सर्दियों का मौसम आते ही प्रकृति में बदलाव शुरू हो जाता है और पेड़-पौधों की देखभाल के तरीके भी बदल जाते हैं। जहां कुछ वनस्पतियों को सुहाना मौसम रास आता है, वहीं कई प्रजातियां ठंड और धूप की कमी के कारण मुरझाने लगती हैं। घर की बालकनी या होम गार्डन को हरा-भरा रखने के शौकीन लोगों के लिए यह जानना बहुत आवश्यक है कि कौन से पौधे इस मौसम में टिक नहीं पाते। तापमान में गिरावट और सूरज की रोशनी कम मिलने से कई पौधों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है।
किन पौधों को नहीं लगाना चाहिए
ऋषिकेश के रहने वाले गार्डनर राम सागर के अनुसार, गुड़हल, बोगनवेलिया, सदाबहार और क्रोटन जैसे पौधों को अच्छी ग्रोथ के लिए तेज धूप और गर्म आबोहवा की जरूरत होती है। जब मौसम ठंडा होता है और सर्द हवाएं चलती हैं, तो इन पौधों का विकास रुक जाता है। अत्यधिक ठंड के संपर्क में आने पर गुड़हल और बोगनवेलिया जैसे पौधे अंदर से कमजोर होने लगते हैं, जबकि क्रोटन की खूबसूरत पत्तियां भी खराब हो जाती हैं। यदि इन्हें खुले आसमान के नीचे रखा जाए जहाँ सीधी ठंडी हवा लगती है, तो इनके सूखने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
पाले और ठंड का पौधों पर प्रभाव
सर्दियों की रातों में पड़ने वाला पाला इन पौधों के लिए और भी ज्यादा नुकसानदायक साबित होता है। पाले की वजह से पत्तियों के ऊपर ओस की बूंदें जम जाती हैं और ठंडक के कारण पत्तियां झुलसने लगती हैं। इसके अलावा पौधों की नाजुक टहनियां भी खराब हो जाती हैं। तापमान अत्यधिक कम होने पर पौधों की आंतरिक प्रक्रियाएं धीमी पड़ जाती हैं, जिससे उनकी लंबाई और फैलाव थम जाता है और अंततः वे सूखकर दम तोड़ देते हैं। इसलिए बागवानी करते समय यह सावधानी रखनी जरूरी है कि सर्दियों के अनुकूल न होने वाली प्रजातियों को इस मौसम में लगाने से बचा जाए।























