षीय भतीजी को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया था। यह मामला थरियांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम धारूपुर औरई का है। गांव में इस रिश्ते को लेकर एक पंचायत भी बुलाई गई थी। पंचायत के फैसले के बाद गंगासागर युवती को अपने साथ शहर ले आया। इसके बाद दोनों राधा नगर इलाके के भिखारीपुर डिग्री कालेज के पास एक किराए के मकान में लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगे। युवती के पिता महावीर लोधी ने बताया कि 11 अप्रैल 2025 को गंगासागर उनकी बेटी पुष्पा देवी को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। पिता का आरोप है कि उन्होंने उसी समय थरियांव थाने में इसकी शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन तब पुलिस की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
फोन पर बातचीत बंद होने पर हुआ शक
पिता महावीर लोधी के अनुसार, घर से जाने के बाद भी पुष्पा अपनी बड़ी बहन शिव देवी के साथ फोन पर लगातार संपर्क में रहती थी और दोनों के बीच अक्सर बातचीत होती थी। लेकिन 16 जून 2026 को दोनों बहनों के बीच आखिरी बार फोन पर बात हुई थी। इसके बाद पुष्पा का फोन बंद हो गया और उसका कोई भी अता-पता नहीं चल सका। परिवार वालों की चिंता तब और बढ़ गई जब 19 जुलाई को उन्हें यह सूचना मिली कि पुष्पा पिछले करीब 15 दिनों से पूरी तरह से गायब है और उसका लिव इन पार्टनर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रहा है। अनहोनी की आशंका के चलते पिता ने 20 जुलाई को राधा नगर थाने में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। अपनी शिकायत में उन्होंने साफ तौर पर यह शक जताया कि गंगासागर ने ही उनकी बेटी की हत्या कर दी है और उसके शव को कहीं छिपा दिया है।
पूछताछ में उगला हत्या का खौफनाक सच
पिता की तहरीर मिलने के तुरंत बाद राधा नगर थाना पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया और मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन जांच शुरू कर दी। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने इस मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम ने जब सबूतों के आधार पर गंगासागर को हिरासत में लिया और उससे सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने 28 जून को ही पुष्पा की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद खुद को बचाने और इस पूरी वारदात को आत्महत्या या ट्रेन दुर्घटना का रूप देने के लिए उसने एक खौफनाक योजना बनाई।
ट्रैक्टर और बाइक बरामद, एक आरोपी फरार
गंगासागर ने इस काम में अपने दो बेटों और एक अन्य सहयोगी को भी शामिल किया। इन चारों ने मिलकर पहले शव को एक बोरे में भरा। इसके बाद उन्होंने बोरे को एक ट्रैक्टर ट्राली में लादा और रेलवे ट्रैक के पास ले जाकर फेंक दिया, ताकि यह लगे कि युवती की ट्रेन से कटकर मौत हुई है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस खौफनाक वारदात का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आरोपी गंगासागर और उसके दो बेटों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही अपराध में इस्तेमाल की गई ट्रैक्टर ट्राली और एक मोटरसाइकिल भी पुलिस ने बरामद कर ली है। इस मामले में शामिल चौथा आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं जो फरार आरोपी की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।




















