उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से सटे सहसपुर कोतवाली क्षेत्र के बैरागीवाला में शनिवार को एक मामूली कहासुनी इतनी भड़की कि बीजेपी के एक युवा नेता की जान चली गई। मृतक विनोद कश्यप (45 वर्ष) भाजपा युवा मोर्चा से जुड़े बताए जा रहे हैं और पूर्व में बीडीसी का चुनाव भी लड़ चुके हैं। इस हत्या के बाद पूरे इलाके में सांप्रदायिक तनाव चरम पर पहुंच गया, क्योंकि टकराव में एक पक्ष हिंदू और दूसरा मुस्लिम समुदाय से जुड़ा हुआ था।
कैसे हुई वारदात
बताया जा रहा है कि पूरा झगड़ा पैसों के लेन-देन और पुरानी रंजिश से शुरू हुआ। बैरागीवाला में खेत में पानी लगाने गए विनोद पर बैरागीवाला के पूर्व प्रधान इस्पाक के भतीजे समेत कई लोगों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला बोल दिया। हमले में विनोद के साथ उनके भाई अशोक और राजेश भी बुरी तरह घायल हुए। तीनों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हरबर्टपुर स्थित अस्पताल में विनोद ने दम तोड़ दिया, जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर हालत में रहे।
इस पूरी वारदात का एक सनसनीखेज सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें आरोपी विनोद और उनके साथियों पर बेरहमी से हमला करते साफ दिखाई दे रहे हैं। देर शाम मामूली कहासुनी के बाद हुई इसी खूनी मारपीट में विनोद की मौत हुई।
13 नामजद, 4 हिरासत में
इस मामले में रजाक, इंतियाज, सलमान और अमन समेत कुल 13 लोगों को नामजद किया गया है और सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। वारदात के बाद से सभी आरोपी फरार हैं। पुलिस ने अब तक 4 लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि आरोपियों की धरपकड़ के लिए 6 टीमें लगाई गई हैं। पड़ोसी सीमावर्ती इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है ताकि आरोपी सीमा पार न कर सकें।
आरोपियों के घर पर बुलडोजर, आगजनी और पथराव
हत्या के बाद हिंदू संगठनों ने आरोपियों के एनकाउंटर और घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग की। इसके बाद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में आरोपी के घर बुलडोजर पहुंच गया और तोड़फोड़ शुरू कर दी गई। आरोपी की प्रॉपर्टी काफी बड़ी बताई जा रही है, ऐसे में अधिकारियों का मानना है कि शाम तक पूरा मकान जमींदोज कर दिया जाएगा। बुलडोजर एक्शन के दौरान घर के बाहर भारी भीड़ जुटी रही और लोग मोबाइल में पूरी कार्रवाई कैद करते दिखे। पूरे इलाके में जय श्री राम के नारे गूंजते रहे और चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रही।
हालात तब और बिगड़ गए जब बजरंग दल और हिंदू संगठन के लोगों ने आरोपी के घर में आग लगा दी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया। विकासनगर में भी तनाव फैल गया और प्रदर्शनकारी आगजनी तथा पथराव करते देखे गए। बढ़ते तनाव को देखते हुए देहरादून में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।
सीएम धामी और बीजेपी विधायक का कड़ा रुख
घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बेहद सख्त नजर आए और उन्होंने आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने कहा, "अपराधी कोई भी हो, बच नहीं पाएगा।" वहीं बीजेपी विधायक मुन्ना सिंह ने तीखे तेवर दिखाते हुए कहा, "आरोपियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी जो उनकी नस्लें याद रखेंगी। उन्हें बिल्कुल माफ नहीं किया जाएगा।"
परिजनों की चेतावनी और भारी रोष
आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। परिजनों ने साफ चेतावनी दी है कि पोस्टमार्टम के बाद भी, जब तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। उग्र प्रदर्शनकारियों ने हाईवे जाम कर आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शनकारी हिंदू संगठनों ने यह भी चेतावनी दी कि अगर सुबह 10 बजे तक कार्रवाई नहीं हुई तो शव लेकर प्रदर्शन किया जाएगा।
इलाका पुलिस छावनी में तब्दील
हालात बेकाबू होते देख पूरे बैरागीवाला को पुलिस छावनी में बदल दिया गया। आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर डटे रहे और बड़ी मशक्कत के बाद कार्रवाई का भरोसा देकर उग्र भीड़ को शांत कराया गया। पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद गलियां तो शांत हुईं, लेकिन पुलिस रातभर पहरा देती रही। TrendKia की टीम भी देर रात तक मौके पर डटी रही।
मामले को लेकर एएसपी पंकज गैरोला ने बताया कि विवाद के दौरान कुछ लोगों पर धारदार हथियारों और हथौड़ों से हमला किया गया, जिसमें चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए और इनमें से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्होंने बताया कि घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।













