उत्तराखंड के पहाड़ी इलाके में बद्रीनाथ धाम से लौटते समय दुर्घटनाग्रस्त हुए हेलिकॉप्टर हादसे में जान गंवाने वाले सभी छह व्यक्तियों के पार्थिव शरीर बरामद कर लिए गए हैं। जिला प्रशासन की ओर से 1 नवंबर को तड़के 4.50 बजे जारी आधिकारिक विवरण के अनुसार, 30 अक्टूबर को हुए इस हादसे में मारे गए पायलट और सभी यात्रियों के शव दुर्गम घाटी से सुरक्षित निकाल लिए गए हैं। बचाव दल ने बेहद चुनौतीपूर्ण भूभाग से शवों को चाई गांव के समीप सड़क मार्ग तक पहुंचाया, जिसके बाद प्राथमिक प्रक्रिया के लिए ज्योतिर्मठ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
कर्नाटक के रहने वाले थे पांचों यात्री
इस दुखद विमान दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वालों में हेलिकॉप्टर के पायलट हिमांशु सभरवाल शामिल हैं। उनके साथ यात्रा कर रहे बाकी पांचों श्रद्धालु कर्नाटक के निवासी थे। 30 अक्टूबर को ट्रांस कंपनी का यह हेलिकॉप्टर बद्रीनाथ धाम से ऋषिकेश के लिए रवाना हुआ था। रास्ते में मौसम की गंभीर खराबी के चलते विमान चाई और थायंग गांव के ऊपर अनियंत्रित होकर क्रैश हो गया, जिससे उसमें सवार सभी छह लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
कई एजेंसियों ने मिलकर चलाया संयुक्त खोज अभियान
हादसे की सूचना मिलने के बाद सेना ने प्रशासनिक तंत्र को इस बारे में सूचित किया। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार के अनुसार, सैन्य सूचना के आधार पर घटनास्थल की सटीक लोकेशन ट्रेस की गई और विमान दुर्घटना की आधिकारिक पुष्टि हुई। इसके बाद मौके पर बड़े पैमाने पर संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। इस सर्च और रिकवरी अभियान में भारतीय सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, उत्तराखंड पुलिस, वन विभाग और राजस्व विभाग के जवानों ने अत्यंत विषम परिस्थितियों में अभियान पूरा किया। आधिकारिक रिपोर्ट जारी होने तक खोज दल के सभी सदस्य घटनास्थल से सुरक्षित वापस लौट आए थे।
एम्स ऋषिकेश में होगी शिनाख्त और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं
शनिवार देर रात सभी छह शवों को बचाव अभियान के तहत जोशीमठ पहुंचाया गया था। इसके बाद रविवार सुबह मौसम साफ होते ही दो अलग-अलग हेलिकॉप्टरों की सहायता से सभी पार्थिव शरीरों को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश भेज दिया गया है। आगे की सभी विधिक और चिकित्सीय कार्रवाई ऋषिकेश एम्स परिसर में ही संपन्न की जाएगी, जहां औपचारिक पहचान और पोस्टमॉर्टम पूरा होने के बाद शवों को उनके परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा।



















