जेके हाउस में जम्मू-कश्मीर के सीएम की चुनिंदा महफ़िल, दिग्गजों को न्योते के बीच निजी चर्चाएं भी तेज़रोजी-रोटी की तलाश में नेपाल छोड़ मध्य प्रदेश पहुंचे बहादुर शाह बेग, कॉलेज के पास मोमोज बेचकर पाई आत्मनिर्भरताधनबाद स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के एक्वामरीन हॉस्टल में दर्दनाक हादसा, फाइनल ईयर के छात्र की नीचे गिरने से मौतअरुणाचल के जीरो में पक्षी प्रेमियों को दिखा दुर्लभ रेड-कॉलर्ड डव, 15 प्रजातियां दर्जहनुमानगढ़ के डिंगवाला में बच्चों की स्कूल वैन का रास्ता मांगना पड़ा भारी, पड़ोसियों ने खेत में घुसकर दो भाइयों को पीटासर्दियों की सुबह आसानी से जागने के लिए बेहतरीन सनराइज अलार्म घड़ियांमाथे के बाल पीछे खिसकने पर आजमाएं ये 5 खास हेयरकट, मिलेगा आकर्षक और युवा लुक863 भारतीय कंपनियों के दूसरी तिमाही के नतीजे 2 से 7 नवंबर के बीच होंगे घोषित, आईटीसी और एसबीआई समेत प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजरक्यूरिग अल्टा ब्रूअर का नया कॉफी अनुभव: समुद्री शैवाल की परत वाले पॉड्स और 10 बार दबाव की ताकतनूंह अधिवेशन में मौलाना महमूद मदनी का बड़ा बयान, कहा देश में मुसलमान किरायेदार नहीं बराबर के हिस्सेदार हैं
दीवारों पर हरियाली सजाने का आसान तरीका: जानिए कैसे तैयार करें वर्टिकल गार्डनउत्तराखंड
31 अक्तू॰ 2026, 2:39 pm (1 घंटे पहले)· 0

दीवारों पर हरियाली सजाने का आसान तरीका: जानिए कैसे तैयार करें वर्टिकल गार्डन

फ्लैट या छोटे घरों में जगह की कमी के बावजूद खाली दीवारों और बालकनी का इस्तेमाल करके खूबसूरत वर्टिकल गार्डन बनाया जा सकता है। इसमें सजावटी पौधों के साथ सब्जियां और हर्ब्स भी आसानी से उगाई जा सकती हैं।

शहरी घरों और आधुनिक फ्लैटों में हरियाली का शौक रखने वालों के सामने अक्सर जगह की कमी सबसे बड़ी रुकावट बन जाती है। बालकनी छोटी होना या आंगन का अभाव लोगों को मनचाहा बगीचा बनाने से रोक देता है। इस समस्या का व्यावहारिक समाधान वर्टिकल गार्डनिंग के रूप में सामने आया है, जहां जमीन या फर्श पर गमलों की कतार लगाने के बजाय घर की खाली दीवारों और छत का सदुपयोग किया जाता है। कम जगह में ज्यादा पौधे उगाने की यह तकनीक छोटे आशियानों को भी प्राकृतिक सुंदरता से भर देती है।

क्या है वर्टिकल गार्डनिंग और यह कैसे काम करती है

ऋषिकेश के अनुभवी गार्डनर राम सागर के अनुसार, जिन घरों में बागवानी के लिए खुला दायरा नहीं है, उनके लिए दीवार आधारित गार्डनिंग सबसे मुफीद व्यवस्था है। इस प्रक्रिया में जमीन घेरने वाले पारंपरिक गमलों के स्थान पर दीवारों पर विशेष ढांचे तैयार किए जाते हैं। धातु अथवा लकड़ी के मजबूत स्टैंड दीवार पर स्थापित किए जाते हैं, जिन पर छोटे आकार के गमले आसानी से टिकाए जा सकते हैं।

ये भी पढ़ें

इसके अलावा दीवार पर सीधे कसे जाने वाले वॉल प्लांटर्स और छत या ग्रिल से लटकने वाले हैंगिंग पॉट्स का उपयोग भी व्यापक स्तर पर किया जाता है। इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक ही दीवार पर विभिन्न किस्मों के कई पौधे एक साथ व्यवस्थित हो जाते हैं। फर्श पूरी तरह खाली रहता है, जिससे घर या बालकनी में आवाजाही बाधित नहीं होती और सीमित क्षेत्रफल में भी भरपूर हरियाली नजर आती है।

दीवारों पर कौन से पौधे, सब्जियां और हर्ब्स लगाएं

वर्टिकल गार्डन सिर्फ सजावटी पौधों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रसोई की दैनिक जरूरतों को पूरा करने का माध्यम भी बन सकता है। गार्डनर राम सागर स्पष्ट करते हैं कि दीवार पर लगे छोटे कंटेनरों में स्नेक प्लांट, मनी प्लांट, पोथोस, फर्न और स्पाइडर प्लांट जैसी हवा को तरोताजा रखने वाली और देखने में आकर्षक किस्में आसानी से फलती-फूलती हैं।

