रोशनी के पावन पर्व दीपावली के अवसर पर उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल की खूबसूरती और अधिक निखर कर सामने आ रही है। पर्व को लेकर शहर के मुख्य मार्गों, चौराहों और बाजारों को आकर्षक रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है, जिससे पूरा शहर जगमगा उठा है। शाम ढलते ही रोशनी से नहाए ये बाजार यहां आने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अपनी तरफ आकर्षित कर रहे हैं। पहाड़ों की गोद में बसे इस खूबसूरत शहर का कोना-कोना इस समय उत्सव के रंग में रंगा हुआ दिखाई दे रहा है।
शहर के सबसे व्यस्त और प्रमुख हिस्सों में शुमार मल्लीताल बाजार में दिवाली की रौनक देखते ही बनती है। यहां की सभी दुकानों को भव्य लाइटों और पारंपरिक सजावटी सामानों के साथ संवारा गया है। जैसे-जैसे शाम ढलती है, इस बाजार में खरीदारों की चहल-पहल काफी बढ़ जाती है। पहाड़ी इलाकों के पारंपरिक सौंदर्य के बीच स्थानीय लोग और दूर-दूर से पहुंचे सैलानी इस अनूठे माहौल का भरपूर आनंद उठाते हुए अपनी जरूरत का सामान खरीद रहे हैं।
दीपावली पर घरों को रोशन करने और सजाने के लिए बाजारों में विभिन्न प्रकार के विकल्प मौजूद हैं। दुकानों पर सजे हुए रंग-बिरंगे मिट्टी के दीये, बिजली की चमकीली झालरें, मोमबत्तियां, पारंपरिक बंधनवार और कई आकर्षक सजावटी उत्पाद ग्राहकों को अपनी ओर खींच रहे हैं। इन उत्पादों की वजह से बाजारों की रंगत और अधिक बढ़ गई है। हर कोई अपने आशियाने को खास तरीके से संवारने की तैयारियों में पूरी तन्मयता से जुटा हुआ है।
मिठाइयों के बिना रोशनी का यह पर्व अधूरा माना जाता है और नैनीताल की हलवाई की दुकानें इस परंपरा को पूरी शिद्दत से निभा रही हैं। बाजारों में मिठाई की दुकानों पर ग्राहकों की अच्छी खासी भीड़ और चहल-पहल साफ देखी जा सकती है। लोग अपने परिजनों, रिश्तेदारों और करीबी दोस्तों के मुंह मीठा कराने के लिए विभिन्न प्रकार की मिठाइयां खरीद रहे हैं। रंग-बिरंगी और स्वादिष्ट मिठाइयों से सजी ये दुकानें त्योहार के उमंग और उत्साह को कई गुना बढ़ा रही हैं।
त्योहारों के इस सीजन में एक-दूसरे को उपहार देने की परंपरा का भी विशेष महत्व होता है। इसे ध्यान में रखते हुए नैनीताल के बाजारों में गिफ्ट आइटम्स, सजावटी वस्तुएं और आकर्षक गिफ्ट पैक की तमाम वैरायटी उपलब्ध कराई गई हैं। खरीदार अपने प्रियजनों के लिए उपहार चुनकर खरीद रहे हैं। इस त्योहारी माहौल में स्थानीय दुकानदार भी ग्राहकों को रिझाने के लिए तरह-तरह के इंतजाम और सजावट करने में व्यस्त हैं।
मल्लीताल की तरह ही तल्लीताल बाजार में भी दीपावली का उल्लास चरम पर नजर आ रहा है। इस क्षेत्र की दुकानें भी दूधिया रोशनी और मनमोहक सजावट से जगमगा रही हैं। घरों की रोजमर्रा की जरूरतों और पूजन सामग्री की खरीदारी के लिए लोग लगातार इस बाजार का रुख कर रहे हैं। शाम के वक्त यहां की रौनक पहाड़ों पर मनाए जाने वाले इस पावन पर्व के असली उत्साह और संस्कृति को बखूबी बयान करती है।
नैनीताल की दिवाली को जो चीज सबसे अलग और खास बनाती है, वह है यहां की प्रसिद्ध नैनीझील। शाम के वक्त झील के ठंडे किनारों पर टहलते हुए चारों तरफ जगमगाते बाजार और पहाड़ियों का विहंगम दृश्य किसी का भी मन मोह सकता है। झील के शांत पानी में जब शहर की चकाचौंध रोशनी का प्रतिबिंब पड़ता है, तो उसकी खूबसूरती में और अधिक इजाफा हो जाता है। यह खूबसूरत नजारा यहां आने वाले हर सैलानी के लिए हमेशा के लिए एक यादगार अनुभव बन जाता है।
बर्फानी ठंडी हवाएं, सर्द पहाड़, दूधिया रोशनी से सजे बाजार और नैनीझील का दिलकश नजारा मिलकर नैनीताल की दिवाली को बेहद खास बना देते हैं। यदि कोई इस बार का दीपोत्सव पहाड़ों के बीच सुकून और प्राकृतिक सुंदरता के साये में बिताना चाहता है, तो यह शहर एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। यहां की जगमगाती रोशनियां और त्योहार का यह अनूठा उल्लास किसी का भी दिल जीतने के लिए काफी है।



















