देश के कई हिस्सों में जुलाई महीने के अंतिम सप्ताह से मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट के अनुसार, देश के उत्तरी, उत्तर-पश्चिमी, पश्चिमी और पूर्वोत्तर राज्यों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। मंगलवार से शुरू हो रही यह मौसमी गतिविधि आने वाले पूरे हफ्ते जारी रहने की संभावना है। लगातार हो रही इस बारिश से जहां एक तरफ चिपचिपाती गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिलने जा रही है, वहीं दूसरी ओर अचानक बाढ़ और भूस्खलन जैसी चुनौतियों को लेकर प्रशासनिक चेतावनी भी जारी की गई है।
पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और तेज हवाओं का खतरा
पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों के लिए मौसम का यह मिजाज चिंताजनक हो सकता है। भारतीय मौसम विभाग ने तीन प्रमुख पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में आज से लेकर अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने के आसार जताए गए हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे भी अधिक गति से तेज हवाएं चल सकती हैं। हवाओं के साथ-साथ बादलों की गरज और बिजली चमकने की घटनाएं भी होंगी। इन पहाड़ियों पर लगातार पानी बरसने के कारण चट्टानें दरकने और भूस्खलन होने की संभावना काफी बढ़ गई है। इसके अलावा, पहाड़ों से आने वाले तेज बहाव के कारण मैदानी इलाकों से गुजरने वाली नदियों में जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में अचानक बाढ़ आने का गंभीर जोखिम बना हुआ है।
दिल्ली-एनसीआर समेत मैदानी राज्यों में बारिश का हाल
मैदानी इलाकों की बात करें तो दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम का पैटर्न बदल रहा है। इन राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी, जबकि कई इलाकों में तेज बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। 28 जुलाई को उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मानसून काफी सक्रिय रहेगा।
देश की राजधानी दिल्ली और उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बादलों का डेरा जमा रहेगा। दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किए जाने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 25 डिग्री से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा। आसमान में बादल छाए रहने और बीच-बीच में तेज बारिश होने से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी, जिससे आम जनता को उमस और गर्मी से काफी सुकून मिलेगा।
राजस्थान और मध्य भारत में भारी बारिश की संभावना
पश्चिम भारत के राज्यों में भी मानसून की गतिविधियां तेजी से जोर पकड़ रही हैं। विशेष रूप से राजस्थान में मौसमी तंत्र काफी मजबूत हो रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी राजस्थान के जिलों में 28 जुलाई से लेकर 2 अगस्त के बीच मूसलाधार से बहुत भारी बारिश देखने को मिल सकती है। इस दौरान पश्चिमी राजस्थान के भी कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की पूरी संभावना है।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ जैसे मध्य भारतीय क्षेत्रों में भी इस सप्ताह के अंत तक झमाझम बारिश होने का पूर्वानुमान है। इन राज्यों में लगातार बारिश होने से जलाशयों और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जो कृषि और पेयजल आपूर्ति के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण साबित होगी।
तापमान में आएगी भारी गिरावट और 7 दिनों का अलर्ट
पूरे देश में लगातार बारिश और ठंडी हवाएं चलने के कारण तापमान सामान्य स्तर से काफी नीचे चला जाएगा। उत्तर भारत के अधिकतर प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के दायरे में रहने की संभावना है। पहाड़ी इलाकों में तो पारा और भी ज्यादा गिर सकता है, जिससे वहां मौसम में ठंडक बढ़ जाएगी।
भारतीय मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है। जुलाई के आखिरी दिनों से लेकर अगस्त की शुरुआत तक उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत और पूर्वी राजस्थान में बारिश के कई दौर देखने को मिलेंगे। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, जबकि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में रुक-रुक कर गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला बना रहेगा।


















