उत्तर प्रदेश के मेरठ अंतर्गत परतापुर इलाके में मौजूद एयरपोर्ट एंक्लेव कॉलोनी में उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) की एक टीम एक निर्माणाधीन मंदिर को ध्वस्त करने के लिए बुलडोजर लेकर पहुंची। प्रशासनिक अमले के मौके पर पहुंचते ही स्थानीय महिलाएं भारी संख्या में एकत्र हो गईं और उन्होंने बुलडोजर के ठीक सामने बैठकर ढोलक और मंजीरों के साथ भजन गाना शुरू कर दिया। महिलाओं के इस अनूठे प्रतिरोध और बढ़ते जनविरोध के आगे विवश होकर प्राधिकरण के दस्ते को बिना कोई तोड़फोड़ किए बैरंग वापस लौटना पड़ा, जिसके दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे हैं।
बिना पुलिस बल पहुंची थी टीम, जुट गई भारी भीड़
यह पूरा घटनाक्रम गुरुवार दोपहर के वक्त सामने आया, जब मेरठ विकास प्राधिकरण का दस्ता स्थानीय पुलिस बल की मौजूदगी के बिना ही सीधे एयरपोर्ट एंक्लेव पहुंच गया था। जैसे ही निर्माणाधीन मंदिर स्थल पर तोड़फोड़ की योजना की भनक आसपास के इलाके में लगी, मंदिर समिति के तमाम सदस्य, पार्षद पुत्र आकाश काशी और विभिन्न हिंदू संगठनों के कई कार्यकर्ता तत्काल वहां जमा हो गए। कुछ ही पलों के भीतर वहां सैकड़ों लोगों का जमावड़ा लग गया। मौके पर पुलिस बल का कोई बैकअप न होने और महिलाओं द्वारा लगातार किए जा रहे मुखर विरोध को देखते हुए प्राधिकरण के अधिकारियों ने जोखिम न लेते हुए कदम पीछे खींचना ही बेहतर समझा।
नोटिस और संवाद के अभाव पर स्थानीय निवासियों की नाराजगी
स्थानीय बाशिंदों का स्पष्ट कहना है कि किसी भी धार्मिक ढांचे के खिलाफ कोई प्रशासनिक कदम उठाने से पहले जिम्मेदारों को मंदिर प्रबंधन और क्षेत्रीय लोगों से औपचारिक बातचीत करनी चाहिए थी। निवासियों का आरोप है कि प्राधिकरण ने विधिक नियमों के अनुरूप कार्रवाई अमल में लाने से पूर्व कोई औपचारिक नोटिस जारी नहीं किया था। दूसरी ओर, प्रशासनिक पक्ष का कहना है कि यह निर्माण कार्य सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करके कराया जा रहा है, जिसे मौके पर रुकवाने के उद्देश्य से ही टीम भेजी गई थी। फिलहाल विरोध के चलते यह विध्वंस कार्रवाई टल गई है, लेकिन प्राधिकरण ने मामले में अपनी आगामी कार्ययोजना और कार्रवाई के विधिक आधार को लेकर कोई अंतिम स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
उत्तर प्रदेश में पूर्व में भी हो चुकी हैं ऐसी कार्रवाइयां
सरकारी जमीन पर खड़े धार्मिक ढांचों पर प्रशासनिक हथौड़ा चलने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व बीते महीने सहारनपुर जिले के भीतर सरकारी भूमि पर निर्मित एक मस्जिद को बुलडोजर से ढहा दिया गया था, जिस पर भी काफी राजनीतिक और सामाजिक विवाद छिड़ गया था और वह प्रकरण वर्तमान समय में अदालत के विचाराधीन है।
एटा में हनुमान मंदिर के 70 वर्षीय पुजारी की हत्या का खुलासा
इसी बीच राज्य के एटा जनपद से भी मंदिर से जुड़ा एक आपराधिक मामला सामने आया है। वहां की स्थानीय पुलिस ने लालपुर गांव में स्थित हनुमान मंदिर के 70 वर्षीय बुजुर्ग पुजारी की निर्मम हत्या की गुत्थी को महज चार घंटे के भीतर सुलझाने का दावा किया है। निधौली कलां थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस मंदिर के पुजारी भोजराज की हत्या के मामले में पुलिस ने गब्बर उर्फ संदीप नामक एक संदिग्ध को अपनी हिरासत में ले लिया है, जिसके कपड़ों पर कथित रूप से खून के धब्बे पाए गए हैं।



















