भाद्रपद कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि इस बार सोमवार, 7 सितंबर 2026 को पड़ रही है, यानी इसी दिन अजा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इस तिथि के साथ वरियान योग, पुनर्वसु नक्षत्र और बुध के राशि परिवर्तन का संयोग भी बन रहा है, जिससे यह दिन ज्योतिष की नजर से और खास हो जाता है। जाने-माने ज्योतिषी आचार्य इंदु प्रकाश के पंचांग के मुताबिक जानते हैं शुभ मुहूर्त, पारण का सही समय, अलग-अलग शहरों में राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त की पूरी जानकारी।
7 सितंबर 2026 का पंचांग एक नजर में
- भाद्रपद कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि शाम 5 बजकर 3 मिनट तक रहेगी।
- वरियान योग देर रात 3 बजकर 38 मिनट तक बना रहेगा।
- पुनर्वसु नक्षत्र शाम 6 बजकर 14 मिनट तक रहेगा।
- दोपहर 1 बजकर 34 मिनट पर बुध कन्या राशि में गोचर करेंगे।
- इस दिन का खास पर्व अजा एकादशी व्रत है।
व्रत का मुहूर्त और पारण करने का समय
पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि 6 सितंबर 2026 की रात 7 बजकर 29 मिनट से शुरू होकर 7 सितंबर 2026 की शाम 5 बजकर 3 मिनट तक रहेगी, इसी उदया तिथि के हिसाब से व्रत सोमवार के दिन ही रखा जाएगा, न कि एक दिन आगे-पीछे। व्रत का पारण यानी उपवास तोड़ने का दिन 8 सितंबर 2026 तय है और इसका शुभ समय सुबह 6 बजकर 25 मिनट से 8 बजकर 53 मिनट के बीच रहेगा, यानी करीब ढाई घंटे की इस खिड़की के भीतर ही व्रती अपना पारण पूरा कर सकते हैं। ध्यान रहे कि पारण वाले दिन द्वादशी तिथि दोपहर 2 बजकर 42 मिनट पर ही समाप्त हो जाएगी, इसलिए जो लोग दिन में देर से पारण करने की सोच रहे हैं, उन्हें यह समय-सीमा जरूर ध्यान में रखनी चाहिए।
राहुकाल में भूलकर भी न करें शुभ काम
ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को यात्रा शुरू करने, बड़ी खरीदारी करने या कोई नया सौदा तय करने के लिए वर्जित समय माना जाता है। सोमवार, 7 सितंबर को अलग-अलग शहरों में राहुकाल इस प्रकार रहेगा।
- दिल्ली: सुबह 7 बजकर 36 मिनट से 9 बजकर 10 मिनट तक
- मुंबई: सुबह 7 बजकर 58 मिनट से 9 बजकर 31 मिनट तक
- चंडीगढ़: सुबह 7 बजकर 37 मिनट से 9 बजकर 12 मिनट तक
- लखनऊ: सुबह 7 बजकर 22 मिनट से 8 बजकर 56 मिनट तक
- भोपाल: सुबह 7 बजकर 38 मिनट से 9 बजकर 11 मिनट तक
- कोलकाता: सुबह 6 बजकर 54 मिनट से 8 बजकर 28 मिनट तक
- अहमदाबाद: सुबह 7 बजकर 57 मिनट से 9 बजकर 30 मिनट तक
- चेन्नई: सुबह 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजकर 2 मिनट तक
चूंकि हर शहर में यह समय-सीमा करीब एक घंटे तक अलग हो सकती है, इसलिए सोमवार सुबह सफर करने वालों को अपने शहर के बजाय जिस शहर में हों, वहां का ही राहुकाल देखना चाहिए।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
7 सितंबर 2026 को सूर्योदय सुबह 6 बजकर 1 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 6 बजकर 35 मिनट पर होगा। पूजा-पाठ और व्रत से जुड़े ज्यादातर काम, सुबह की आरती का समय भी शामिल, इसी सूर्योदय-सूर्यास्त की समय-सीमा को ध्यान में रखकर तय किए जाते हैं, इसीलिए पंचांग में यह जानकारी तिथि और योग के साथ हमेशा दी जाती है।
बुध के कन्या राशि में आने से किन राशियों पर पड़ेगा असर
सोमवार दोपहर 1 बजकर 34 मिनट पर बुध कन्या राशि में प्रवेश कर जाएंगे और यहां 26 सितंबर की दोपहर 12 बजकर 40 मिनट तक बने रहेंगे, इसके बाद वे तुला राशि में चले जाएंगे। भारतीय ज्योतिष में बुध को मिथुन और कन्या, दोनों राशियों का स्वामी माना गया है, इसलिए यह गोचर बुध की अपनी ही राशि में हो रहा है और इसका असर किसी एक-दो राशि तक सीमित न रहकर करीब-करीब सभी बारह राशियों पर किसी न किसी रूप में दिखने की उम्मीद है। बुध को ज्योतिष विद्या, शिल्प, कंप्यूटर और वाणिज्य से जुड़े कार्यों का कारक ग्रह माना जाता है, साथ ही यह कुंडली के चौथे और दसवें भाव को भी प्रभावित करता है, जो क्रमशः घर और करियर से जुड़े भाव हैं। बुद्धि और वाणी का देवता होने के चलते इसका सीधा प्रभाव दिमागी मेहनत, तेज सोच और बातचीत वाले कामों पर पड़ता है, वहीं शरीर में मुख्य रूप से गले और कंधों से जुड़ी सेहत पर भी इस गोचर के दौरान ध्यान देने की सलाह ज्योतिषी देते हैं।


















