उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में शुमार नीम करोली बाबा के कैंची धाम और नैनीताल में वीकेंड के दौरान पर्यटकों और श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा देखने को मिल रहा है। सरोवर नगरी के खूबसूरत नजारों का आनंद लेने और मंदिर में दर्शन के लिए मैदानी व पहाड़ी इलाकों से लगातार बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। सड़कों पर वाहनों के भारी दबाव और घंटों लंबे लगने वाले जाम से आम मुसाफिरों व स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित रखने के मकसद से नैनीताल पुलिस ने एक विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी लागू की है।
24 से 26 अक्टूबर तक लागू रहेगा कड़ा बंदोबस्त
नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मंजूनाथ टीसी ने बताया है कि यह विशेष यातायात योजना 24 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक पूरी सख्ती के साथ प्रभावी रहेगी। प्रशासन ने हाईवे और संपर्क मार्गों पर आवागमन सुचारु रखने के लिए भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर समयबद्ध रोक लगाई है। इसके साथ ही निजी चार पहिया वाहनों के लिए शहर के बाहर व्यवस्थित पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जहां से यात्रियों को मंदिर तक ले जाने के लिए विशेष शटल सेवा संचालित की जा रही है। मुक्तेश्वर, भवाली और भीमताल को जोड़ने वाली संकरी पहाड़ी सड़कों पर गाड़ियों का दबाव घटाने के लिए व्यापक डायवर्जन व्यवस्था भी लागू की गई है।
कमर्शियल वाहनों और टैक्सियों के प्रवेश पर सख्त पाबंदियां
सड़क सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के तहत प्रशासन ने मालवाहक और व्यावसायिक वाहनों के लिए कड़े नियम निर्धारित किए हैं। कैंची धाम मार्ग पर सभी प्रकार के भारी कमर्शियल वाहनों का आवागमन सुबह 3 बजे से दोपहर 11 बजे तक पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। निर्धारित समय सीमा के दौरान ऐसे सभी ट्रकों और भारी गाड़ियों को जिले की सीमाओं के बाहर ही रोक दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त वीकेंड के दौरान कैंची धाम के नजदीकी क्षेत्र में टैक्सियों, आम दोपहिया वाहनों और पीली नंबर प्लेट वाले कमर्शियल टू-व्हीलर्स की सीधी आवाजाही पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।
निजी गाड़ियों के लिए पार्किंग स्थल और शटल बसों की व्यवस्था
अपनी निजी गाड़ियों से कैंची धाम दर्शन करने आ रहे श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने रूट के अनुसार अलग-अलग पार्किंग स्थल चिन्हित किए हैं
- भीमताल मार्ग से आने वाली गाड़ियां: वाया भीमताल पहुंचने वाली सभी निजी कारों को विकास भवन पार्किंग (भीमताल) में पार्क कराया जा रहा है। यहां वाहन खड़े करने के बाद श्रद्धालु स्थानीय शटल सेवा लेकर भवाली और वहां से कैंची धाम मंदिर तक का सफर तय करेंगे।
- ज्योलिकोट, गेठिया और नैनीताल रूट: इस रास्ते से होकर आने वाले वाहनों को भवाली सैनेटोरियम पार्किंग में सुरक्षित खड़ा कराया जाएगा। यहां से भी यात्रियों के लिए मंदिर परिसर तक पहुंचने हेतु निरंतर शटल टैक्सियों और बसों का संचालन तय किया गया है।
पहाड़ी और मैदानी रूटों के लिए वैकल्पिक डायवर्जन प्लान
पहाड़ों के विभिन्न जिलों और मैदानी क्षेत्रों के बीच सफर करने वाले आम यात्रियों व लंबी दूरी की बसों के लिए वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था की गई है
- पहाड़ से मैदान की ओर जाने वाले वाहन: अल्मोड़ा, बागेश्वर, जागेश्वर और पिथौरागढ़ से मैदानी जिलों की तरफ जाने वाली सभी गाड़ियां लमगड़ा, धानाचूली, धारी और खुटानी बैंड होते हुए भीमताल के रास्ते आगे भेजी जा रही हैं।
- मैदान से पहाड़ की ओर जाने वाला ट्रैफिक: हल्द्वानी, काठगोदाम और अन्य मैदानी हिस्सों से अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर व जागेश्वर जाने वाले वाहनों को खुटानी बैंड (भीमताल), धारी और धानाचूली बैंड वाले रूट से आगे रवाना किया जाएगा।
- रानीखेत जाने वाले मुसाफिर: काठगोदाम से रानीखेत की तरफ जाने वाले वाहनों को खुटानी बैंड से मोड़कर मुक्तेश्वर और रामगढ़ मार्ग के जरिए भेजा जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों की आवाजाही के लिए विशेष लिंक रोड
सैलानियों की भारी भीड़ के बीच पहाड़ी क्षेत्रों के स्थानीय निवासियों को दैनिक कार्यों में किसी तरह की बाधा न आए, इसका विशेष ध्यान रखा गया है। भीमताल, नैनीताल और ज्योलिकोट के वे स्थानीय नागरिक जो गरमपानी, खैरना अथवा बेतालघाट की ओर जाना चाहते हैं, उन्हें मुख्य जाम वाले रास्तों से अलग रखा गया है। इन स्थानीय निवासियों के निर्बाध सफर के लिए प्रशासन ने वाया दूनीखाल-रातीघाट लिंक रोड से आवागमन की विशेष छूट दी है।
























