उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्य के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के अपने अभियान को आगे बढ़ाते हुए आज एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। इस कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग और मंडी परिषद के लिए चयनित कुल 3,572 नए युवाओं को औपचारिक रूप से नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। इस बात की जानकारी खुद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से दी है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश की युवा शक्ति को रोजगार के अवसरों से जोड़कर उनके भविष्य को संवारना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है।
पारदर्शी चयन प्रक्रिया के तहत नियुक्तियां
आज होने वाले इस मुख्य आयोजन में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग यानी UPSSSC की पारदर्शी और निष्पक्ष चयन प्रणाली के जरिए चुने गए उम्मीदवारों को दस्तावेज सौंपे जाएंगे। इनमें कृषि विभाग के अंतर्गत आने वाले 3,446 प्राविधिक सहायक जो कि ग्रुप-सी के पद हैं, वे शामिल हैं। इसके साथ ही मंडी परिषद के श्रेणी-3 और वर्ग-2 के तहत चुने गए 126 मंडी सचिवों को भी लखनऊ में आयोजित समारोह में नियुक्ति-पत्र दिए जाएंगे। सरकार का यह प्रयास युवाओं की छिपी हुई प्रतिभा को उचित मंच देने और उनके कठिन परिश्रम का सम्मान करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे सक्षम युवा और समर्थ उत्तर प्रदेश का लक्ष्य पूरा हो सके।
पहले भी बांटे जा चुके हैं नियुक्ति पत्र
इससे पहले भी राज्य सरकार की रोजगार योजनाओं के तहत कई विभागों में नियुक्तियां की जा चुकी हैं। बीते मई 2026 में मुख्यमंत्री ने आयुष विभाग के अंतर्गत चुने गए विभिन्न प्रोफेसरों, रीडरों, चिकित्सा अधिकारियों और स्टाफ नर्सों को नियुक्ति पत्र बांटे थे। इसी कार्यक्रम के दौरान व्यावसायिक शिक्षा विभाग के लिए चुने गए इंस्ट्रक्टरों को भी दस्तावेज दिए गए थे। इसके अलावा दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग में नर्स, हॉस्टल वार्डन और कंपाउंडर जैसे जरूरी पदों पर सफल हुए उम्मीदवारों को भी इस व्यापक भर्ती अभियान का हिस्सा बनाया गया था। यह पूरी चयन प्रक्रिया उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की देखरेख में संपन्न हुई थी। इस पारदर्शी व्यवस्था पर बात करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले कहा था कि यह नया उत्तर प्रदेश है जहां युवाओं के सपनों को नई उड़ान मिल रही है और राज्य विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
जापानी निवेश और अन्य राजनीतिक गतिविधियां
रोजगार वितरण कार्यक्रमों के अलावा प्रशासनिक स्तर पर भी लगातार बैठकें हो रही हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री ने लखनऊ में इन्वेस्ट यूपी और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की थी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश में जापानी कंपनियों के निवेश को आकर्षित करना और पर्यटन को बढ़ावा देना था। दोनों पक्षों के बीच लगातार संवाद बनाकर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलने पर जोर दिया गया। इसके अलावा यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी YEIDA के दायरे में आने वाली जापानी सिटी के लिए भूमि अधिग्रहण के काम की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं दूसरी ओर, हाल ही में रायबरेली के एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर भी तीखे राजनीतिक हमले किए थे।





















