रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़ी कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। इसी सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की एक टीम मंगलवार सुबह रामपुर जेल पहुंच गई। तयशुदा जानकारी के मुताबिक, जांच एजेंसी के अधिकारी सुबह करीब 9 बजे जेल परिसर के भीतर दाखिल हुए और इसके तुरंत बाद आजम खान से पूछताछ का सिलसिला शुरू कर दिया गया। इस बड़ी कार्रवाई के बाद से ही स्थानीय प्रशासनिक अमले के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी सरगर्मी काफी तेज हो गई है।
जांच का मुख्य केंद्र जौहर यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े विभिन्न ट्रस्टों से जुड़े वित्तीय व अन्य अनियमितताओं के मामले बताए जा रहे हैं। ईडी की यह पूछताछ उन कड़ियों को जोड़ने का प्रयास है जो इससे पहले हुई जांच के दौरान सामने आई थीं। गौरतलब है कि इस पूरे प्रकरण में हाल के दिनों में समाजवादी पार्टी के विधायक नसीर अहमद खान सहित कई ऐसे लोगों से पूछताछ की जा चुकी है जिन्हें आजम खान का करीबी माना जाता रहा है। एजेंसी इन तमाम चेहरों से हुई पूछताछ में मिले तथ्यों और दस्तावेजों को आधार बनाकर ही आजम खान से सीधे सवाल-जवाब कर रही है। हालांकि, इस मैराथन पूछताछ के दौरान कौन से मुख्य सवाल पूछे जा रहे हैं और अब तक की प्रक्रिया में क्या खास जानकारी हाथ लगी है, इस पर अभी तक किसी भी आधिकारिक पक्ष की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है।
सुबह सवेरे जेल पहुंची जांच टीम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईडी के अधिकारी सुबह लगभग 9 बजे ही रामपुर जेल पहुंच गए थे। जेल के भीतर प्रवेश करने के बाद से ही लगातार पूछताछ की जा रही है। यह पूछताछ कितने लंबे समय तक चलेगी और इसके बाद जांच एजेंसी का अगला कदम क्या होगा, इस बारे में अभी तक कोई स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आ सकी है। हालांकि, सूत्रों से मिली जानकारी के संकेतों के मुताबिक, ईडी की यह टीम रामपुर में कई दिनों तक डेरा डाल सकती है और आवश्यकता पड़ने पर खुद जौहर यूनिवर्सिटी के परिसर का दौरा भी कर सकती है। इसके अलावा, जरूरत महसूस होने पर तंज़ीन फातिमा से भी पूछताछ किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। कुल मिलाकर यह पूरी कार्रवाई जौहर यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े ट्रस्ट की स्थापना व संचालन में बरती गई कथित अनियमितताओं की तह तक जाने के लिए की जा रही है, जिसके तहत एजेंसी हर एक पहलू की गंभीरता से समीक्षा कर रही है।
जौहर यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट विवाद की पृष्ठभूमि
आजम खान का नाम और उनके द्वारा स्थापित जौहर यूनिवर्सिटी का संचालन लंबे समय से विभिन्न विवादों और राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में रहा है। यह विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में स्थित है और आजम खान इसके मुख्य प्रबंधकों व संस्थापकों में शामिल हैं। इस संस्थान और इसके ट्रस्ट से जुड़े मामलों को लेकर समय-समय पर अदालत से लेकर जांच एजेंसियों के स्तर पर कानूनी कार्रवाई होने की खबरें आती रही हैं। मौजूदा समय में हो रही यह पूछताछ भी उसी लंबी चली आ रही जांच प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा है, जिसे एजेंसी द्वारा जुटाए गए कागजातों और बयानों के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
























