अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में जापानी येन पर दबाव लगातार बरकरार है और मंगलवार को एशियाई कारोबारी सत्र में डॉलर के मुकाबले यह 157.40 के स्तर के आसपास दर्ज किया गया। मुद्रा में लगातार आ रही इस कमजोरी को थामने के लिए टोक्यो और वॉशिंगटन के नीति निर्माताओं के बीच सक्रियता बढ़ गई है। जापान की वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा और अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के बीच द्विपक्षीय बातचीत के बाद बाजार में संभावित मुद्रा हस्तक्षेप को लेकर सतर्कता का माहौल बन गया है। दोनों देशों ने विदेशी मुद्रा बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने और जापानी मुद्रा की कमजोरी से निपटने के लिए आपसी समन्वय को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है।
बाजार में इस समय यह चर्चा तेज है कि क्या दोनों देश मिलकर कोई साझा कदम उठाएंगे। टोक्यो में नीति नियंताओं का मानना है कि येन का मौजूदा मूल्यांकन वास्तविक आर्थिक बुनियादी ढांचे से काफी कम है, जिससे आयात लागत बढ़ने का जोखिम खड़ा हो रहा है। वहीं, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर की बैठक में नीतिगत दरों में 25 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी की लगभग 70.3% संभावना जताए जाने के कारण अमेरिकी डॉलर को लगातार समर्थन मिल रहा है, जिससे येन की स्थिति अधिक संवेदनशील बनी हुई है।
टोक्यो और वॉशिंगटन के बीच कूटनीतिक समन्वय
जापान की वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि येन का अत्यधिक अवमूल्यन एक बड़ी आर्थिक समस्या बन चुका है। उन्होंने 25 सितंबर यानी बीते शुक्रवार को अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के साथ फोन पर हुई विस्तृत चर्चा का संदर्भ देते हुए कहा कि दोनों पक्ष आपसी सहयोग को गहरा करने पर सहमत हुए हैं। वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार को व्यवस्थित और स्थिर बनाए रखने के लिए जापानी अधिकारी अमेरिकी ट्रेजरी के साथ निरंतर और करीबी संपर्क बनाए रखेंगे।
इससे पहले सोमवार को जापान के शीर्ष मुद्रा राजनयिक अत्सुशी मिमुरा ने बाजार को स्पष्ट संदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि येन में जारी गिरावट को लेकर टोक्यो और वॉशिंगटन की साझा चिंताओं को वित्तीय बाजारों को पूरी गंभीरता और उनके वास्तविक अर्थों में लेना चाहिए। इस बयान को विश्लेषकों ने इस संकेत के तौर पर देखा कि यदि बाजार में सट्टेबाजी के कारण येन में अस्वाभाविक गिरावट जारी रहती है, तो दोनों देशों की ओर से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हस्तक्षेप से परहेज नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, डोनाल्ड ट्रंप द्वारा येन की कमजोरी पर जाहिर की गई चिंताओं ने भी अमेरिका और जापान के संभावित संयुक्त हस्तक्षेप की अटकलों को तेज कर दिया है।
बैंक ऑफ जापान की दर वृद्धि और उसका असर
जापान के केंद्रीय बैंक यानी बैंक ऑफ जापान ने मुद्रा को सहारा देने और बढ़ती महंगाई को काबू में करने के लिए पिछले सप्ताह ओवरनाइट पॉलिसी दर में 25 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद यह दर बढ़कर 1.25% पर पहुंच गई। केंद्रीय बैंक के इस कड़े रुख के बावजूद मुद्रा बाजार में येन को कोई ठोस सहारा नहीं मिल सका। राबोबैंक के विश्लेषकों ने रेखांकित किया है कि बैंक ऑफ जापान का यह ताजा नीतिगत कदम मुद्रा की कमजोरी को रोकने में प्रभावी साबित नहीं हुआ है। उनके विश्लेषण के अनुसार, बैंक ऑफ जापान द्वारा दरें 1.25% किए जाने के बाद भी येन में कमजोरी का सिलसिला जारी रहा और यूएसडी/जेपीवाई अपने हालिया निचले स्तरों से 2.82% चढ़कर 157.26 तक पहुंच गया था।
