अंबेडकरनगर में एक जनसंवाद के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुनावी संभावनाओं पर सीधा हमला बोला। आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक समीकरण समझाते हुए उन्होंने भरोसा जताया कि प्रदेश की सत्ता पर भारतीय जनता पार्टी का प्रभाव दशकों तक कायम रहने वाला है। विपक्षी दलों की तैयारियों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि चुनावी मुकाबले को लेकर विपक्षी खेमे में भारी मुगालता बना हुआ है।
2027 में 312 से ज्यादा सीटों का दावा और लगातार तीन दशकों का शासन
चुनावी भविष्यवाणियों पर बात रखते हुए ओम प्रकाश राजभर ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन केवल तीसरी बार सरकार बनाने तक सीमित नहीं रहने वाला है। उनके अनुसार, भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में लगातार 30 वर्ष तक सत्ता में बनी रहेगी। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव का आंकड़ा रखते हुए दावा किया कि 2027 में बीजेपी के खाते में 312 से ज्यादा सीटें आएंगी।
विपक्षी नेताओं पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और राहुल गांधी दोनों ही जमीनी हकीकत से दूर होकर गलतफहमी में जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि मतगणना के दिन इन दोनों नेताओं के चुनावी सपने बिखर जाएंगे। इसके अतिरिक्त समान नागरिक संहिता यानी UCC के सवाल पर उन्होंने अपनी सहमति जताते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने इस विषय पर पूरी तरह सही बात कही है।
गृह मंत्री के दौरे और सपा प्रमुख की कार्यशैली पर सवाल
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उत्तर प्रदेश दौरे पर अखिलेश यादव की ओर से की गई राजनीतिक बयानबाजी पर भी ओम प्रकाश राजभर ने पलटवार किया। सपा मुखिया की चुनावी गंभीरता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को जितनी बयानबाजी करनी है करने दी जाए, क्योंकि चुनाव परिणाम आने के बाद वे सीधे विदेश घूमने निकल जाएंगे। राजभर का कहना था कि सपा प्रमुख को पहले से आभास है कि उनकी सरकार बनने की कोई संभावना नहीं बची है।
स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी अस्पतालों के आंकड़ों पर घेरा
प्रदेश की चिकित्सा सुविधाओं पर समाजवादी पार्टी की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए ओम प्रकाश राजभर ने पूर्ववर्ती सपा सरकार के कार्यकाल को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने पलटकर सवाल दागा कि जब अखिलेश यादव प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर थे और अस्वस्थ हुए थे, तब उन्होंने अपना उपचार किस संस्थान में कराया था और क्या वे किसी सरकारी अस्पताल में भर्ती हुए थे।
वर्तमान स्वास्थ्य ढांचे का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की स्थिति समाजवादी पार्टी की सरकार के मुकाबले 100 गुना बेहतर हो चुकी है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि सपा प्रमुख को प्रदेश की बेहतर होती स्वास्थ्य व्यवस्था नजर नहीं आ रही है, तो वे अंबेडकरनगर आकर खुद जमीनी हकीकत देख सकते हैं। चिकित्सालयों में आने वाले मरीजों का विवरण देते हुए उन्होंने बताया कि लखनऊ मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 10 से 12 हजार मरीज ओपीडी सेवाओं का लाभ ले रहे हैं, जबकि छोटे स्तर के अस्पतालों में भी रोजाना 3 से 4 हजार लोगों का ओपीडी पंजीकरण हो रहा है।
स्वामी प्रसाद मौर्य और गठबंधन की राजनीति पर तंज
स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ किसी भी चुनावी तालमेल से अखिलेश यादव के इनकार करने पर भी ओम प्रकाश राजभर ने जमकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख के बयानों में कोई राजनीतिक स्थिरता या गंभीरता नहीं होती है। उन्होंने याद दिलाया कि महज 10 दिन पहले अखिलेश यादव ने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि उनके पुराने सभी सहयोगी वापस आ सकते हैं और उन्हें इस बात से कोई एतराज नहीं है।
राजभर ने रेखांकित किया कि स्वामी प्रसाद मौर्य पूर्व में सपा के चुनाव चिन्ह पर मैदान में उतर चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज भले ही सपा नेतृत्व गठबंधन से साफ मना कर रहा हो, लेकिन राजनीतिक जरूरत पैदा होते ही वे कल फिर से उन्हें अपने पाले में बुलाने के लिए तैयार हो जाएंगे।
























