ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-3 क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी फैल गई जब खुदाई के दौरान भूमिगत गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। शारदा यूनिवर्सिटी के ठीक पीछे गुजर रही आईजीएल की इस लाइन से गैस रिसाव शुरू होते ही तेज लपटें आसमान की ओर उठने लगीं। दूर से ही दिखाई दे रही आग की ऊंची लपटों और धुएं के गुबार को देखकर आसपास के निवासियों और राहगीरों में डर का माहौल बन गया। खतरे की गंभीरता को भांपते हुए स्थानीय नागरिकों ने बिना देर किए फौरन पुलिस नियंत्रण कक्ष और अग्निशमन दल को मामले की जानकारी दी।
सप्लाई बंद कर चार दमकल गाड़ियों ने पाया काबू
हादसे की सूचना प्राप्त होते ही दमकल की चार गाड़ियां आवश्यक राहत उपकरणों के साथ फौरन घटनास्थल की तरफ रवाना हुईं। किसी भी संभावित विस्फोट को रोकने के लिए सबसे पहले संबंधित पाइपलाइन की मुख्य गैस आपूर्ति को पूरी तरह बंद करवाया गया। आईजीएल की तकनीकी टीम ने दमकल कर्मियों के साथ मिलकर संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला और पानी की लगातार बौछारें डालकर लपटों को फैलने से रोका। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया।
हादसे में कोई जनहानि नहीं, बड़ा संकट टला
अग्निशमन अधिकारियों के अनुसार इस पूरी घटना के दौरान समय रहते सुरक्षा कदम उठा लिए गए थे, जिससे किसी भी व्यक्ति के हताहत होने या झुलसने की खबर नहीं है। पाइपलाइन बंद होने के कारण आग को समय रहते रोक लिया गया, अन्यथा घनी आबादी और शैक्षणिक संस्थानों वाले इस इलाके में स्थिति विकराल रूप ले सकती थी। घटना के तुरंत बाद तकनीकी दल ने प्रभावित पाइपलाइन की मरम्मत और सुरक्षा जांच का काम शुरू कर दिया है ताकि इलाके में सामान्य स्थिति बहाल की जा सके।



















