उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए मतगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। राज्य के सात अलग-अलग शहरों में मतों की गिनती कराई जा रही है, जहां कुल 152 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच देखा जा रहा है। 23 अक्टूबर को संपन्न हुए इस चुनाव में 14.81 लाख मतदाताओं में से कुल 55.24 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। दोनों ही दल इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपने सांगठनिक ढांचे, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और जमीनी पकड़ की बड़ी परीक्षा के रूप में देख रहे हैं।
सीटों का भौगोलिक और चुनावी विभाजन
जिन 11 सीटों पर चुनाव संपन्न हुए हैं, उनमें 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें शामिल हैं। भौगोलिक दृष्टि से देखा जाए तो इनमें से 5 सीटें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हिस्से में आती हैं। इसके अलावा 2 सीटें लखनऊ क्षेत्र की हैं, 1 सीट बुंदेलखंड क्षेत्र की है और 3 सीटें पूर्वांचल इलाके से आती हैं। इन सभी सीटों पर दोनों प्रमुख दलों ने पूरी ताकत झोंक रखी है।
लखनऊ की सीटों पर आमने-सामने की जंग
राजधानी लखनऊ से जुड़ी दोनों सीटों पर मुकाबला काफी दिलचस्प बना हुआ है। लखनऊ स्नातक सीट पर भारतीय जनता पार्टी के अवनीश कुमार सिंह और समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी कांति सिंह के बीच कड़ा मुकाबला है। वहीं, लखनऊ शिक्षक सीट पर भारतीय जनता पार्टी के उमेश द्विवेदी का सीधा मुकाबला समाजवादी पार्टी के सुशील कुमार पटेल से हो रहा है।
रणनीतिक इम्तिहान और क्षेत्रीय असर
यह चुनाव सत्तारूढ़ दल के 'मिशन 2027' और विपक्षी दल के 'पीडीए' फॉर्मूले के असर को परखने का बड़ा मंच माना जा रहा है। 21 अक्टूबर को प्रचार समाप्त होने के बाद से ही दोनों खेमों ने बूथ स्तर पर अपनी ताकत लगा दी थी। आज सुबह 8 बजे से शुरू हुई मतों की गिनती के बाद इन सभी सीटों की चुनावी तस्वीर साफ हो जाएगी।
























