उत्तराखंड के तीर्थ और पर्यटन नगरी ऋषिकेश के कपड़ा बाजारों में इन दिनों पारंपरिक परिधानों को लेकर खरीदारों की पसंद में एक बड़ा बदलाव नजर आ रहा है। त्योहारों और विवाह आयोजनों के सीजन में स्थानीय बाजारों की अधिकांश दुकानों पर राजस्थानी साड़ियों की मांग तेजी से बढ़ी है। अपने खास पारंपरिक प्रिंट, चटकीले रंगों और हल्के वजन के फैब्रिक के कारण यह परिधान महिलाओं को सबसे ज्यादा आकर्षित कर रहा है। सामान्य दिनों से लेकर मांगलिक अवसरों तक के लिए बाजार में यह साड़ियां 600 रुपये से लेकर 6,000 रुपये तक के अलग-अलग बजट में आसानी से मिल रही हैं।
लहरिया और जयपुरी प्रिंट महिलाओं की पहली पसंद
त्रिवेणी घाट के पास स्थित गढ़वाल गैलरी के संचालक अनिल के अनुसार, वर्तमान में खरीदारी के लिए आने वाली अधिकांश ग्राहक महिलाएं लहरिया और जयपुरी प्रिंट की साड़ियां सबसे ज्यादा पसंद कर रही हैं। इन साड़ियों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह वजन में काफी हल्की होती हैं, जिससे इन्हें लंबे समय तक आसानी से पहना जा सकता है। इसके साथ ही इनका दृश्य सौंदर्य और पारंपरिक अंदाज महिलाओं को खूब भाता है। बाजार में 600 रुपये की शुरुआती कीमत से लेकर 6,000 रुपये की रेंज तक कई विकल्प उपलब्ध हैं, जिनमें सादा फैब्रिक, डिजाइनर बॉर्डर और आधुनिक फैंसी वर्क वाली वैरायटी शामिल हैं।
चटक रंगों और पारंपरिक बंधेज का आकर्षण
बाजार के अन्य कपड़ा विक्रेता सुनील के मुताबिक, लहरिया और जयपुरी प्रिंट की तेज बिक्री के पीछे उनके खास रंग संयोजन और विशिष्ट पैटर्न मुख्य कारण हैं। इन साड़ियों में लाल, पीले, हरे, गुलाबी और नारंगी जैसे चटकीले रंगों का भरपूर उपयोग किया जाता है, जो किसी भी उत्सव या शादी समारोह के माहौल में काफी खिलकर सामने आते हैं। इन साड़ियों में लहरिया के अलावा पारंपरिक बंधेज और बारीक छपाई के काम देखने को मिलते हैं, जो इन्हें अन्य सामान्य साड़ियों से बिल्कुल अलग पहचान देते हैं। सुनील की दुकान पर यह साड़ियां 700 रुपये की शुरुआती कीमत से उपलब्ध हैं, जहां खरीदारों को प्रिंट और रंगों के कई विकल्प मिल रहे हैं।
किफायती बजट और स्थानीय खरीदारों का अनुभव
ऋषिकेश की स्थानीय निवासी सोनिया ने हाल ही में बाजार से अपने लिए साड़ी की खरीदारी की। उनका कहना है कि जयपुरी और लहरिया साड़ियों के अनूठे प्रिंट और चटक रंग उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं, क्योंकि इनकी बनावट और छपाई आम साड़ियों से बिल्कुल अलग दिखती है। सोनिया ने गढ़वाल गैलरी से खरीदारी करते हुए बताया कि वहां बजट के अनुकूल कीमतों में अच्छा संग्रह मौजूद है। उन्होंने बाजार में 500 रुपये से लेकर 1,000 रुपये तक की किफायती रेंज में लहरिया, जयपुरी और अन्य राजस्थानी साड़ियों के कई डिजाइन देखे, जिनमें से उन्होंने अपने लिए एक खूबसूरत लहरिया साड़ी चुनी।
























