उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित कसारी-मसारी क्षेत्र में माफिया अतीक अहमद और उसके सहयोगियों के अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों के लिए 602 मकान तैयार किए जाएंगे। इन आवासों के निर्माण हेतु आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे इलाके की पहचान बदलने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि जिस क्षेत्र को पहले कसारी-मसारी के रूप में जाना जाता था, उसे अब श्रीकृष्णपुरी नाम दिया जाएगा और इसे एक आधुनिक आवासीय बस्ती के तौर पर विकसित किया जाएगा।
15 बीघा जमीन पर माफिया का अस्तबल ध्वस्त कर बनेगा आवासीय परिसर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह कदम इलाके में सुनियोजित विकास स्थापित करने की प्रक्रिया का हिस्सा है। जिस 15 बीघा भूखंड पर कभी माफिया अतीक अहमद और उसके गुर्गों ने कब्जा जमाकर अपना अस्तबल बना रखा था, उस अवैध साम्राज्य पर कानूनी कार्रवाई कर जमीन को प्रशासन ने अपने नियंत्रण में लिया। अब उसी जमीन पर जरूरतमंद परिवारों के सिर पर छत मुहैया कराने के लिए पक्के मकान खड़े किए जा रहे हैं। नई टाउनशिप और सभी रिहायशी निर्माण इसी श्रीकृष्णपुरी की पहचान के तहत सामने आएंगे।
नागरिक सुविधाओं से लैस होगी नई टाउनशिप
प्रयागराज विकास प्राधिकरण इस नए आवासीय परिसर में निवासियों की दैनिक जरूरतों से जुड़ी सभी जरूरी नागरिक सुविधाएं विकसित करेगा। मुख्यमंत्री के अनुसार श्रीकृष्णपुरी क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर खरीदारी के लिए मार्केट परिसर, टहलने के लिए पार्क, शारीरिक फिटनेस के लिए जिम और खेलकूद के लिए स्पोर्ट्स सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश में बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक गरीब और हर जाति वर्ग के पात्र व्यक्ति को आवास योजना का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
सुरक्षा, सुशासन और राजनीतिक दलों पर मुख्यमंत्री का बयान
प्रशासनिक सख्ती और कानून व्यवस्था का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में अब कोई भी तत्व संगठित अपराध या माफियागिरी करने का दुस्साहस नहीं जुटा पाएगा। उन्होंने चेताया कि यदि किसी ने ऐसा गैरकानूनी प्रयास किया तो उसे कठोर परिणाम भुगतने होंगे। पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासन में माफिया और अपराधी पनपते थे, जबकि भारतीय जनता पार्टी की सरकार सुशासन और विकास लेकर आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश के नागरिकों के सामने अपनी पहचान का जो संकट खड़ा किया गया था, सुरक्षा और प्रगति के मौजूदा माहौल ने उसे पूरी तरह खत्म कर दिया है।





















