उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस प्रशासन को सतर्क करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। मुरादाबाद पुलिस ने जाली कागजात तैयार कर गैरकानूनी ढंग से पासपोर्ट बनवाने और लोगों को विदेश भेजने की साजिश रचने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। कटघर थाने की पुलिस टीम और सीओ कटघर की अगुवाई में चलाए गए संयुक्त तलाशी अभियान के तहत रामगंगा पुल के समीप घेराबंदी कर इस नेटवर्क से जुड़े दो प्रमुख सदस्यों को हिरासत में लिया गया। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से 25 आधार कार्ड के अलावा भारी मात्रा में जाली दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
टेलीग्राम के जरिए अपराधियों को जाल में फंसाता था नेटवर्क
इस सिंडिकेट के काम करने के तरीके की पड़ताल से पता चला है कि गिरोह खास तौर पर उन लोगों को अपना निशाना बनाता था, जिनका पुराना आपराधिक इतिहास दर्ज होने की वजह से सामान्य वैधानिक प्रक्रिया से पासपोर्ट नहीं बन सकता था। गिरोह के सदस्य नए ग्राहकों की तलाश और उनसे बातचीत के लिए एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम के ग्रुपों का सहारा लेते थे। सौदेबाजी तय होने के बाद ग्राहकों के लिए पूरी तरह फर्जी नाम और पतों पर आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा अन्य जरूरी नागरिक पहचान पत्र तैयार किए जाते थे, ताकि पुलिस सत्यापन को आसानी से चकमा दिया जा सके।
जेल में बंद अपराधी से जुड़े थे गिरोह के तार
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान महफूज और आकाश के रूप में हुई है। महफूज मूल रूप से अगवानपुर का निवासी है और हाल में मझोला क्षेत्र के पीर का बाजार में रह रहा था। जांच पड़ताल के दौरान यह तथ्य सामने आया कि महफूज का सीधा संपर्क जेल में बंद मुकेश शर्मा नाम के एक आरोपी से था, जो सलाखों के पीछे से इस नेटवर्क को दिशा-निर्देश दे रहा था। वहीं दूसरा पकड़ा गया आरोपी आकाश हरियाणा के फरीदाबाद का रहने वाला है। आकाश का वास्तविक नाम छुपाकर 'रवि' नाम से फर्जी दस्तावेजों के सहारे नया पासपोर्ट बनवाने की तैयारी चल रही थी। इस पूरे गोरखधंधे के लिए ताजपुर माफी सहित आसपास के कई इलाकों के फर्जी पतों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
नेताओं के फर्जी लेटर पैड सहित भारी तादाद में कागजात बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने आरोपियों के ठिकाने से बड़े पैमाने पर जालसाजी का सामान जब्त किया है। बरामद सामग्री में 25 आधार कार्ड, 6 बैंक पासबुक, 5 चेकबुक, 4 पैन कार्ड, 5 जन्म प्रमाण पत्र और 2 वाहनों की आरसी शामिल हैं। इसके अलावा अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे लैपटॉप और मोबाइल फोन भी कब्जे में लिए गए हैं। गंभीर बात यह है कि गिरोह के पास से वार्ड नंबर 25, वार्ड नंबर 31 तथा अगवानपुर के जनप्रतिनिधियों के नाम वाले कथित फर्जी लेटर पैड भी बरामद हुए हैं, जिनका इस्तेमाल फर्जी पते सत्यापित कराने के लिए किया जाता था।
पुराने फर्जी पासपोर्टों को निरस्त कराने की कवायद
एसपी सिटी मुरादाबाद कुमार रणविजय सिंह ने जानकारी दी कि पूरे नेटवर्क के वित्तीय और तकनीकी तारों को बारीकी से खंगाला जा रहा है। गिरोह द्वारा अतीत में तैयार कराए गए संदिग्ध पासपोर्टों का ब्योरा जुटाने के लिए पासपोर्ट विभाग से सीधा समन्वय स्थापित किया गया है, ताकि ऐसे तमाम जाली पासपोर्टों को तुरंत रद्द कराया जा सके। पुलिस की टीमें इस अंतरराज्यीय सिंडिकेट से जुड़े अन्य फरार सहयोगियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। अधिकारियों को आशंका है कि गहन पूछताछ के बाद इस सिंडिकेट से जुड़े कई अन्य प्रभावशाली नाम और बड़े मददगार भी बेनकाब हो सकते हैं।
























