उत्तर प्रदेश की सियासत में अयोध्या का दौरा करते ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सत्तारूढ़ दल के शीर्ष नेतृत्व पर सीधा हमला बोल दिया है। बुधवार को एक धार्मिक अनुष्ठान के सिलसिले में अयोध्या पहुंचे सपा प्रमुख ने सार्वजनिक मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आगामी चुनावी दंगल में सीधे उतरने की खुली चुनौती पेश की। उन्होंने राजनीतिक माहौल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के पास इस प्रतिष्ठित सीट पर उतारने के लिए कोई मजबूत दावेदार नहीं दिख रहा है, इसलिए मुख्यमंत्री को खुद इस चुनावी समर में उतरकर जनता के बीच अपनी ताकत दिखानी चाहिए।
चुनावी अखाड़े में उतरने का सीधा चैलेंज
धार्मिक आयोजन में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि शासन के स्तर पर बड़े दावे करने वाले मुख्यमंत्री अगर जनसमर्थन को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं, तो उन्हें अयोध्या विधानसभा सीट से खुद किस्मत आजमानी चाहिए। उनके मुताबिक भारतीय जनता पार्टी में स्थानीय स्तर पर चेहरे का अभाव दिख रहा है और मुख्यमंत्री के लिए यह मैदान पूरी तरह खाली पड़ा है। उन्होंने सत्ता पक्ष की नीतियों की आलोचना करते हुए संकेत दिया कि असली राजनीतिक परीक्षा चुनावी मैदान में सीधे जनता के सामने जाने से ही होती है।
सत्ता में वापसी पर 40 हजार रुपये की सालाना मदद का वादा
अखिलेश यादव ने इस दौरान भविष्य में बनने वाली अपनी सरकार के लोककल्याणकारी वादों का भी खुलकर जिक्र किया। उन्होंने घोषणा की कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महिलाओं, माताओं और बहनों को प्रति वर्ष 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय लोगों को भरोसा दिलाया कि सत्ता परिवर्तन के बाद किसी भी नागरिक के साथ कोई भेदभाव नहीं बरता जाएगा। उन्होंने शहरी विकास और निर्माण कार्यों के संदर्भ में कहा कि किसी गरीब या व्यापारी के मकान और दुकान को उजाड़ने की नीति नहीं अपनाई जाएगी, बल्कि अयोध्या को वैश्विक स्तर पर एक आधुनिक पहचान दिलाने के लिए विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा।
सत्ता संचालन, न्याय और सामाजिक सौहार्द पर विचार
भागवत कथा के आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए सपा प्रमुख ने सामाजिक समरसता पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि सदियों से चली आ रही यह परंपरा एक ऐसे समाज के निर्माण की सीख देती है जहां जाति, ऊंच-नीच, छुआछूत या अहंकार का कोई स्थान न हो। कंस के उदाहरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि जिस शासन में प्रेम, दया और आत्मीयता का अभाव होता है, उसका अंत बुरा होता है। पौराणिक संदर्भ देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सुदर्शन चक्र का उद्देश्य सज्जन व्यक्तियों का संरक्षण करना है, न कि उन्हें भयभीत करना, क्योंकि वास्तविक शासन केवल प्रेम और विश्वास से हासिल होता है, छल और कपट से नहीं। उन्होंने प्रभु श्री राम और प्रभु श्री कृष्ण के आध्यात्मिक ताने-बाने को एक समान बताते हुए कहा कि दोनों में कोई अंतर नहीं है और समाज की असली सुंदरता यही है कि सभी हरि भक्त मिलकर जय राधे श्याम का जयघोष करें।
राम मंदिर दर्शन से दूरी बनाने पर मंत्री का पलटवार
अखिलेश यादव के इस दौरे पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने फौरन तीखा पलटवार किया। राजभर ने सपा प्रमुख द्वारा अयोध्या आकर भी राम मंदिर में दर्शन न करने के फैसले को आड़े हाथों लिया। कैबिनेट मंत्री ने आरोप लगाया कि सपा मुखिया बहुसंख्यक समाज के मत तो हासिल करना चाहते हैं, परंतु उनके आराध्य का नाम लेने या मंदिर परिसर में जाकर शीश झुकाने से बचते हैं। राजभर के मुताबिक यह कदम केवल इस आशंका से उठाया गया है ताकि उनका पारंपरिक अल्पसंख्यक वोट बैंक उनसे न छिटके। उन्होंने पहले भी अखिलेश यादव के 403 विधानसभा सीटों के दावे पर तंज कसते हुए टिप्पणी की थी कि विपक्षी दल के सारे दावे हवा-हवाई साबित होकर पूरी तरह फुस्स हो चुके हैं।






















