बागेश्वर जिले में बीते कई दिनों से हो रही बारिश और अलग-अलग जगहों पर हो रहे भूस्खलन ने यहां के पर्यटन कारोबार की रौनक छीन ली है. कौसानी, बैजनाथ और बागेश्वर जैसे लोकप्रिय पर्यटन और धार्मिक ठिकानों पर इन दिनों पर्यटकों की तादाद बेहद कम नजर आ रही है. जो जगहें आम दिनों में सैलानियों की भीड़ से गुलजार रहती थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा है. खराब मौसम और बाधित सड़कों की वजह से बाहर से आने वाले लोग अपनी यात्रा टाल रहे हैं.
कौसानी की खूबसूरत वादियों में इस बार कम रौनक
कौसानी अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और हिमालय की चोटियों के मनोरम नजारों के लिए देश-दुनिया में जाना जाता है. मानसून में यहां की पहाड़ियां हरी चादर ओढ़ लेती हैं और नजारा और भी दिलकश हो जाता है, फिर भी इस बार बारिश की वजह से पर्यटकों की तादाद में वह उछाल नहीं दिख रहा जिसकी उम्मीद की जाती थी. सड़कों पर भूस्खलन और मलबा गिरने का खतरा बना रहने के कारण सैलानी लंबी दूरी की यात्रा से परहेज कर रहे हैं.
बैजनाथ और बागनाथ धाम में भी श्रद्धालु कम पहुंचे
स्थानीय कारोबारी हरीश सोनी के मुताबिक बैजनाथ के पुराने मंदिर समूह और बागनाथ धाम में भी मानसून का असर साफ दिख रहा है. धार्मिक यात्रा के लिए जाने जाने वाले इन इलाकों में आम दिनों के मुकाबले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आमद घट गई है. बारिश की वजह से बहुत से लोग निकलने से पहले सड़क और मौसम का हाल जान लेना चाहते हैं, जिसका सीधा असर स्थानीय पर्यटन गतिविधियों पर पड़ा है.
होटल, होमस्टे और टैक्सी संचालकों की कमाई पर सीधी चोट
पर्यटकों की घटती संख्या का सबसे ज्यादा नुकसान होटल, होमस्टे, टैक्सी चलाने वालों, रेस्टोरेंट मालिकों और छोटे दुकानदारों को उठाना पड़ रहा है. जिस सीजन में इन कारोबारियों को अच्छी कमाई की उम्मीद रहती है, इस बार मानसून ने उनकी योजना बिगाड़ दी है. होटल और होमस्टे संचालकों का कहना है कि कई बुकिंग रद्द हो चुकी हैं, तो कई पर्यटकों ने अपनी यात्रा आगे के लिए टाल दी है.
सड़कों की तुरंत बहाली और निगरानी की उठी मांग
जिले में बारिश के चलते कई मोटर मार्ग बार-बार बंद हो रहे हैं, जिससे आवाजाही में दिक्कत आ रही है. इसका असर स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों पर भी पड़ रहा है. कारोबारियों का कहना है कि मानसून के दौरान प्रमुख पर्यटक मार्गों पर खास निगरानी रखी जानी चाहिए, ताकि सड़क बंद होने पर तुरंत मलबा हटाकर रास्ता खोला जा सके. उनका मानना है कि इससे पर्यटकों का भरोसा फिर से लौट सकता है.
स्थानीय पर्यटन कारोबारियों को उम्मीद है कि मौसम साफ होते ही और सड़कें पूरी तरह दुरुस्त होने के बाद पर्यटकों की आवाजाही फिर रफ्तार पकड़ेगी. उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि प्रमुख पर्यटन मार्गों की नियमित निगरानी हो, संवेदनशील जगहों पर तेजी से कार्रवाई की जाए और सैलानियों को सड़क व मौसम की सही और समय पर जानकारी दी जाए, ताकि वे बेवजह अपनी यात्रा रद्द न करें.




















