पाकिस्तान में मौत की सजा से बाल-बाल बचे भारतीय जासूस मोहनलाल भास्कर की रोंगटे खड़े कर देने वाली दास्तानराशिफल 9 अगस्त: मिथुन राशि में लक्ष्मी योग का निर्माण, जानिए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का हालएक ही टेस्ट खेलकर समाप्त हो गया रॉबिन सिंह का रेड बॉल करियर, जानिए वनडे में कैसा रहा रिकॉर्डएस्ट्रोबेस ने पेश किया एवरेस्ट रॉकेट इंजन, दिसंबर 2028 में पहली ऑर्बिटल उड़ान का लक्ष्यकन्या राशिफल 9 अगस्त: मंगल की तेजी और सूर्य-गुरु का साथ, करियर और आर्थिक मोर्चे पर होगी प्रगतिअगस्त क्रांति 1942: ऑपरेशन जीरो आवर भी नहीं दबा पाया आजादी का वो सबसे बड़ा जनविद्रोहफिल्म सौदागर से रातों-रात स्टार बने विवेक मुशरान का सफर, बड़े पर्दे से टीवी तक कैसी रही लाइफमकर राशिफल 9 अगस्त 2026: मकर राशि वालों को मेहनत दिलाएगी सफलता, करियर में बनेंगे नए मौकेतुला राशिफल 9 अगस्त: व्यावहारिक सोच और ठोस फैसलों का दिन, रिश्तों से लेकर करियर तक मिलेंगी सफलताएंबाथरूम की बाल्टी और मग को चमकाने के आसान घरेलू नुस्खे, महंगे क्लीनर की नहीं है जरूरत
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में 66 लाख के नाला निर्माण में गिट्टी संग मिट्टी का खेल, महापौर कामिनी राठौर की खामोशी से उपजा आक्रोशउत्तर प्रदेश
8 अग॰ 2026, 10:19 am (21 घंटे पहले)· 0

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में 66 लाख के नाला निर्माण में गिट्टी संग मिट्टी का खेल, महापौर कामिनी राठौर की खामोशी से उपजा आक्रोश

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद शहर के वार्ड 35 में 66.89 लाख रुपये की लागत से बन रहे आरसीसी नाले के निर्माण में मिट्टी मिली गिट्टी के इस्तेमाल की बात सामने आई है। इस मामले पर नगर निगम प्रशासन और महापौर कामिनी राठौर ने पूरी तरह चुप्पी साध रखी है।

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद शहर को स्मार्ट सिटी बनाने का दावा करने वाले नगर निगम की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के विभिन्न वार्डों में गलियों और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए हर साल करोड़ों रुपये आवंटित किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बरसात में विकास कार्यों की हकीकत सामने आ जाती है। ताजा मामला वार्ड संख्या 35 का है, जहां लालऊ रोड पर लाखों रुपये के बजट से बनाए जा रहे एक महत्वपूर्ण आरसीसी नाले के निर्माण कार्य में अत्यधिक घटिया सामग्री का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है। निर्माण स्थल पर गिट्टी के साथ बड़े पैमाने पर मिट्टी मिलाकर मसाला तैयार किया जा रहा है, जिससे नाले की मजबूती और टिकाऊपन पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।

लालऊ रोड पर 66.89 लाख रुपये की परियोजना में धांधली

वार्ड संख्या 35 के तहत लालऊ पानी की टंकी से लेकर मां संतोषी ट्रेडर्स तक जल निकासी को सुचारु बनाने के उद्देश्य से आरसीसी नाले का निर्माण कराया जा रहा है। फिरोजाबाद नगर निगम द्वारा स्वीकृत इस बड़ी परियोजना के लिए कुल 66 लाख 89 हजार 445 रुपये का भारी-भरकम बजट तय किया गया है। इतने बड़े बजट के बावजूद मौके पर निर्माण कार्य के दौरान भारी लापरवाही और मानकों की अनदेखी देखी गई। नाले के पास एकत्र की गई गिट्टी के ढेर में नीचे मिट्टी दबी हुई पाई गई, जिसे सीधे उठाकर मजदूर कंक्रीट का मसाला बनाने में इस्तेमाल कर रहे थे। इस तरह मिट्टी युक्त मिश्रण से तैयार आरसीसी संरचना समय से पहले ही क्षतिग्रस्त हो सकती है।

