बिहार की राजधानी पटना के गौरीचक थाना क्षेत्र में सुबह-सुबह एक दुखद सड़क दुर्घटना सामने आई है। यात्रियों से भरे एक ऑटो रिक्शा और विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक के बीच हुई भीषण टक्कर में मां-बेटी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस हादसे की चपेट में आने से ऑटो में सवार तीन अन्य लोग बुरी तरह जख्मी हो गए हैं, जिन्हें तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
गौरीचक में हुआ दर्दनाक हादसा और मौके का दृश्य
प्राप्त विवरण के अनुसार, एक ऑटो रिक्शा सवारियों को लेकर पटना शहर की तरफ बढ़ रहा था। इसी दौरान सामने से आ रहे एक भारी ट्रक ने अत्यधिक गति में होने के कारण संतुलन खो दिया और ऑटो को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो रिक्शा के परखच्चे उड़ गए। दुर्घटना के समय ऑटो में सवार महिला और उनकी बेटी की शरीर पर गंभीर चोटें लगने से मौके पर ही सांसें थम गईं।
स्थानीय लोगों की मदद, पुलिस कार्रवाई और एसडीपीओ का बयान
हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद ग्रामीणों और राहगीरों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया और गंभीर रूप से जख्मी तीन यात्रियों को ऑटो से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। घटना की जानकारी मिलते ही पचरुखिया पुलिस स्टेशन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतका मां-बेटी के शवों को अपने कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की और उन्हें पोस्टमार्टम प्रक्रिया के लिए अस्पताल भेज दिया। घटना के संबंध में जानकारी देते हुए पटना सदर-2 के अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि इस दुर्घटना में दो लोगों की जान गई है और तीन घायल यात्रियों का चिकित्सा उपचार जारी है।
जांच प्रक्रिया, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल और राजमार्ग सुरक्षा चिंताएं
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस टीम ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक और ऑटो दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को दुर्घटना की प्राथमिक वजह माना जा रहा है, हालांकि पुलिस प्रशासन सभी संभावित बिंदुओं पर गहराई से पड़ताल कर रहा है। घटना की खबर सुनते ही मृतका मां-बेटी के परिजन रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे, जिससे पूरे इलाके में गहरा शोक छा गया है। गौरतलब है कि राजमार्गों पर भारी वाणिज्यिक वाहनों की अत्यधिक गति और लंबी दूरी के चालकों की थकान अक्सर ऐसे जानलेवा हादसों का कारण बनती है, क्योंकि भारी वजन के कारण ट्रकों में अचानक ब्रेक लगाना और वाहन पर नियंत्रण पाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है।



















