उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा उठाए गए सवालों पर राज्य के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कड़ा पलटवार किया है। केशव प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट किया कि 2012 से 2017 के दौरान रहे समाजवादी पार्टी के शासनकाल की समीक्षा प्रदेश की जनता पहले ही कर चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी भारी बहुमत के साथ राज्य में तीसरी बार अपनी सरकार बनाने जा रही है और अगले 30 वर्षों तक सपा सत्ता में वापसी नहीं कर पाएगी।
कानून-व्यवस्था और समीक्षा की मांग पर पलटवार
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मांग उठाई थी कि केंद्रीय गृह मंत्री को उत्तर प्रदेश की मौजूदा कानून-व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सपा शासनकाल के दौरान प्रदेश में जो अपराध, गुंडागर्दी, माफियागिरी और दंगे देखने को मिले थे, उसका मूल्यांकन जनता भली-भांति कर चुकी है। गृह मंत्री ने भी इसकी समीक्षा काफी पहले पूरी कर ली थी। मौर्य के अनुसार, उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार अंगद के पांव की तरह मजबूती से टिकी हुई है और आगे भी इसी तरह टिकी रहेगी।
सत्ता से हटाने के दावों पर तंज
अखिलेश यादव के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने पहले राज्य और फिर केंद्र की सत्ता से बीजेपी को हटाने की बात कही थी, उपमुख्यमंत्री ने तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव मुंगेरीलाल के हसीन सपने देख रहे हैं और उन्हें ये सपने अपने मित्र राहुल गांधी को भी दिखाने चाहिए। मौर्य ने जोर देकर कहा कि न तो देश में राहुल गांधी की वापसी होने वाली है और न ही उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव सत्ता में आने वाले हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा पहले भी थी, आज भी है और भविष्य में भी मजबूती से बनी रहेगी।
भगवान राम पर टिप्पणी और चुनावी जवाब
सपा के पूर्व सांसद एस. टी. हसन द्वारा भगवान राम के संदर्भ में दिए गए विवादित बयान पर भी केशव प्रसाद मौर्य ने अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी राम की नहीं बल्कि रामद्रोहियों की पार्टी बन चुकी है। मौर्य ने कहा कि सपा के किसी नेता की ओर से इस प्रकार का बयान सामने आने पर उन्हें कोई अचरज नहीं होता। हालांकि, 2027 के विधानसभा चुनाव में रामभक्त और राष्ट्रभक्त मतदाता इसका पूरा हिसाब चुकता करेंगे। उन्होंने कहा कि जनता सपा को उसकी वास्तविक स्थिति समझाएगी और चुनावी मुकाबले में उसकी साइकिल पंचर कर सैफई वापस भेज देगी।
नागरिकता और वोटर लिस्ट पर सवाल का उत्तर
अखिलेश यादव द्वारा चुनाव आयोग की निष्पक्षता और नागरिकता की मान्यता पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कानूनी स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि नागरिकता का प्रमाणपत्र चुनाव आयोग जारी नहीं करता, बल्कि यह जिम्मेदारी देश के गृह मंत्रालय के पास होती है। एक सांसद होने के नाते अखिलेश यादव को इस सामान्य नियम की जानकारी अवश्य होनी चाहिए। मौर्य ने आरोप लगाया कि जो लोग घुसपैठियों के साथ मिलकर मतदाता सूची में गड़बड़ी पैदा करने और धांधली करने का प्रयास कर रहे हैं, उनकी साजिशें अब सफल नहीं होने दी जाएंगी। उल्लेखनीय है कि हाल ही में एमएलसी चुनाव के नतीजों पर अखिलेश यादव ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि बीजेपी केवल पांच सीटों पर नहीं, बल्कि 50 जिलों में पराजित हुई है।
