ये भी पढ़ें

ठेकेदार बंटी का बयान और काम पर उठते सवाल

निर्माण स्थल पर मौजूद ठेकेदार बंटी से जब गिट्टी में मिट्टी की मिलावट को लेकर सीधा सवाल किया गया, तो उन्होंने किसी भी जानबूझकर की गई मिलावट से इनकार कर दिया। ठेकेदार का कहना था कि गिट्टी में मिट्टी की कोई बड़ी मिलावट नहीं है और केवल थोड़ी-बहुत धूल या मिट्टी हो सकती है। हालांकि, मौके पर उठ रहे सवालों और विरोध के बाद ठेकेदार द्वारा उस विवादित गिट्टी का उपयोग अस्थायी रूप से रोक दिया गया। इसके बावजूद यह घटना यह स्पष्ट करती है कि सरकारी धन का इस्तेमाल कर कराए जा रहे विकास कार्यों में किस तरह गुणवत्ता के साथ समझौता किया जा रहा है, जिससे भविष्य में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंच सकता है।

शहर के अन्य इलाकों में भी ध्वस्त हो चुकी हैं नालियां

फिरोजाबाद में घटिया निर्माण सामग्री के कारण जनसुविधाओं के ध्वस्त होने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व कोटला रोड पर स्थित श्रीराम कॉलोनी में बनाई गई नाली हल्की सी बारिश का पानी झेल नहीं सकी और टूटकर जमींदोज हो गई थी। शहर के कई अन्य मोहल्लों से भी ऐसी शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं, जहां नई बनी नालियां और नाले कुछ ही हफ्तों में धराशायी हो जाते हैं। इसके चलते स्थानीय नागरिकों को न केवल जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ता है, बल्कि नगर निगम के राजकोष को भी करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचता है।

महापौर कामिनी राठौर की चुप्पी से गहराया जनआक्रोश

लाखों रुपये की लागत से हो रहे निर्माण कार्यों में खुलेआम हो रही इस गड़बड़ी को लेकर जब नगर निगम की सर्वोच्च प्रशासनिक प्रतिनिधि महापौर कामिनी राठौर से संपर्क किया गया, तो उन्होंने इस विषय पर कुछ भी टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया। महापौर की यह खामोशी अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत की आशंकाओं को बल दे रही है। शहरवासी अब मांग कर रहे हैं कि 66.89 लाख रुपये की इस लालऊ रोड परियोजना सहित हाल ही में हुए सभी निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदारों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

सवाल-जवाब

फिरोजाबाद के वार्ड 35 में किस परियोजना पर विवाद छिड़ा है?
वार्ड 35 में लालऊ रोड पर लालऊ पानी की टंकी से मां संतोषी ट्रेडर्स तक बन रहे आरसीसी नाले के निर्माण पर विवाद छिड़ा है।
लालऊ रोड नाला निर्माण परियोजना का कुल बजट कितना है?
फिरोजाबाद नगर निगम द्वारा इस आरसीसी नाला निर्माण परियोजना के लिए 66 लाख 89 हजार 445 रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
निर्माण कार्य में किस तरह की घटिया सामग्री का इस्तेमाल पाया गया?
मौके पर गिट्टी के नीचे मिट्टी पाई गई, जिसे मिलाकर मजदूर नाले के निर्माण के लिए कंक्रीट का मसाला बना रहे थे।
ठेकेदार बंटी ने गिट्टी में मिट्टी पाए जाने पर क्या सफाई दी?
ठेकेदार बंटी ने जानबूझकर मिलावट की बात से इनकार किया और कहा कि केवल थोड़ी-बहुत मिट्टी हो सकती है, हालांकि इसके बाद उस गिट्टी का उपयोग रोक दिया गया।
महापौर कामिनी राठौर ने इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाया?
महापौर कामिनी राठौर ने निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल के आरोपों पर कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया।
फिरोजाबाद में इससे पहले किस इलाके में नाली टूटने की घटना हुई थी?
कोटला रोड पर स्थित श्रीराम कॉलोनी में नई बनाई गई नाली थोड़ी सी बारिश में ही टूटकर गिर गई थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR