उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी संगठनात्मक और चुनावी गतिविधियों को नई रफ्तार देना शुरू कर दिया है। इसी रणनीति के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से राज्य के व्यापक दौरे पर निकल सकते हैं। पार्टी संगठन की योजना के अनुसार, राज्य के सभी 18 प्रशासनिक मंडलों को कवर करते हुए प्रधानमंत्री के करीब एक दर्जन बड़े कार्यक्रम और रैलियां आयोजित करने की तैयारी चल रही है। इन आयोजनों के माध्यम से बड़े पैमाने पर जनसंपर्क साधने के साथ-साथ विकास योजनाओं को जमीन पर उतारने का खाका तैयार किया जा रहा है।
वाराणसी दौरे से शुरुआत की संभावना
योजना के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 अक्टूबर को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंच सकते हैं। इस प्रस्तावित दौरे के दौरान वह नमो घाट पर आयोजित होने वाले एक भव्य एयर शो में शिरकत कर सकते हैं। इस विशेष आयोजन में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई वरिष्ठ नेताओं के उपस्थित रहने की संभावना जताई गई है। वाराणसी के इस प्रस्तावित कार्यक्रम को प्रधानमंत्री के आगामी राज्यव्यापी दौरों की औपचारिक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि इन दौरों की अंतिम आधिकारिक समय-सारणी का अभी इंतजार किया जा रहा है।
18 प्रशासनिक मंडलों में करीब 12 जनसभाओं की रूपरेखा
बीजेपी की चुनावी योजना पूरे राज्य को क्षेत्रीय संतुलन के साथ साधने की है। उत्तर प्रदेश के सभी 18 प्रशासनिक मंडलों के अंतर्गत प्रधानमंत्री के लगभग 12 प्रमुख कार्यक्रम आयोजित करने पर विचार चल रहा है। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार और केंद्र सरकार के विकास कार्यों का सीधा संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। इस दौरान प्रधानमंत्री कई महत्वपूर्ण सरकारी परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे, नई जनहितैषी योजनाओं की आधारशिला रखेंगे और विशाल जनसभाओं को संबोधित करेंगे। पार्टी की क्षेत्रीय इकाइयां इन कार्यक्रमों को अंतिम रूप देने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर रही हैं।
अमित शाह और नितिन नवीन भी संभालेंगे मोर्चा
प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरों के अलावा बीजेपी के अन्य शीर्ष रणनीतिकार भी राज्य के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय नजर आएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के भी प्रदेश भर में कई संगठनात्मक व जनसंपर्क कार्यक्रम प्रस्तावित किए गए हैं। इन दौरों का प्राथमिक लक्ष्य पार्टी के जमीनी संगठन को पूरी तरह सक्रिय करना और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करना है। वरिष्ठ नेताओं के मैदान में उतरने से कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का संचार होगा और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को संगठनात्मक मजबूती मिलेगी।
विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और जनसंपर्क पर मुख्य ध्यान
बीजेपी की पूरी रणनीति आगामी विधानसभा चुनाव की आधिकारिक तारीखों के ऐलान से पहले राज्य के कोने-कोने तक पहुंचने की है। प्रधानमंत्री और शीर्ष नेतृत्व के कार्यक्रमों के जरिए बुनियादी ढांचे, जनकल्याणकारी योजनाओं और औद्योगिक विकास से जुड़ी परियोजनाओं को जनता के सामने प्रमुखता से रखा जाएगा। पार्टी संगठन का मानना है कि विकास योजनाओं के शिलान्यास और सीधी जनसभाओं से आम नागरिकों के साथ संवाद अधिक मजबूत होगा। यही वजह है कि चुनावी बिगुल बजने से पहले ही राज्य के अलग-अलग अंचलों में ताबड़तोड़ रैलियों और आयोजनों का सिलसिला शुरू करने की रूपरेखा तैयार की गई है।























