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शेरनी वीरा के बदले 700 किलोमीटर का सफर तय करेगा कानपुर का दरियाई घोड़ा सतीशउत्तर प्रदेश
5 जुल॰ 2026, 12:35 am (45 दिन पहले)· 2

शेरनी वीरा के बदले 700 किलोमीटर का सफर तय करेगा कानपुर का दरियाई घोड़ा सतीश

यूपी के कानपुर प्राणी उद्यान से जल्द ही दरियाई घोड़ा सतीश इंदौर रवाना होगा, जहां 700 किलोमीटर के सफर में करीब 20 हजार लीटर पानी से उसे भिगोकर रखा जाएगा और बदले में कानपुर को एशियाई शेरनी वीरा मिलेगी।

उत्तर प्रदेश के कानपुर प्राणी उद्यान की पहचान बन चुका दरियाई घोड़ा सतीश अब अपना घर बदलने वाला है। कई दशकों से कानपुर चिड़ियाघर आने वाले दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा सतीश अब मध्य प्रदेश के इंदौर चिड़ियाघर भेजा जाएगा। यह ट्रांसफर एनिमल एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत हो रहा है, जिसमें दोनों शहरों के चिड़ियाघर आपस में जानवरों की अदला बदली करते हैं। तारीख तय होते ही सतीश की यात्रा शुरू हो जाएगी।

700 किलोमीटर का सफर, हर कदम पानी में

कानपुर से इंदौर के बीच की दूरी करीब 700 किलोमीटर है और सतीश यह पूरा सफर नहाते हुए तय करेगा। इस दौरान करीब 20 हजार लीटर पानी खर्च होने का अनुमान है। दरअसल दरियाई घोड़ा उभयचर प्रजाति का जीव है, यानी यह पानी और जमीन दोनों जगह रह सकता है, लेकिन अपने कुल समय का करीब 80 फीसदी हिस्सा पानी में ही बिताता है। इसी वजह से लंबी यात्रा के दौरान उसे लगातार भीगी हुई अवस्था में रखना जरूरी होता है।

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इंदौर में सतीश के लिए बन रहा खास पिंजड़ा

इंदौर चिड़ियाघर प्रशासन सतीश के स्वागत के लिए पहले से तैयारी में जुटा है। उसके लिए 8 बाई 5 फीट लंबाई चौड़ाई का खास पिंजड़ा तैयार कराया जा रहा है। इसकी ऊंचाई भी इसी अनुपात में रखी गई है ताकि सतीश आराम से उठ बैठ सके। पिंजड़ा जानबूझकर बहुत बड़ा नहीं रखा गया है, क्योंकि ज्यादा बड़ी जगह में जानवर के गिरने या चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। एनिमल एक्सचेंज की बाकी तैयारियां भी अब आखिरी चरण में पहुंच चुकी हैं।

बारिश के मौसम में होगा सफर, ट्रक में पानी की खास व्यवस्था

चिड़ियाघर प्रशासन ने जानबूझकर बारिश के मौसम को इस सफर के लिए चुना है, ताकि रास्ते में सतीश की त्वचा को नमी मिलती रहे। इसके अलावा ट्रक में भी खास इंतजाम किए गए हैं। वाहन पर 100-100 लीटर क्षमता वाले पानी के टैंक लगाए जाएंगे और स्प्रे के जरिए सतीश के शरीर पर लगातार पानी की बौछार होती रहेगी। इसके अलावा बीच बीच में कर्मचारी बाल्टी से भी उसके ऊपर पानी डालेंगे, ताकि लंबी यात्रा में उसकी त्वचा सूखने न पाए।

गति सीमा तय, हर 100 किलोमीटर पर रुकेगा ट्रक

सेंट्रल जू अथॉरिटी ने इस पूरे एनिमल एक्सचेंज के लिए वाहनों की अधिकतम रफ्तार भी तय कर दी है। न तो सतीश को ले जाने वाला ट्रक और न ही शेरनी को लाने वाला वाहन 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ज्यादा तेज चलेगा। सफर लंबा होने के कारण हर 100 किलोमीटर पर वाहन को रोककर सतीश की देखभाल की जाएगी। इंदौर चिड़ियाघर प्रशासन ने भी अपनी तरफ से इसकी पूरी तैयारी कर रखी है।

बदले में कानपुर आएगी शेरनी वीरा, शंकर से बनेगी जोड़ी

सतीश के बदले इंदौर चिड़ियाघर कानपुर को एशियाई प्रजाति की शेरनी वीरा देगा। वीरा फिलहाल तीन साल की है और उसका जन्म इंदौर चिड़ियाघर में ही हुआ था। कानपुर पहुंचने के बाद वीरा की जोड़ी बब्बर शेर शंकर के साथ बनाई जाएगी। दरअसल कानपुर प्राणी उद्यान में शंकर फिलहाल इकलौता नर बब्बर शेर है, जबकि उसकी बहन नंदनी और मां उमा शेरनी हैं। कुछ समय पहले इस परिवार के मुखिया रहे बब्बर शेर अजय की मौत हो चुकी है, जिसके बाद से शेरों के कुनबे में आठ साल से कोई नया सदस्य नहीं जन्मा है। नई शेरनी आने से चिड़ियाघर प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले समय में शेरों का परिवार फिर से बढ़ेगा।

बिना पानी फटने लगती है हिप्पो की त्वचा

रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर फिरोज खान के मुताबिक दरियाई घोड़ा अपना ज्यादातर समय पानी में ही बिताता है और अगर उसे लंबे समय तक पानी से दूर रखा जाए तो उसकी त्वचा फटने लगती है। यही वजह है कि इंदौर तक के पूरे सफर में सतीश पर लगातार पानी की बौछार की जाएगी और इसके लिए पूरी व्यवस्था कर ली गई है। फिलहाल कानपुर चिड़ियाघर में कुल पांच दरियाई घोड़े हैं, लेकिन सतीश के इंदौर रवाना होने के बाद यह संख्या घटकर चार रह जाएगी।

सवाल-जवाब

सतीश कहां से कहां भेजा जा रहा है?
सतीश को उत्तर प्रदेश के कानपुर प्राणी उद्यान से मध्य प्रदेश के इंदौर चिड़ियाघर भेजा जा रहा है।
सफर में कुल कितनी दूरी और कितना पानी खर्च होगा?
कानपुर से इंदौर तक करीब 700 किलोमीटर के सफर में सतीश को नहलाते हुए ले जाने में करीब 20 हजार लीटर पानी खर्च होने का अनुमान है।
सतीश के बदले कानपुर को क्या मिलेगा?
बदले में इंदौर चिड़ियाघर कानपुर को तीन साल की एशियाई शेरनी वीरा देगा, जिसका जन्म इंदौर चिड़ियाघर में ही हुआ था।
वीरा किसके साथ जोड़ी बनाएगी?
कानपुर पहुंचने पर वीरा की जोड़ी बब्बर शेर शंकर के साथ बनाई जाएगी, जो फिलहाल कानपुर जू का इकलौता नर शेर है।
वाहन की अधिकतम स्पीड कितनी तय की गई है?
सेंट्रल जू अथॉरिटी ने सफर के दौरान वाहन की अधिकतम रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा तय की है।
सफर के लिए बारिश का मौसम ही क्यों चुना गया?
बारिश के मौसम में नमी बनी रहती है, जिससे सतीश की त्वचा सूखने से बची रहती है, क्योंकि लंबे समय तक पानी के बिना हिप्पो की त्वचा फटने लगती है।
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