उत्तर प्रदेश में महानवमी के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। राज्य सरकार ने आगामी 19 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है, जिससे प्रदेशभर के नागरिकों को इस महत्वपूर्ण त्योहार को मनाने की सुविधा मिलेगी। त्योहारों के मौसम में इस तरह की छुट्टियां जनता के लिए काफी राहत भरी होती हैं और प्रशासन द्वारा इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
त्योहारों पर पहले भी लिए गए हैं बड़े फैसले
योगी सरकार द्वारा पर्वों और त्योहारों के अवसर पर अवकाश घोषित करने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी प्रदेश सरकार ने कई प्रमुख आयोजनों और धार्मिक पर्वों पर छुट्टियों का एलान किया है। इस वर्ष रामनवमी के पावन अवसर पर लगातार दो दिनों के अवकाश की घोषणा की गई थी। इसके साथ ही, मकर संक्रांति के पर्व पर भी 15 जनवरी को उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश रखा गया था, ताकि लोग अपने परिवारों के साथ पारंपरिक त्योहारों का आनंद उठा सकें।
देवी उपासना और सोशल मीडिया पर संदेश
नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की विधि-विधान से उपासना की जाती है। इस पवित्र अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए प्रदेशवासियों को बधाई दी और अपने विचार साझा किए। उन्होंने अपने संदेश में उल्लेख किया कि मां कात्यायनी सभी बाधाओं और नकारात्मक ताकतों का नाश करने वाली शक्ति हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह नारीशक्ति के अदम्य साहस और अटूट संकल्प की प्रतीक हैं।
राज्य में सुरक्षा और व्यवस्था का बदलता स्वरूप
अपने संबोधन में सरकार के पिछले कुछ वर्षों के कार्यकाल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य की कानून व्यवस्था और विकास कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भय और अराजकता का माहौल था, जिससे बेटियों के सपनों पर पहरे लगे हुए थे। हालांकि, पिछले साढ़े नौ वर्षों के दौरान राज्य में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। अब भय का स्थान सुरक्षा ने ले लिया है और उपेक्षा की जगह प्रोत्साहन को मिल रही है।
खेलकूद और खिलाड़ियों के लिए नई सुविधाएं
प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों के विकास को लेकर सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। गांवों के खेल मैदानों से लेकर ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम, जिला स्तर पर स्टेडियम और मंडल स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज बनाए गए हैं। इसके अलावा मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य भी चल रहा है, जिससे बेटियों को अपनी प्रतिभा तराशने के लिए बेहतरीन अवसर मिल रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बेटियों की चमक
राज्य के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शानदार प्रदर्शन करके देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार दिए जा रहे हैं। 'पदक लाओ, पद पाओ' नीति के तहत सीधी भर्ती जैसी सुविधाएं खिलाड़ियों को दी जा रही हैं। पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी, प्राची चौधरी, अन्नू रानी, अस्मिता डे, दीप्ति शर्मा, मेघना सिंह, वंदना कटारिया और दिव्या काकरान जैसी खिलाड़ियों ने अपनी खेल प्रतिभा से पूरी दुनिया में उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।




