रसोई में रोजाना काम आने वाले ताजे मसालों और औषधीय पौधों के तौर पर पुदीना, धनिया, तुलसी, अजवाइन और हरी मिर्च भी इन वर्टिकल ढांचों में उगाई जा सकती हैं। हरी पत्तेदार सब्जियों के शौकीन लोग पालक, मेथी और लेट्यूस की खेती कर सकते हैं। यदि आपके पास दीवार पर थोड़े बड़े साइज के प्लांटर्स लगाने की गुंजाइश है, तो उनमें टमाटर और रसीली स्ट्रॉबेरी के पौधे भी सफलतापूर्वक विकसित किए जा सकते हैं।

पौधों की नियमित देखभाल और सिंचाई के जरूरी नियम

वर्टिकल गार्डन स्थापित करने के बाद उसकी नियमित देखरेख बेहद अहम भूमिका निभाती है। गार्डनर राम सागर का कहना है कि पौधों के स्वस्थ विकास के लिए रोशनी का संतुलन समझना बुनियादी शर्त है। कुछ प्रजातियों को तेज धूप की आवश्यकता होती है, जबकि कई इनडोर या छायादार पौधे हल्की और छनी हुई रोशनी में बेहतर पनपते हैं। इसलिए दीवार का चयन करते समय वहां आने वाली धूप का ध्यान रखना चाहिए।

सिंचाई के मामले में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। गमलों में जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचना चाहिए, क्योंकि जलभराव होने पर पौधों की जड़ें गलकर सड़ने लगती हैं। मिट्टी की ऊपरी परत छूकर देखें और जब वह सूखी महसूस हो, तभी पानी दें। समय-समय पर पौधों की पीली या सूखी पत्तियों को काटकर अलग करते रहें ताकि पोषण स्वस्थ शाखाओं तक पहुंचे। मिट्टी में हवा का संचार बनाए रखने के लिए हर कुछ दिनों में खुरपी से गुड़ाई करते रहें और जैविक पोषण के तौर पर नियमित अंतराल पर कंपोस्ट या वर्मी कंपोस्ट डालते रहें।

सवाल-जवाब

वर्टिकल गार्डन क्या होता है?
यह कम जगह में बागवानी करने का तरीका है, जिसमें जमीन पर गमले रखने के बजाय दीवार पर स्टैंड लगाकर छोटे गमले और प्लांटर्स लगाए जाते हैं।
दीवार पर कौन से सजावटी पौधे लगाए जा सकते हैं?
दीवार पर लगे गमलों में मनी प्लांट, पोथोस, स्नेक प्लांट, फर्न और स्पाइडर प्लांट जैसे पौधे आसानी से लगाए जा सकते हैं।
वर्टिकल गार्डन में कौन सी सब्जियां और हर्ब्स उगाई जा सकती हैं?
इसमें पुदीना, धनिया, तुलसी, अजवाइन, हरी मिर्च, पालक, मेथी, लेट्यूस के अलावा बड़े प्लांटर्स में टमाटर और स्ट्रॉबेरी भी उगाई जा सकती हैं।
वर्टिकल गार्डन के पौधों में पानी कब डालना चाहिए?
गमलों में जरूरत से ज्यादा पानी नहीं डालना चाहिए; मिट्टी की जांच करें और केवल सूखी मिट्टी दिखने पर ही पानी दें।
पौधों की बेहतर बढ़त के लिए कौन सी खाद का उपयोग करना चाहिए?
पौधों को स्वस्थ रखने के लिए नियमित अंतराल पर मिट्टी की गुड़ाई करें और जैविक खाद या वर्मी कंपोस्ट डालें।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sneha Kulkarni@sneha-kulkarni·15 मिनट पहले

छोटे फ्लैट्स में हरियाली लाने का यह तरीका बहुत बढ़िया है। बालकनी की दीवार पर पुदीना और धनिया उगाने की तरकीब सचमुच काम आएगी, अब जगह की कमी रोड़ा नहीं बनेगी।

Ravikash Gupta@ravikash·35 मिनट पहले

दीवारों पर टमाटर और स्ट्रॉबेरी उगाना सुनने में तो अच्छा लगता है, पर असल में वजन संभालना और कीड़ों से बचाना बहुत मुश्किल होता है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·35 मिनट पहले

रविकेश जी, बात तो सही है आपकी, पर ऋषिकेश के राम सागर जी ने कहा है तो कुछ सोचकर ही बताया होगा।

Rohan Verma@rohan-verma·59 मिनट पहले

छोटे फ्लैटों में हरियाली के लिए यह आइडिया बहुत बढ़िया है। बालकनी की दीवार पर धनिया-पुदीना उगाने की कोशिश करता हूँ, जगह भी नहीं घिरेगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·58 मिनट पहले

रोहन भाई, धनिया-पुदीना बालकनी की दीवार पर उगाना सुनने में आसान लगता है, पर धूप और पानी का हिसाब रखना इतना सीधा नहीं होता।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp