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राजस्थान में कमजोर पड़ा मानसून, कोटा और भरतपुर में थम सकती है बारिशराजस्थान
8 सित॰ 2026, 6:15 am (1 घंटे पहले)· 3

राजस्थान में कमजोर पड़ा मानसून, कोटा और भरतपुर में थम सकती है बारिश

राजस्थान में मानसून की चाल धीमी पड़ने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार 8 सितंबर से अगले एक सप्ताह तक व्यापक बारिश पर ब्रेक लग सकता है, हालांकि 12-13 सितंबर से नया दौर शुरू होने के आसार हैं।

राजस्थान के मौसम मिजाज में अब बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले कई दिनों से पूरे राज्य में सक्रिय रहने वाला मानसून अब सुस्त पड़ने लगा है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर और आईएमडी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 8 सितंबर से प्रदेश के अधिकांश इलाकों में बारिश का जोर कम हो जाएगा। आने वाले लगभग एक हफ्ते तक बड़े पैमाने पर होने वाली बरसात के थमने की संभावना जताई गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि पूर्वी राजस्थान के कुछ संभागों में छिटपुट बौछारें पड़ने की उम्मीद अभी भी बनी हुई है।

8 से 10 सितंबर तक मौसम का हाल

आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार 8 सितंबर से 10 सितंबर के बीच मानसून का प्रभाव काफी हद तक सीमित रहेगा। इस समयावधि में राज्यभर में लगातार और भारी बारिश के आसार नहीं हैं। पूर्वी राजस्थान के चुनिंदा स्थानों पर स्थानीय मौसम की परिस्थितियों के कारण हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। दूसरी तरफ पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की उम्मीद है। मुख्य रूप से 8 सितंबर को जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश हो सकती है। राजधानी जयपुर में इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

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भरतपुर और कोटा में बारिश की संभावना, पश्चिमी हिस्से में सूखा

पूर्वी राजस्थान के जिलों में 8 सितंबर को पूरी तरह से सूखा मौसम नहीं रहेगा। भरतपुर, करौली, सवाई माधोपुर और उनके आसपास के इलाकों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इसके अलावा कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों में भी हल्की से मध्यम बौछारें गिरने के संकेत हैं। जयपुर और दौसा के पास भी छिटपुट पानी बरस सकता है। इसके विपरीत जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, नागौर, बीकानेर, श्रीगंगानगर और पश्चिमी राजस्थान के अन्य जिलों में मौसम मुख्य रूप से साफ और शुष्क रहेगा। इन इलाकों में दिन के समय तापमान बढ़ सकता है और लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है。

12 और 13 सितंबर से वापसी कर सकता है मानसून

बारिश पर लगने वाला यह विराम बहुत लंबा नहीं खिंचेगा। आईएमडी के ताजा आंकलन के मुताबिक 12 और 13 सितंबर से पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में एक बार फिर से बारिश की गतिविधियां जोर पकड़ सकती हैं। इस अवधि में पूरबाई हवाओं के चलने से हवा में नमी की मात्रा में इजाफा होगा। इसके फलस्वरूप पूर्वी, दक्षिण-पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के अनेक स्थानों पर खंड-खंड बारिश होने की संभावना है। हालांकि अभी तक किसी नए और सक्रिय निम्न दबाव के क्षेत्र को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है, इसलिए आगामी दौर मुख्य रूप से पूरबाई हवाओं के प्रभाव पर निर्भर करेगा। बंगाल की खाड़ी में पैदा होने वाला नया मौसमी सिस्टम, मानसून ट्रफ की स्थिति और हवाओं का रुख इस पूरे पूर्वानुमान में फेरबदल भी कर सकता है।

आगे कैसा रहेगा मौसम का मिजाज

मौसम विभाग के विस्तारित पूर्वानुमान पर नजर डालें तो 16 और 17 सितंबर के आसपास प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में एक बार फिर गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि 10 से 15 दिनों के मौसम पूर्वानुमान में बदलाव होना स्वाभाविक है, इसलिए 12 से 15 सितंबर के संभावित बारिश के दौर को लेकर आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक साफ हो जाएगी। फिलहाल 8 सितंबर को किसी भी जिले के लिए कोई गंभीर चेतावनी जारी नहीं की गई है, जिससे लोगों को फिलहाल किसी बड़े खतरे का सामना नहीं करना पड़ेगा।

सवाल-जवाब

राजस्थान में मानसून कब से कमजोर हो रहा है?
आईएमडी के अनुसार राजस्थान में 8 सितंबर से मानसून की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।
8 से 10 सितंबर के बीच मौसम कैसा रहेगा?
इस दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक बारिश थम जाएगी और पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा।
किन संभागों में 8 सितंबर को बारिश हो सकती है?
भरतपुर, जयपुर और कोटा संभागों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।
जयपुर में 8 सितंबर को तापमान कितना रह सकता है?
जयपुर में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
बारिश का अगला दौर कब शुरू हो सकता है?
आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक 12 और 13 सितंबर से पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है।
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·43 मिनट पहले

हालांकि यह खबर मुख्य रूप से मौसम के उतार-चढ़ाव और मानसून की चाल पर केंद्रित है, लेकिन आपराधिक मामलों और कानून-व्यवस्था की बीट पर काम करने वाले एक संवाददाता के रूप में मेरा यह मानना है कि मौसम में इस प्रकार के अचानक बदलाव और उमस भरी गर्मी का असर सीधे तौर पर सार्वजनिक जीवन और स्थानीय व्यवस्था पर पड़ता है। जब पश्चिमी राजस्थान में तापमान बढ़ता है और उमस बढ़ती है, तब सार्वजनिक स्थानों पर तनाव और आपाधापी की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे स्थानीय पुलिस प्रशासन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ती है।

Rohan Verma@rohan-verma·43 मिनट पहले

रोहन वर्मा की ओर से यह विश्लेषणात्मक टिप्पणी है कि मौसम के ऐसे बदलाव न केवल कृषि और जलापूर्ति को प्रभावित करते हैं, बल्कि पश्चिमी राजस्थान के शुष्क और गर्म क्षेत्रों में दैनिक श्रम करने वाले तबके के लिए कठिनाइयाँ बढ़ाते हैं। तापमान और उमस में वृद्धि से सार्वजनिक जीवन की गतिशीलता बाधित होती है, जिस पर जिला प्रशासन और स्थानीय शासन को आपदा प्रबंधन के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं के मोर्चे पर विशेष सतर्कता रखनी होगी ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।

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