यह स्थिति इस बात को दर्शाती है कि नीतिगत सख्ती के बावजूद डॉलर के मुकाबले येन पर लगातार नीचे की ओर दबाव बना हुआ है। दिलचस्प पहलू यह भी है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान दोनों ने ही पिछले सप्ताह ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी की थी। दोनों ही केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति के दबावों का सामना कर रहे हैं और दोनों ने संकेत दिया है कि उनके आगामी निर्णय आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेंगे। हालांकि, अमेरिका और जापान के बीच ब्याज दरों का बड़ा अंतर डॉलर के पक्ष में काम कर रहा है।
दैनिक चार्ट और तकनीकी संकेत
दैनिक मूल्य चार्ट पर यूएसडी/जेपीवाई की चाल पर नजर डालें तो यह जोड़ी 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज यानी एसएमए और ऊपरी बोलिंगर बैंड के नीचे बनी हुई है। जुलाई के निचले स्तरों से आई हालिया तेजी के बावजूद इस तकनीकी अवरोध ने मुद्रा जोड़ी की बढ़त को सीमित रखा हुआ है। वर्तमान में मूल्य 156.16 पर स्थित बोलिंगर मिडिल बैंड से ऊपर बना हुआ है, जबकि 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 50 के आसपास मंडरा रहा है। यह ओवरसोल्ड स्थिति से उबरने के बाद एक तटस्थ गति का संकेत देता है, जो सीमित दायरे में कंसॉलिडेशन की संभावना को दर्शाता है।
वर्तमान में लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार यूएसडी/जेपीवाई 157.37 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 157.46 से 0.06% नीचे है। इसका 52-सप्ताह का दायरा 149.41 से 163.98 का रहा है। लाइव तकनीकी संकेतकों में 14-अवधि का आरएसआई 51 पर तटस्थ बना हुआ है। एमएसीडी -0.16 पर है जबकि सिग्नल लाइन -0.58 पर है, जिसका हिस्टोग्राम 0.42 के साथ बुलिश रुख दिखाता है। मूविंग एवरेज में ईएमए20 157.07, ईएमए50 158.04 और ईएमए200 157.69 पर स्थित हैं, जहां ईएमए50 का ईएमए200 से ऊपर होना गोल्डन क्रॉस दर्शाता है। वहीं एसएमए50 158.50 और एसएमए200 158.48 पर हैं। बोलिंगर बैंड का दायरा 152.37 से 160.17 के बीच है, जिसका मध्य स्तर 156.27 है। 14-अवधि का एडीएक्स 27 पर ट्रेंडिंग बाजार की ओर इशारा करता है, जबकि स्टोकैस्टिक फास्ट लाइन 71 और सिग्नल लाइन 81 पर है। दैनिक अस्थिरता एटीआर 1.45 दर्ज की गई है।
अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर
नीचे की ओर गिरावट की स्थिति में यूएसडी/जेपीवाई के लिए शुरुआती सहारा 156.15 के बोलिंगर मिडिल बैंड पर देखा जा रहा है। यदि यह स्तर टूटता है, तो अगला प्रमुख सपोर्ट निचला बोलिंगर बैंड 152.85 के करीब होगा, जहां गहरी गिरावट की स्थिति में खरीदारों की ओर से मजबूत मांग उभरने की संभावना है। इसके अलावा 20-दिवसीय तकनीकी सपोर्ट 152.90 के आसपास आंका गया है, जबकि इंट्राडे स्तरों पर पिवट 157.38 के साथ पहला सपोर्ट एस1 157.18 और दूसरा सपोर्ट एस2 157.00 पर स्थित है।
ऊपर की ओर, तात्कालिक प्रतिरोध 159.50 के आसपास ऊपरी बोलिंगर बैंड पर मौजूद है, जिसके ठीक बाद 159.55 पर 100-दिवसीय एसएमए का स्तर आता है। मौजूदा बियरिश दबाव को पूरी तरह पलटने और रुझान को तेजी में बदलने के लिए खरीदारों को 159.50 से 159.55 के इस दोहरे अवरोध को निर्णायक रूप से पार करना होगा। इसके अलावा 20-दिवसीय रेजिस्टेंस 160.38 के आसपास है, जबकि शॉर्ट-टर्म रेजिस्टेंस स्तर आर1 157.57 और आर2 157.77 पर बने हुए हैं।
वैश्विक मुद्रा बाजार में येन की भूमिका और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
