कोटा जिले के बोरखेड़ा क्षेत्र में रविवार की रात एक अप्रत्याशित और खौफनाक नजारा देखने को मिला, जब थेगड़ा रोड स्थित कंचन रिसोर्ट के पास जैन मंदिर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के बीच हड़कंप मच गया। यहाँ एक वाहन के पिछले पहिये के नीचे साढ़े चार फीट का एक विशाल मगरमच्छ आकर छिप गया था। रात के सन्नाटे में जब वाहन मालिक अपनी गाड़ी के पास पहुँचा और उसकी नजर टायर के पास पड़ी, तो उसने एक लंबी पूंछ को हिलते हुए देखा। पास जाकर देखने पर जब उसे यह अहसास हुआ कि वहाँ कोई आम जीव नहीं बल्कि एक खतरनाक शिकारी छिपा है, तो उसके होश उड़ गए। उसने तुरंत शोर मचाया, जिससे आसपास के स्थानीय लोग भी अपने घरों से बाहर निकल आए और देखते ही देखते वहाँ भारी भीड़ जमा हो गई। इस неожидан घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
वन विभाग की त्वरित कार्रवाई और सड़क पर रोमांच
वाहन मालिक द्वारा दी गई सूचना के आधार पर वन विभाग की एक तीन सदस्यीय विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम तुरंत सभी जरूरी उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुँच गई। सबसे पहले अधिकारियों ने भीड़ को वाहन से सुरक्षित दूरी पर हटाया ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। जैसे ही दल ने मगरमच्छ को बाहर निकालने के लिए वाहन को हटाने का प्रयास किया, वह अचानक बाहर आ गया और तेजी से सड़क पर लगभग बीस फीट की दूरी तक दौड़ पड़ा। खुलेआम सड़क पर उस जीव को इस तरह भागते देख वहाँ मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और हर कोई अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगा।
आंखों पर कपड़ा डालकर किया गया काबू
सड़क पर तेजी से भाग रहे उस खतरनाक जीव को नियंत्रित करना वन विभाग के कर्मचारियों के लिए एक बड़ी चुनौती था, जिसके लिए उन्होंने भारी सूझबूझ का परिचय दिया। कर्मियों ने एक विशेष फंदे वाली रस्सी तैयार की और बड़ी सावधानी से उसके जबड़े में फंसाकर उसे काबू में किया। इसके बाद उसे शांत करने के उद्देश्य से उसकी आँखों पर एक काला कपड़ा डाल दिया गया, ताकि वह ज्यादा छटपटा न सके और टीम को उसे सुरक्षित रूप से उठाने में आसानी हो। लगभग पंद्रह मिनट के कड़े संघर्ष के बाद आखिरकार उस साढ़े चार फीट लंबे वन्यजीव को पूरी तरह से सुरक्षित पकड़ लिया गया।
नाले से भटककर रिहायशी इलाके में पहुँचा था जीव
वन विभाग के अधिकारियों ने इस घटना के पीछे के कारण की जानकारी देते हुए बताया कि कंचन रिसोर्ट के बिल्कुल पास से ही एक बड़ा नाला गुजरता है। शुरुआती आकलन के अनुसार, यह जीव संभवतः उसी नाले के रास्ते भटकते हुए इस घनी रिहायशी कॉलोनी के अंदर आ गया था और रात का अंधेरा होने के कारण खुद को छिपाने के लिए इस वाहन के नीचे बैठ गया था। इस सफल और सुरक्षित रेस्क्यू अभियान के बाद स्थानीय निवासियों और वाहन मालिक ने राहत की गहरी साँस ली, क्योंकि समय रहते यदि सूझबूझ न दिखाई जाती तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।





















