सरकारी नौकरी की चाहत लिए युवा जब निर्धारित प्रक्रिया से गुजरते हैं, तो कई बार उम्मीदें आक्रोश में बदल जाती हैं। ऐसा ही नजारा गुरुवार रात उत्तर प्रदेश के कानपुर में स्थित रिजर्व पुलिस लाइन के मैदान में देखने को मिला। होमगार्ड के पदों के लिए चल रही चयन प्रक्रिया के दौरान मेडिकल टेस्ट में कथित तौर पर धांधली और अवैध वसूली किए जाने की बात सामने आने पर माहौल पूरी तरह गरमा गया। शारीरिक जांच के नाम पर रिश्वत मांगे जाने से नाराज अभ्यर्थियों ने जमकर प्रदर्शन किया और व्यवस्था के खिलाफ अपनी भड़ास निकाली। इस अप्रिय स्थिति के बीच पुलिस अधिकारियों को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा, ताकि मामले को और अधिक बिगड़ने से रोका जा सके।
मेडिकल परीक्षा में अनफिट किए जाने पर भड़के युवा
गुरुवार को रिजर्व पुलिस लाइन परिसर में होमगार्ड भर्ती के सिलसिले में मेडिकल परीक्षण की प्रक्रिया आयोजित की जा रही थी। इस चरण में अपनी किस्मत आजमाने के लिए लगभग 200 अभ्यर्थी वहां पहुंचे थे। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कई उम्मीदवारों को उनकी शारीरिक कमियों का हवाला देकर अनफिट घोषित किया जाने लगा। परीक्षा दे रहे युवाओं का कहना था कि उन्हें बिना किसी ठोस वजह के बाहर किया जा रहा था। किसी को नाक की हड्डी में टेढ़ापन होने तो किसी को आंखों की कमजोरी जैसी सामान्य बातें बताकर अयोग्य ठहराया जा रहा था। अभ्यर्थियों का यह भी आरोप था कि जिन लोगों ने मांगे गए पैसे देने से इनकार कर दिया, उन्हें सुनियोजित तरीके से मेडिकल में फेल कर दिया गया। विरोध प्रदर्शन करने वालों के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया के दौरान लगभग 70 अभ्यर्थियों को अनफिट कर दिया गया, हालांकि इन दावों की सत्यता और वास्तविक मेडिकल परिणामों की पुष्टि प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पर्ची पर नंबर लिखकर वसूली का सनसनीखेज आरोप
विरोध प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने कथित तौर पर चल रहे अवैध वसूली के खेल का भी पर्दाफाश करने की कोशिश की। उनका दावा है कि मेडिकल परीक्षण के दौरान कुछ लोगों को कागज की पर्ची पर मोबाइल नंबर लिखकर थमाया जा रहा था और उस नंबर पर संपर्क करने की हिदायत दी जाती थी। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि पुलिस लाइन के मैदान के एक कोने में डॉक्टर प्रवीण की एक कार खड़ी थी, जिसमें उनका एक परिचित शख्स बैठा रहता था। यह व्यक्ति कथित रूप से पैसों के लेनदेन के इस पूरे नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। हालांकि, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वास्तव में कितने लोगों से धन की मांग की गई या कितने उम्मीदवारों ने पैसे चुकाए। पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ करके इन तमाम पहलुओं की गहराई से टटोलने में जुटी है।
रात के वक्त हुआ उग्र प्रदर्शन और मारपीट की घटना
मेडिकल प्रक्रिया को लेकर पनप रहा रोष आखिरकार गुरुवार रात करीब आठ बजे उग्र रूप ले बैठा। आक्रोशित अभ्यर्थियों का गुस्सा तब सातवें आसमान पर पहुंच गया, जब उन्होंने डॉक्टर की कार के पास बैठे एक संदिग्ध युवक को मौके से पकड़ लिया। भीड़ ने उसे वाहन से बाहर खींच लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इस घटना के बाद पूरा पुलिस लाइन परिसर नारेबाजी और हंगामे की गूंज से भर गया। युवा इस बात की मांग कर रहे थे कि पूरी भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए और इसमें लिप्त सभी लोगों के खिलाफ निष्पक्ष जांच बैठाई जानी चाहिए।
अधिकारियों के पहुंचने पर शांत हुआ मामला
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसीपी कोतवाली अमित कुमार पांडेय और एसीपी कर्नलगंज अंजना दहिया समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी फौरन रिजर्व पुलिस लाइन पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं को शांत कराया और उनकी शिकायतें सुनीं। अभ्यर्थियों का यह भी दावा है कि करीब 25 लोगों ने अपनी फिटनेस सुनिश्चित करवाने के एवज में पैसे दिए थे, जबकि कई अन्य ने पैसे मांगने की बात खुलकर कही। अधिकारियों ने सभी पक्षों की बात सुनकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
डॉक्टर समेत दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डॉक्टर प्रवीण और एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में ले लिया है। दोनों से पूछताछ का दौर जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि मेडिकल परीक्षण में किस तरह की अनियमितताएं बरती गईं और क्या वास्तव में कोई अवैध लेनदेन हुआ था। प्रशासन का कहना है कि लगाए गए सभी आरोपों की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है और जांच के नतीजे सामने आने के बाद ही किसी के दोषी होने या न होने की आधिकारिक पुष्टि की जा सकेगी।






















