ऋषिकेश को अपनी ठंडी पहाड़ी हवाओं, गंगा के शांत तटों और खुशनुमा आबोहवा के लिए दुनिया भर में पहचाना जाता है। हालांकि, इन दिनों यहाँ घूमने आने वाले सैलानियों को एक बिल्कुल अलग ही मौसम का सामना करना पड़ रहा है। पारे की चाल भले ही बहुत ऊँची न हो, लेकिन नमी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। खासकर राजस्थान के उदयपुर से आए पर्यटकों को यहाँ ऐसी गर्मी महसूस हो रही है जिसकी उन्होंने दूर-दूर तक कल्पना नहीं की थी।
उदयपुर से आए सैलानियों का अनुभव
राजस्थान के गर्म इलाकों से ताल्लुक रखने वाले पर्यटकों के लिए ऋषिकेश का मौजूदा मौसम काफी चौंकाने वाला साबित हुआ है। रेगिस्तानी और शुष्क गर्मी से निकलने के बाद जब सैलानी पहाड़ों के करीब पहुँचे, तो उन्हें यह उम्मीद थी कि उन्हें ठंडक और सुकून भरा वातावरण मिलेगा। लेकिन यहाँ पहुँचने के बाद हवा की नमी ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया और उन्हें अपनी सोच बदलनी पड़ी।
स्थानीय बातचीत के दौरान सुनील पालीवाल ने साझा किया कि भले ही यहाँ का तापमान राजस्थान की तुलना में कम दर्ज हो रहा हो, लेकिन हवा में मौजूद अत्यधिक नमी के कारण गर्मी का अहसास कम नहीं हो रहा है। शहर में घूमते समय लगातार पसीना बह रहा है। धूप भले ही बहुत तीखी न हो, लेकिन उमस इतनी ज्यादा है कि कुछ देर बाहर टहलने के बाद ही पूरा शरीर थक जाता है। उन्होंने मजाकिया लहजे में यह भी कहा कि ऋषिकेश के इस मौसम को देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो उदयपुर की गर्मी भी पहाड़ों तक चली आई हो।
तापमान से ज्यादा नमी बनी मुसीबत
दरअसल, इन दिनों ऋषिकेश में लोगों की परेशानी की असली वजह महज़ तापमान नहीं बल्कि हवा में घुली हुई आर्दता है। नमी का स्तर बढ़ने पर शरीर का पसीना आसानी से वाष्पीकृत होकर नहीं सूख पाता है। यही मुख्य वजह है कि सामान्य तापमान होने के बावजूद शरीर को भारी उमस और बेचैनी महसूस होती है। गंगा के तटों और खुले मैदानों में घूमने वाले सैलानियों को इस समस्या का सामना सबसे ज्यादा करना पड़ रहा है।
हालात ये हैं कि अधिकांश पर्यटक अब सुबह और शाम के वक्त ही बाहर निकलना पसंद कर रहे हैं और दोपहर के समय तेज धूप में निकलने से साफ बच रहे हैं। जैसे-जैसे दिन चढ़ता है और धूप तेज होती है, उमस का स्तर और अधिक बढ़ने लगता है। ऐसे में जो सैलानी घूमने के इरादे से आए हैं, उनके लिए दिन के वक्त लंबी पैदल सैर करना काफी चुनौतीपूर्ण बनता जा रहा है।
पहाड़ों की ठंडक की आस लेकर पहुँचे थे लोग
उदयपुर जैसे गर्म शहर से आने वाले लोगों के लिए ऋषिकेश यात्रा का एक बड़ा आकर्षण हमेशा से यहाँ का सुहाना मौसम रहा है। पहाड़ों की ऊँचाइयों और गंगा नदी की मौजूदगी के कारण लोग यह मानकर चलते हैं कि यहाँ कदम रखते ही उन्हें चिलचिलाती गर्मी से राहत मिल जाएगी। लेकिन इस बार मौसम के तेवर ने पर्यटकों को थोड़ा निराश और हैरान किया है।
शहर की प्राकृतिक सुंदरता और गंगा किनारे का आध्यात्मिक माहौल अपनी जगह शानदार है, लेकिन वातावरण में इस स्तर की चिपचिपी गर्मी होने पर पर्यटन का आनंद थोड़ा फीका जरूर पड़ जाता है। खासकर वे परिवार जो अपने छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ यात्रा पर निकले हैं, उन्हें दिन के वक्त विशेष एहतियात बरतनी पड़ रही है। लोग बीच-बीच में खुद को तरोताजा रखने के लिए दुकानों, कैफे और छांव वाली जगहों पर रुककर विश्राम कर रहे हैं।
आम तौर पर सैलानी गंगा किनारे बैठकर ठंडी बयार का लुत्फ उठाने आते हैं, लेकिन मौजूदा उमसभरे हालात में वहाँ भी लोगों को वैसी ठंडक नहीं मिल पा रही है जैसी उनकी अपेक्षा होती है। नदी के आसपास जब हल्की हवा चलती है, तब थोड़ी राहत जरूर मिलती है, लेकिन हवा के थमते ही चिपचिपी गर्मी फिर से सताने लगती है।



















