24 अक्टूबर 2026 से वक्री होंगे बुध, छह राशियों के करियर, व्यापार और बजट पर पड़ेगा सीधा असरकर्क राशिफल 9 अक्टूबर 2026: सुबह निपटाएं जरूरी काम, दोपहर में मिलेगी मदद और शाम को बढ़ेगा आत्मविश्वासबेनक्यू W2720i प्रोजेक्टर का गहन परीक्षण: 4K पिक्सल शिफ्ट और वाइब्रेंट रंगों के साथ क्या यह घरेलू सिनेमा के लिए सही चुनाव है?उत्तर रेलवे ने बदला 9 महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों का समय, जम्मू और पंजाब रूट के मुसाफिरों पर सीधा असरओपनएआई के जीपीटी-6 एस्ट्रा ने संभाला टोयोटा कोरोला का स्टीयरिंग, ड्राइव-थ्रू से खाना लाने में मिली सफलतालाइव स्पोर्ट्स पर सोशल नेटवर्क X का नया दांव, गेमटाइम हब से अब जुड़ा मेजर लीग बेसबॉलरांची टी20 में क्या प्लेइंग इलेवन बदलेगी टीम इंडिया, संजू सैमसन और मयंक यादव पर निगाहेंपुरानी पल्सर के इंजन से जबलपुर के छात्रों ने बनाई फॉर्मूला स्टाइल रेसिंग कारपौधों की जड़ों से साफ होगी जहरीली हवा, यूब्रीद स्टार्टअप ने बनाई अनोखी तकनीकशिशुओं में भूख की कमी और खराब पाचन से राहत पाने के आसान घरेलू तरीके
सपा प्रमुख का बड़ा राजनीतिक दांव, अयोध्या सीट से चुनावी मुकाबले के लिए मुख्यमंत्री को ललकाराउत्तर प्रदेश
8 अक्तू॰ 2026, 8:49 pm (53 मिनट पहले)· 0

सपा प्रमुख का बड़ा राजनीतिक दांव, अयोध्या सीट से चुनावी मुकाबले के लिए मुख्यमंत्री को ललकारा

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अयोध्या में भागवत कथा के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधे चुनावी मैदान में उतरने की चुनौती दी है। वहीं मंत्री ओपी राजभर ने उनके राम मंदिर न जाने पर तीखा हमला बोला।

उत्तर प्रदेश की सियासत में अयोध्या का दौरा करते ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सत्तारूढ़ दल के शीर्ष नेतृत्व पर सीधा हमला बोल दिया है। बुधवार को एक धार्मिक अनुष्ठान के सिलसिले में अयोध्या पहुंचे सपा प्रमुख ने सार्वजनिक मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आगामी चुनावी दंगल में सीधे उतरने की खुली चुनौती पेश की। उन्होंने राजनीतिक माहौल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के पास इस प्रतिष्ठित सीट पर उतारने के लिए कोई मजबूत दावेदार नहीं दिख रहा है, इसलिए मुख्यमंत्री को खुद इस चुनावी समर में उतरकर जनता के बीच अपनी ताकत दिखानी चाहिए।

चुनावी अखाड़े में उतरने का सीधा चैलेंज

धार्मिक आयोजन में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि शासन के स्तर पर बड़े दावे करने वाले मुख्यमंत्री अगर जनसमर्थन को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं, तो उन्हें अयोध्या विधानसभा सीट से खुद किस्मत आजमानी चाहिए। उनके मुताबिक भारतीय जनता पार्टी में स्थानीय स्तर पर चेहरे का अभाव दिख रहा है और मुख्यमंत्री के लिए यह मैदान पूरी तरह खाली पड़ा है। उन्होंने सत्ता पक्ष की नीतियों की आलोचना करते हुए संकेत दिया कि असली राजनीतिक परीक्षा चुनावी मैदान में सीधे जनता के सामने जाने से ही होती है।

सत्ता में वापसी पर 40 हजार रुपये की सालाना मदद का वादा

अखिलेश यादव ने इस दौरान भविष्य में बनने वाली अपनी सरकार के लोककल्याणकारी वादों का भी खुलकर जिक्र किया। उन्होंने घोषणा की कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महिलाओं, माताओं और बहनों को प्रति वर्ष 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय लोगों को भरोसा दिलाया कि सत्ता परिवर्तन के बाद किसी भी नागरिक के साथ कोई भेदभाव नहीं बरता जाएगा। उन्होंने शहरी विकास और निर्माण कार्यों के संदर्भ में कहा कि किसी गरीब या व्यापारी के मकान और दुकान को उजाड़ने की नीति नहीं अपनाई जाएगी, बल्कि अयोध्या को वैश्विक स्तर पर एक आधुनिक पहचान दिलाने के लिए विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा।

