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रायबरेली में प्रेम प्रसंग का विरोध करने पर पिता की हत्या, मां-बेटी ने गड्ढे में दबाया शवउत्तर प्रदेश
14 अग॰ 2026, 9:31 am (1 घंटे पहले)· 2

रायबरेली में प्रेम प्रसंग का विरोध करने पर पिता की हत्या, मां-बेटी ने गड्ढे में दबाया शव

उत्तर प्रदेश के रायबरेली में प्रेम प्रसंग का विरोध करने पर एक युवती ने मां के साथ मिलकर पिता की हत्या कर दी। एक महीने बाद पुलिस ने घर से महज 50 मीटर दूर गड्ढे से कंकाल बरामद कर मां-बेटी को हिरासत में लिया है।

उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले स्थित हरचंदपुर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां बराईन गांव में एक युवती ने अपने प्रेम प्रसंग का विरोध करने पर अपनी ही मां के साथ मिलकर पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने साक्ष्य छुपाने के इरादे से शव को घर से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित एक गहरे गड्ढे में दफना दिया। यह वारदात करीब एक महीने तक राज बनी रही, लेकिन पुलिस की जांच और कड़ाई से की गई पूछताछ में इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हो गया। पुलिस ने युवती की बताई हुई जगह पर खुदाई करवाकर मृतक का कंकाल बरामद कर लिया है।

एक महीने से लापता थे अधेड़ व्यक्ति छोटेलाल

पुलिस जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, बराईन गांव के रहने वाले अधेड़ उम्र के व्यक्ति छोटेलाल 17 जुलाई से अचानक लापता हो गए थे। परिजनों द्वारा उनके ठिकाने के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी न मिलने के कारण मामला उलझा हुआ था। छोटेलाल का बेटा घर से बाहर था, और उनकी पत्नी एक महीने तक उसे लगातार गुमराह करती रही। मां अपने बेटे को यह दिलासा देती रही कि उसके पिता जल्द ही वापस लौट आएंगे या किसी काम से बाहर गए हैं। हालांकि, जब पूरा एक महीना बीत जाने के बाद भी पिता का कोई सुराग नहीं मिला, तो बेटे को अनहोनी की आशंका हुई।

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संदेह गहराने पर बेटा अपने गांव वापस लौटा और सीधे हरचंदपुर थाने पहुंचकर मामले की लिखित तहरीर दी। पुलिस ने बेटे की शिकायत के आधार पर तुरंत कार्रवाई शुरू की और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी। जांच अधिकारी जब मामले की कड़ियां जोड़ने लगे, तो उन्हें परिवार की गतिविधियों और बयानों पर संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस ने परिवार के सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ शुरू की।

खुदाई में मिला 50 मीटर दूर दफनाया गया कंकाल

पुलिस द्वारा की गई सख्त पूछताछ के दौरान मृतक की बेटी और पत्नी का धैर्य जवाब दे गया। दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और हत्या की पूरी कहानी बयान कर दी। पूछताछ के दौरान बेटी ने उस सटीक जगह का खुलासा किया जहां उन्होंने शव को छिपाया था। पुलिस टीम तुरंत बराईन गांव में स्थित घटनास्थल पर पहुंची और बेटी की निशानदेही पर घर से महज 50 मीटर दूरी पर बने गड्ढे की खुदाई शुरू करवाई।

खुदाई के दौरान पुलिस को गड्ढे के अंदर से छोटेलाल का कंकाल बरामद हुआ। एक महीने तक जमीन के नीचे दबे रहने के कारण शव पूरी तरह से सड़-गल चुका था और केवल हड्डियां ही बची थीं। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से कंकाल को अपने कब्जे में लेकर सील किया और विधि विज्ञान जांच के साथ-साथ पोस्टमार्टम के लिए प्रयोगशाला व मोर्चरी भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हत्या के सटीक कारणों और समय की आधिकारिक पुष्टि होगी।

प्रेम प्रसंग बना हत्या की मुख्य वजह

शुरुआती पुलिस पूछताछ और जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि इस खौफनाक हत्याकांड के पीछे मुख्य वजह बेटी का कथित प्रेम प्रसंग था। पिता छोटेलाल बेटी के इस प्रेम प्रसंग का लगातार विरोध कर रहे थे और उसके रास्ते में बाधा बन रहे थे। पिता की रोक-टोक से नाराज होकर बेटी ने अपने पिता को रास्ते से हटाने का मन बना लिया। इस साजिश में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि बेटी को गलत रास्ते से रोकने या समझाने के बजाय उसकी मां ने भी हत्या की इस साजिश में पूरा साथ दिया।

मां और बेटी ने मिलकर छोटेलाल को मौत के घाट उतारा और फिर शव को घर के पास ही गड्ढे में गाड़ दिया। इसके बाद दोनों सामान्य जिंदगी जीने का नाटक करती रहीं और बेटे को गुमराह करती रहीं। फिलहाल पुलिस ने मां और बेटी दोनों को हिरासत में ले लिया है और उनसे सघन पूछताछ कर रही है। पुलिस इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि क्या इस वारदात को अंजाम देने या शव को दफनाने में परिवार के बाहर का कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए जा रहे हैं ताकि अदालत में सख्त सजा दिलाई जा सके।

सवाल-जवाब

रायबरेली में क्या घटना घटी है?
रायबरेली के हरचंदपुर थाना क्षेत्र के बराईन गांव में प्रेम प्रसंग का विरोध करने पर मां-बेटी ने मिलकर पिता छोटेलाल की हत्या कर दी और शव घर से 50 मीटर दूर गड्ढे में दफना दिया।
मृतक छोटेलाल कब से लापता थे?
अधेड़ उम्र के छोटेलाल 17 जुलाई से लापता थे और उनका शव एक महीने बाद पुलिस को मिला।
मामले का पर्दाफाश कैसे हुआ?
एक महीने बाद बेटे ने घर लौटकर थाने में पिता के लापता होने की लिखित शिकायत दी, जिसके बाद पुलिस पूछताछ में मां-बेटी ने हत्या की बात स्वीकार की।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने मां-बेटी की निशानदेही पर कंकाल बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·3 मिनट पहले

यह मामला पारिवारिक रिश्तों में बढ़ती दरार और घरेलू हिंसक प्रवृत्तियों की खतरनाक मिसाल है। एक महीने तक गायब रहने के बावजूद पत्नी का बेटे को गुमराह करना और घर के पास ही शव छिपाना यह दर्शाता है कि अपराधियों में कानून का खौफ किस हद तक घट गया है। आगे की कानूनी प्रक्रिया में फॉरेंसिक साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस अंधे कत्ल की गुत्थी को अदालत में साबित करने के लिए सबसे मजबूत हथियार बनेंगे।

Rohan Verma@rohan-verma·3 मिनट पहले

यह घटना उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बढ़ते सामाजिक तनाव और पारिवारिक विघटन का एक गंभीर संकेत है। जब घर के भीतर ही इस तरह के खूनी संघर्ष होने लगें, तो यह केवल एक आपराधिक मामला नहीं बल्कि गिरते नैतिक मूल्यों का परिणाम है। एक महीने तक हत्या को छिपाए रखना यह साबित करता है कि स्थानीय स्तर पर सामाजिक ताना-बाना और मुखबिरी तंत्र किस हद तक कमजोर हुआ है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम के लिए अब यह चुनौती होगी कि वे तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों को अदालत में मजबूती से पेश करें ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके और समाज में एक सख्त संदेश जाए।

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