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नैनीताल से कैंची धाम के बीच रोपवे निर्माण का प्रस्ताव तैयार, नीम करौली बाबा के श्रद्धालुओं को ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहतउत्तराखंड
28 अग॰ 2026, 10:10 am (2 घंटे पहले)· 2

नैनीताल से कैंची धाम के बीच रोपवे निर्माण का प्रस्ताव तैयार, नीम करौली बाबा के श्रद्धालुओं को ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

नैनीताल से बाबा नीम करौली के प्रसिद्ध कैंची धाम तक रोपवे बनाने का प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजा गया है, जिससे सड़क के 17 किलोमीटर के लंबे सफर की दूरी घटकर केवल 4 किलोमीटर रह जाएगी।

उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थल नैनीताल से बाबा नीम करौली महाराज के प्रसिद्ध आश्रम कैंची धाम तक आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक बड़ी राहत योजना पर काम शुरू हुआ है। हिल स्टेशन नैनीताल से कैंची धाम के बीच एक हवाई रोपवे बनाने की तैयारी की जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का प्राथमिक प्रस्ताव जिला पर्यटन विभाग द्वारा तैयार कर राज्य पर्यटन विभाग को आधिकारिक स्वीकृति के लिए भेजा जा चुका है। रोपवे बनने के बाद श्रद्धालुओं को घंटों ट्रैफिक जाम में फंसने से मुक्ति मिलेगी और पूरा सफर सुगम बन जाएगा।

17 किलोमीटर का सफर घटकर रह जाएगा केवल 4 किलोमीटर

वर्तमान समय में नैनीताल से कैंची धाम जाने के लिए श्रद्धालुओं को लगभग 17 किलोमीटर की दूरी सड़क मार्ग से तय करनी पड़ती है। पर्यटन सीजन और त्योहारों के दौरान इस पहाड़ी रास्ते पर भारी ट्रैफिक जाम लग जाता है, जिससे यात्रियों का काफी कीमती समय बर्बाद होता है। नए प्रस्तावित रोपवे के तैयार होने से दोनों स्थानों के बीच की दूरी घटकर महज 4 किलोमीटर रह जाएगी। इस हवाई यात्रा के जरिए श्रद्धालु न केवल बेहद कम समय में मंदिर पहुंच सकेंगे, बल्कि खूबसूरत प्राकृतिक वादियों का मनोरम दृश्य भी देख सकेंगे।

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तकनीकी विशेषज्ञों की टीम जल्द करेगी स्थलीय निरीक्षण

जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति आर्य के अनुसार, नैनीताल शहर और कैंची धाम मार्ग को जाम मुक्त बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। स्थानीय निवासियों और पर्यटन व्यवसायियों की मांग को ध्यान में रखते हुए इस सुविधाजनक वैकल्पिक मार्ग की योजना बनाई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए जल्द ही तकनीकी विशेषज्ञों की एक विशेष टीम के साथ प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण कराया जाएगा, ताकि निर्माण की सभी संभावनाओं को परखा जा सके।

स्थानीय पर्यटन और होटल व्यवसाय को मिलेगा नया बढ़ावा

होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय बिष्ट ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहद लाभकारी बताया है। उन्होंने कहा कि रोपवे निर्माण से पर्यटन सीजन के दौरान लगने वाले भारी जाम की गंभीर समस्या का समाधान होगा। इससे नैनीताल में आने वाले पर्यटकों का अनुभव बेहतर होगा और क्षेत्र के होटल व पर्यटन कारोबार में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

सवाल-जवाब

नैनीताल से कैंची धाम के बीच प्रस्तावित रोपवे की लंबाई कितनी होगी?
प्रस्तावित रोपवे से नैनीताल और कैंची धाम के बीच की दूरी घटकर महज 4 किलोमीटर रह जाएगी, जो वर्तमान सड़क मार्ग से काफी छोटी है।
वर्तमान में नैनीताल से कैंची धाम सड़क मार्ग की दूरी कितनी है?
वर्तमान में सड़क मार्ग से नैनीताल से कैंची धाम की दूरी लगभग 17 किलोमीटर है।
रोपवे परियोजना का प्रस्ताव किसने तैयार किया है?
जिला पर्यटन विभाग ने यह प्रस्ताव तैयार करके अंतिम मंजूरी के लिए राज्य पर्यटन विभाग को भेजा है।
इस रोपवे निर्माण से पर्यटन और स्थानीय कारोबार को क्या फायदा होगा?
रोपवे से पर्यटकों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी, यात्रा आसान होगी और नैनीताल के होटल व पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

कैंची धाम और नैनीताल के बीच प्रस्तावित 4 किलोमीटर का यह रोपवे पर्यटन और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है। मौजूदा 17 किलोमीटर के पहाड़ी मार्ग पर पीक सीजन में लगने वाला भीषण जाम एक पुरानी समस्या है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय व्यापार दोनों को नुकसान होता है। हालांकि, इस परियोजना की सफलता पूरी तरह से तकनीकी विशेषज्ञों की सर्वे रिपोर्ट, समयबद्ध पर्यावरण मंजूरी और बजट के पारदर्शी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी। यदि ज़मीनी स्तर पर काम तेजी से शुरू होता है, तो यह बुनियादी ढांचा मॉडल राज्य के अन्य भीड़भाड़ वाले धार्मिक पर्यटन स्थलों के लिए भी एक प्रभावी समाधान बन सकता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

एक क्राइम रिपोर्टर के दृष्टिकोण से, कैंची धाम जैसे अत्यधिक भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण सबसे बड़ी चुनौतियाँ होती हैं। 17 किलोमीटर के लंबे और घुमावदार पहाड़ी मार्ग पर ट्रैफिक जाम केवल समय की बर्बादी नहीं, बल्कि एम्बुलेंस और पुलिस जैसे आपातकालीन वाहनों के लिए भी गंभीर बाधा बनता है। इस रोपवे परियोजना के सफल क्रियान्वयन से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि आपातकालीन स्थिति में त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी बड़ी मदद मिलेगी, बशर्ते सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन हो।

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