सत्ता संचालन, न्याय और सामाजिक सौहार्द पर विचार

भागवत कथा के आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए सपा प्रमुख ने सामाजिक समरसता पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि सदियों से चली आ रही यह परंपरा एक ऐसे समाज के निर्माण की सीख देती है जहां जाति, ऊंच-नीच, छुआछूत या अहंकार का कोई स्थान न हो। कंस के उदाहरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि जिस शासन में प्रेम, दया और आत्मीयता का अभाव होता है, उसका अंत बुरा होता है। पौराणिक संदर्भ देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सुदर्शन चक्र का उद्देश्य सज्जन व्यक्तियों का संरक्षण करना है, न कि उन्हें भयभीत करना, क्योंकि वास्तविक शासन केवल प्रेम और विश्वास से हासिल होता है, छल और कपट से नहीं। उन्होंने प्रभु श्री राम और प्रभु श्री कृष्ण के आध्यात्मिक ताने-बाने को एक समान बताते हुए कहा कि दोनों में कोई अंतर नहीं है और समाज की असली सुंदरता यही है कि सभी हरि भक्त मिलकर जय राधे श्याम का जयघोष करें।

राम मंदिर दर्शन से दूरी बनाने पर मंत्री का पलटवार

अखिलेश यादव के इस दौरे पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने फौरन तीखा पलटवार किया। राजभर ने सपा प्रमुख द्वारा अयोध्या आकर भी राम मंदिर में दर्शन न करने के फैसले को आड़े हाथों लिया। कैबिनेट मंत्री ने आरोप लगाया कि सपा मुखिया बहुसंख्यक समाज के मत तो हासिल करना चाहते हैं, परंतु उनके आराध्य का नाम लेने या मंदिर परिसर में जाकर शीश झुकाने से बचते हैं। राजभर के मुताबिक यह कदम केवल इस आशंका से उठाया गया है ताकि उनका पारंपरिक अल्पसंख्यक वोट बैंक उनसे न छिटके। उन्होंने पहले भी अखिलेश यादव के 403 विधानसभा सीटों के दावे पर तंज कसते हुए टिप्पणी की थी कि विपक्षी दल के सारे दावे हवा-हवाई साबित होकर पूरी तरह फुस्स हो चुके हैं।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को क्या चुनौती दी?
अखिलेश यादव ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री अपनी लोकप्रियता को लेकर आश्वस्त हैं, तो उन्हें खुद अयोध्या विधानसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहिए।
अखिलेश यादव ने महिलाओं के लिए क्या घोषणा की?
उन्होंने वादा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर माताओं और बहनों को हर साल 40 हजार रुपये दिए जाएंगे।
अयोध्या के विकास और दुकानों-मकानों को लेकर क्या आश्वासन दिया गया?
सपा प्रमुख ने कहा कि उनकी सरकार में किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा, किसी की दुकान या मकान को नहीं उजाड़ा जाएगा और अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई जाएगी।
मंत्री ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाया?
ओपी राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव मुस्लिम वोट खिसकने के डर से अयोध्या आकर भी राम मंदिर दर्शन करने नहीं गए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·5 मिनट पहले

अयोध्या से चुनाव लड़ने की खुली चुनौती देना दिलचस्प है, वैसे राजनीति में ऐसी बयानबाज़ी का अपना अलग मज़ा है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·5 मिनट पहले

रवि जी, बात तो सही है आपकी, पर चुनौती स्वीकार होती है या नहीं, यह देखना दिलचस्प होगा।

Rohan Verma@rohan-verma·24 मिनट पहले

अखिलेश यादव ने सीधे सीएम योगी को अयोध्या से लड़ने की चुनौती तो दे दी है, पर क्या वाकई बीजेपी इस सीट पर कोई ऐसा दांव खेलेगी या इसे सिर्फ जुबानी जंग मानकर छोड़ देगी?

Karan Malhotra@karan-malhotra·24 मिनट पहले

रोहन भाई, बीजेपी उस चुनौती को स्वीकार करे न करे, पर 40 हजार सालाना वाली बात ज्यादा दिलचस्प है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp