पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में मौसम के तेवर एक बार फिर बदलने लगे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के कई जिलों में बारिश और बर्फबारी का नया दौर शुरू होने की चेतावनी दी है, जिससे ठंड में इजाफा होने की पूरी संभावना है। उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बादलों की आवाजाही और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने के आसार बने हुए हैं, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को भी सतर्क कर दिया गया है।
13 अक्टूबर को इन इलाकों में बरसेंगे बादल
मौसम विभाग के अनुसार 13 अक्टूबर से पर्वतीय अंचलों में मौसम करवट लेगा। इस दिन देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा समुद्र तल से 3500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों में बर्फबारी होने की भी संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी।
14 अक्टूबर को भी जारी रहेगा बारिश का सिलसिला
मौसम का यह मिजाज केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि अगले दिन भी पर्वतीय क्षेत्रों में इसका असर दिखाई देगा। चौदह अक्टूबर को भी उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल और पिथौरागढ़ के पहाड़ी हिस्सों में हल्की से बहुत हल्की बारिश होने के आसार हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली चमकने की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं।
राजधानी देहरादून और अन्य जिलों का हाल
राज्य के बाकी हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रह सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के चारधाम पूर्वानुमान के मुताबिक राजधानी देहरादून में 13 और 14 अक्टूबर को आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की उम्मीद है, हालांकि दोपहर या शाम के वक्त आंशिक तौर पर बादल छाए रह सकते हैं। मैदानी और अन्य जनपदों में फिलहाल शुष्क मौसम रहने की बात कही गई है जिससे दिन के समय धूप खिली रहेगी।
15 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में बदलेगा मौसम
पंद्रह अक्टूबर को मौसम का दायरा और अधिक व्यापक होने की संभावना है। इस दिन उत्तराखंड के सभी जनपदों में कुछ चुनिंदा स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के संकेत दिए गए हैं। ऊंचे शिखरों पर बर्फबारी का सिलसिला बना रहेगा और कई जगहों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बरकरार है। राजधानी देहरादून में भी इस दिन आसमान बादलों की आगोश में रह सकता है और यहां भी बारिश या धूल भरी आंधी जैसी मौसमी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
यात्रियों और पर्यटकों के लिए जरूरी निर्देश
लगातार बदलते मौसम को ध्यान में रखते हुए पहाड़ी मार्गों पर सफर करने वाले पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ऊंचाई वाले स्थलों की सैर करने से पहले मौसम के ताजा अपडेट की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। खराब मौसम और गरज-चमक के दौरान खुले आसमान के नीचे या बड़े पेड़ों के करीब खड़े होने से बचें। सफर के दौरान स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
























