ठंड के मौसम में करी पत्ते को सूखने से बचाने और घना बनाने के आसान बागवानी नुस्खेसर्दियों में खिंची और बेजान त्वचा से राहत दिलाएंगे ये सात स्किनकेयर उत्पाद, ₹147 की शुरुआती कीमत पर उपलब्धतमिल संगीतकार देवा के निधन के बाद बेटे श्रीकांत देवा ने साझा किया मार्मिक संदेश, फिल्म जगत के समर्थन पर जताया आभारउत्तर प्रदेश में 30 साल तक राज करेगी बीजेपी और 2027 में मिलेंगी 312 से ज्यादा सीटें, ओम प्रकाश राजभर का दावाउत्तर प्रदेश शासन में बड़ा फेरबदल, 15 वरिष्ठ नौकरशाहों के विभागों और पदों में बदलावउत्तर प्रदेश में तीन दशक तक सत्ता से बाहर रहेगी समाजवादी पार्टी, केशव प्रसाद मौर्य का दावासाहिबगंज में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान खुली पोल, एक ही आधार संख्या पर दर्ज मिले दो अलग नाममुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष लाया जन महाभियोग प्रस्ताव, खरगे बोले निष्पक्ष चुनाव की रक्षा के लिए संघर्ष जरूरीकैलिफोर्निया में दो माह पूर्व गुमशुदा बुजुर्ग अजित कौर का पार्थिव शरीर सिंचाई नहर से बरामदत्योहारी सीजन में घर पर तैयार करें रेस्टोरेंट जैसा चीजी पनीर स्टफ्ड मशरूम, नोट करें आसान विधि
चमोली हेलीकॉप्टर दुर्घटना के बाद जांच तेज, खराब मौसम की चेतावनी के बावजूद उड़ान की मंजूरी पर उठे गंभीर सवालउत्तराखंड
31 अक्तू॰ 2026, 4:59 pm (4 मिनट पहले)· 0

चमोली हेलीकॉप्टर दुर्घटना के बाद जांच तेज, खराब मौसम की चेतावनी के बावजूद उड़ान की मंजूरी पर उठे गंभीर सवाल

चमोली में ट्रांस एविएशन के हेलीकॉप्टर हादसे में 6 लोगों की मौत के बाद डीजीसीए और एएआईबी ने जांच शुरू की है, वहीं 48 घंटे के मौसम अलर्ट के बीच उड़ान की अनुमति देने पर यूकाडा सवालों के घेरे में आ गया है।

उत्तराखंड के चमोली जिले में हुए भीषण हेलीकॉप्टर हादसे के बाद उड्डयन सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक फैसलों की गंभीर समीक्षा शुरू हो गई है। ट्रांस एविएशन द्वारा संचालित इस उड़ान में एक पायलट और पांच यात्रियों सहित कुल 6 लोगों की जान चली गई। यह दुखद घटना ऐसे समय में हुई जब मौसम विभाग ने क्षेत्र में 48 घंटे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया हुआ था और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में तेज बर्फबारी दर्ज की जा रही थी। प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद उड़ान की मंजूरी मिलने से नियामक निगरानी पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

दुर्घटनास्थल पर तकनीकी विशेषज्ञों की पड़ताल और ब्लैक बॉक्स की तलाश

हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए नागर विमानन महानिदेशालय यानी डीजीसीए (DGCA) और विमान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो यानी एएआईबी (AAIB) के विशेषज्ञ शनिवार को मौके पर पहुंचे। चमोली जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ मिलकर टीमों ने आसपास के बेहद दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों का गहन मुआयना किया। जांचकर्ताओं का प्राथमिक उद्देश्य किसी भी यांत्रिक खराबी या प्रणालीगत विफलता के सुराग जुटाना है।

ये भी पढ़ें

हालांकि, दुर्घटनास्थल की छानबीन के बावजूद अब तक विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद नहीं किया जा सका है। ब्लैक बॉक्स का डेटा उड़ान के अंतिम क्षणों की तकनीकी स्थिति और कॉकपिट की बातचीत को समझने के लिए सबसे अहम माना जाता है। विमानन जानकारों का स्पष्ट कहना है कि जब तक यह उपकरण नहीं मिलता और इसका डेटा डिकोड नहीं होता, तब तक हादसे की वास्तविक वजहों को पूरी तरह से साबित करना बेहद मुश्किल होगा।

यूकाडा प्रशासन की ओर से दी गई सफाई

खराब मौसम के बीच परिचालन की अनुमति देने को लेकर उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण यानी यूकाडा (UCADA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन भी सवालों का सामना कर रहे हैं। प्रतीक जैन ने चमोली में खुद मौके पर मौजूद रहकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने परिचालन को सही ठहराते हुए कहा कि उड़ान भरने से पहले मौसम की लगातार निगरानी की जा रही थी।

प्रतीक जैन का कहना है कि प्रतिकूल मौसम को देखते हुए ही सुबह से दोपहर 12 बजे तक किसी भी हेलीकॉप्टर को उड़ान भरने की मंजूरी नहीं दी गई थी। उनके अनुसार, जब दोपहर बाद मौसम में थोड़ा सुधार देखा गया, केवल तभी परिचालन की अनुमति जारी की गई थी। इसके बावजूद, जमीन पर मौजूद भारी बर्फबारी और मौसम विभाग की औपचारिक चेतावनी के कारण इस निर्णय पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

जिम्मेदारी तय करने और सुरक्षा नियमों को सख्त करने की मांग

इस हादसे के बाद तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और व्यावसायिक दबावों के बीच संतुलन को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। स्थानीय स्तर पर यह चिंता जताई जा रही है कि क्या खराब परिस्थितियों में उड़ानों को अनुमति देने में जरूरी एहतियात बरती गई थी। ब्लैक बॉक्स की बरामदगी और जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट आने तक कई पहलुओं पर जांच केंद्रित रहेगी, जबकि प्रशासन से भविष्य में ऐसे जोखिम भरे फैसलों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की उम्मीद की जा रही है।

सवाल-जवाब

चमोली हेलीकॉप्टर दुर्घटना में कितने लोगों की जान गई?
इस दुर्घटना में पायलट सहित कुल 6 लोगों की मौत हुई है, जिनमें पांच यात्री शामिल थे।
हादसे के शिकार हेलीकॉप्टर का संचालन कौन सी कंपनी कर रही थी?
हेलीकॉप्टर का संचालन ट्रांस एविएशन कंपनी द्वारा किया जा रहा था।
दुर्घटना के समय इलाके में मौसम की क्या स्थिति थी?
मौसम विभाग ने 48 घंटे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया था और पहाड़ों पर भारी बर्फबारी हो रही थी।
हादसे की जांच कौन सी एजेंसियां कर रही हैं?
डीजीसीए (DGCA) और एएआईबी (AAIB) के विशेषज्ञ दल चमोली प्रशासन के साथ मिलकर जांच कर रहे हैं।
यूकाडा के सीईओ प्रतीक जैन ने उड़ान की अनुमति पर क्या स्पष्टीकरण दिया?
उन्होंने कहा कि सुबह से दोपहर 12 बजे तक उड़ानों पर रोक थी और मौसम साफ होने के बाद ही हरी झंडी दी गई थी।
जांच में अब तक ब्लैक बॉक्स की क्या स्थिति है?
जांच टीमों के व्यापक मुआयने के बावजूद अभी तक ब्लैक बॉक्स बरामद नहीं हो सका है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp