झारखंड की राजधानी रांची में सर्दी-जुकाम, तेज सिरदर्द या साइनस से जूझ रहे लोग एक पुराने घरेलू नुस्खे का सहारा लेते हैं, जिसमें घी, कपूर और सरसों तेल को मिलाकर नाक में डाला जाता है और सिर की हल्की मालिश की जाती है। कई लोगों का कहना है कि इस तरीके से उन्हें काफी राहत मिलती है।
डॉक्टर ने बताई हर चीज़ की भूमिका
रांची के आयुर्वेदिक डॉक्टर वीके पांडे के मुताबिक इस मिश्रण में शामिल तीनों चीज़ें अलग-अलग तरीके से फायदा पहुंचाती हैं। उनका कहना है कि कपूर में एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं। नाक में डालने पर यह बाहरी एलर्जी और बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करता है, जिससे तुरंत राहत महसूस होती है।
डॉक्टर पांडे बताते हैं कि घी एक बेहतरीन लुब्रिकेंट का काम करता है। यह नाक के अंदर की ड्राइनेस को दूर करता है, क्योंकि यही ड्राइनेस बार-बार छींक आने और खांसी की वजह बनती है। इसके अलावा सरसों तेल भी एंटीबैक्टीरियल होने के साथ-साथ लुब्रिकेंट का काम करता है। यह बंद नाक को खोलने और नाक के मार्ग को साफ करने में मदद करता है। डॉक्टर पांडे के अनुसार जब इन तीनों को एक साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है, तो फायदा और भी बढ़ जाता है।
सोने से पहले अपनाया जाता है यह तरीका
रांची की गृहणी उषा के अनुसार यह तरीका उनके परिवार में पुराने समय से चला आ रहा है। उनका कहना है कि इसे हफ्ते में एक बार नाक में डालने की सलाह दी जाती है, रोज़ाना नहीं। इस्तेमाल का तरीका भी बेहद आसान बताया गया है, रात को सोते समय नाक में एक-एक बूंद मिश्रण डाला जाता है, फिर नाक और सिर पर हल्के हाथों से मालिश की जाती है और उसके तुरंत बाद सो जाना होता है।
दावा, सुबह तक मिलती है 80 प्रतिशत तक राहत
उषा का दावा है कि इस उपाय को अपनाने के बाद सुबह तक सर्दी और सिरदर्द में लगभग 80% तक राहत मिल जाती है। यह एक पारंपरिक घरेलू तरीका है, जिसे परिवारों में पीढ़ी-दर-पीढ़ी आजमाया जाता रहा है।


