जापानी येन दुनिया की सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्राओं में शामिल है। इसका मूल्य मुख्य रूप से जापानी अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन, बैंक ऑफ जापान के नीतिगत फैसलों, जापान और अमेरिका के बॉन्ड यील्ड के अंतर और वैश्विक निवेशकों की जोखिम धारणा से तय होता है। बैंक ऑफ जापान के प्रमुख जनादेशों में मुद्रा नियंत्रण शामिल है, इसलिए केंद्रीय बैंक के कदम येन की दिशा तय करने में निर्णायक होते हैं। अतीत में केंद्रीय बैंक ने मुद्रा बाजार में कई बार प्रत्यक्ष हस्तक्षेप किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य येन के मूल्य को घटाना रहा है, हालांकि प्रमुख व्यापारिक साझेदारों की राजनीतिक चिंताओं के कारण ऐसा बार-बार करने से बचा जाता है।
साल 2013 से 2024 के बीच बैंक ऑफ जापान ने अत्यंत उदार यानी अल्ट्रा-लूज मौद्रिक नीति का पालन किया था। इस लंबी अवधि में अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों के साथ नीतिगत अंतर लगातार बढ़ता गया, जिससे प्रमुख प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के मुकाबले येन में भारी गिरावट आई। विशेष रूप से अमेरिकी फेडरल रिजर्व के साथ नीतिगत भिन्नता के कारण अमेरिका और जापान के 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का अंतर बहुत चौड़ा हो गया, जिसने येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर को भारी मजबूती दी। वर्ष 2024 में बैंक ऑफ जापान द्वारा इस अल्ट्रा-लूज नीति को धीरे-धीरे समाप्त करने के निर्णय और अन्य केंद्रीय बैंकों में संभावित ब्याज दरों में कटौती ने इस यील्ड अंतर को कम करने की शुरुआत की है, जिससे येन को समय-समय पर सहारा मिलता रहा है। इसके साथ ही, वित्तीय संकट या अनिश्चितता के दौर में येन को एक सुरक्षित निवेश यानी सेफ-हेवन विकल्प माना जाता है, क्योंकि संकट के समय निवेशक स्थिरता की तलाश में इसमें पूंजी लगाते हैं।
अन्य बाजारों की हलचल: डॉलर, सोना और क्रिप्टोकरेंसी
वैश्विक वित्तीय परिदृश्य पर नजर डालें तो अमेरिकी डॉलर इस समय दो महीने के उच्च स्तर के करीब बना हुआ है। कच्चे तेल की कीमतों के कारण उपजी मुद्रास्फीति की चिंताओं ने फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में दरें बढ़ाने की संभावनाओं को बल दिया है, जिससे अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। इसके अतिरिक्त, अमेरिका और ईरान के बीच जारी गतिरोध के चलते सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर को अतिरिक्त मजबूती मिल रही है। इस मजबूत डॉलर के दबाव में सोने की कीमतें पिछले सत्र में 5 अगस्त के बाद के सबसे निचले स्तर तक लुढ़कने के बाद 4,100 डॉलर प्रति औंस के स्तर के करीब कंसॉलिडेट हो रही हैं। वहीं, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर भी रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के नीतिगत निर्णय से पहले 0.7000 के ठीक ऊपर सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है।
डिजिटल एसेट क्षेत्र में भी सुरक्षा और नियमों को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। क्रॉस-चेन ट्रेडिंग प्रोटोकॉल नियर इंटेंट्स ने सोमवार की एक रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में बिटगेट पर हुए हमले से जुड़े 5 करोड़ डॉलर से अधिक के मनी लॉन्ड्रिंग प्रयासों को रोक दिया। इस लेनदेन की प्रक्रिया के दौरान प्रोटोकॉल ने 5,03,000 डॉलर की राशि को फ्रीज कर दिया। यह पूरी कार्रवाई शील्ड नामक रिस्क-इंटेलिजेंस प्रणाली के माध्यम से की गई, जो हैकिंग और अन्य अवैध गतिविधियों से जुड़े लेनदेनों की निगरानी करती है। समग्र वित्तीय परिदृश्य में केंद्रीय बैंकों की दर नीतियां और भू-राजनीतिक तनाव मुद्रा तथा कमोडिटी बाजारों की दिशा तय कर रहे हैं।



















